बिना अनुमति ब्लास्टिंग की तैयारी नाकाम, क्रॉलर कंप्रेसर से किए गए 24 होल
जलका शहापुर की खदान में राजस्व विभाग की धड़क कार्रवाई

एक सप्ताह में दूसरी घटना, आवश्यक दस्तावेज नहीं मिलने पर सामग्री जब्त कर तहसीलदार को सौंपी रिपोर्ट
अमरावती/दि.15 – अमरावती जिले के जलका शहापुर स्थित खदान में बिना अनुमति ब्लास्टिंग की तैयारी किए जाने का मामला सामने आया है. मंगलवार, 13 अक्टूबर को सर्वे नंबर 25 स्थित अरुण पडोले की खदान में क्रॉलर कंप्रेसर मशीन की सहायता से 24 होल किए जाने की जानकारी मिलने पर राजस्व विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की. खदान में चल रहे काम के संबंध में आवश्यक अनुमति और दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जाने पर अधिकारियों ने पंचनामा किया. साथ ही घटनास्थल पर मिली सामग्री जब्त कर मामले की रिपोर्ट आगे की कार्रवाई के लिए तहसीलदार को सौंप दी.
जानकारी के मुताबिक शहापुर क्षेत्र में अरुण पडोले की खदान में मंगलवार सुबह क्रॉलर कंप्रेसर मशीन से 24 होल किए गए थे. इस गतिविधि की जानकारी मिलने पर कुछ जागरूक नागरिकों ने तत्काल तहसीलदार को सूचना दी. इसके बाद राजस्व विभाग का दल तुरंत घटनास्थल पर पहुंचा और खदान में चल रहे काम का निरीक्षण किया.
* सुपरवाइजर से मांगे दस्तावेज, नहीं कर सके प्रस्तुत
मौके पर पहुंची राजस्व विभाग की टीम ने खदान में चल रहे काम के साथ ही बोरिंग और आवश्यक अनुमतियों से संबंधित दस्तावेजों की जानकारी मांगी. इस दौरान खड़ी क्रेशर के सुपरवाइजर से भी पूछताछ की गई. हालांकि, संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जाने के कारण राजस्व विभाग ने घटनास्थल का पंचनामा किया. इसके बाद पूरे मामले की रिपोर्ट तैयार कर तहसीलदार को आगे की कार्रवाई के लिए भेजी गई. घटनास्थल पर मिली सामग्री भी जब्त कर ली गई. इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र के अन्य खदान संचालकों में भी हलचल मच गई है.
* एक सप्ताह में दूसरी घटना से उठे सवाल
शहापुर क्षेत्र में एक सप्ताह के भीतर बिना अनुमति ब्लास्टिंग की तैयारी से जुड़ी यह दूसरी घटना बताई जा रही है. स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि क्षेत्र में कथित तौर पर बिना आवश्यक अनुमति ब्लास्टिंग की गतिविधियां संचालित की जा रही हैं, जिससे आसपास के लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. साथ ही, नियमों का उल्लंघन होने पर शासन के राजस्व को नुकसान पहुंचने की आशंका भी जताई जा रही है. अब राजस्व विभाग की रिपोर्ट के बाद प्रशासन क्या कदम उठाता है, संबंधित खदान की अनुमतियों की जांच किस प्रकार की जाती है और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर क्या कार्रवाई होती है, इस पर क्षेत्रवासियों की नजरें टिकी हैं. यह कार्रवाई नांदगांव पेठ के मंडल अधिकारी के मार्गदर्शन में संयुक्त दल में ग्राम राजस्व अधिकारी मनोज धर्माले, आदेश गजभिये, राजेश दंदे और धीरज बोबडे के दल ने की.





