महाराष्ट्र में घुसपैठ कर रहे रेत तस्कर नदियों का सीना छलनी कर रहे

देवगांव, शेंदुरजनाघाट और पुसला पुलिस के रडार पर

सितंबर तक रेत तस्करी के 117 मामले दर्ज
जब्त रेत की कीमत में 340 प्रतिशत की वृद्धि
अमरावती /दि.15- जिले में अवैध रेत उत्खनन और परिवहन के मामले लगातार सामने आ रहे हैं. इस पर अंकुश लगाने के लिए अमरावती ग्रामीण पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है. वर्धा जिले के देवगांव मार्ग के साथ ही मध्य प्रदेश से शेंदुरजनाघाट और पुसला के रास्ते अवैध रेत महाराष्ट्र में लाए जाने की जानकारी सामने आई है. इन मार्गों पर ग्रामीण अपराध शाखा की विशेष नजर है.
पुलिस के आंकड़ों के मुताबिक जनवरी से सितंबर 2025 के दौरान जिले में अवैध रेत तस्करी के 80 मामले दर्ज किए गए थे. वहीं, जनवरी से सितंबर 2026 तक यह संख्या बढ़कर 117 हो गई है. पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष मामलों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है. इसके साथ ही जब्त रेत की कीमत और प्रतिबंधात्मक कार्रवाई के आंकड़ों में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है.
* देवगांव, शेंदुरजनाघाट और पुसला पर विशेष नजर
वर्धा जिले के देवगांव मार्ग से अवैध रेत की ढुलाई होने की जानकारी सामने आई है. इसके अलावा, तालेगांव दशासर और मंगरुल दस्तगीर पुलिस थानों की सीमा में आने वाले रेत घाटों से भी अवैध रेत परिवहन किया जाता है. वहीं, मध्य प्रदेश से शेंदुरजनाघाट और पुसला के रास्ते महाराष्ट्र में अवैध रेत लाए जाने की गतिविधियों पर भी पुलिस नजर रख रही है. स्थानीय अपराध शाखा ने इन मार्गों पर निगरानी बढ़ाई है. सीमावर्ती इलाकों में अवैध रेत परिवहन रोकने के लिए जांच और कार्रवाई की जा रही है.
* जब्त रेत की कीमत में 340 प्रतिशत की वृद्धि
पुलिस अधीक्षक निकेतन कदम के नेतृत्व में की गई कार्रवाई के दौरान जब्त रेत की कीमत में बड़ी वृद्धि दर्ज की गई है. सितंबर 2025 तक जब्त रेत की कीमत 18 लाख 60 हजार 40 रुपये थी. वहीं, सितंबर 2026 के अंत तक यह बढ़कर 81 लाख 85 हजार 157 रुपये हो गई. इस प्रकार, पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में जब्त रेत की कीमत में लगभग 340 प्रतिशत की वृद्धि हुई है. रेत के साथ परिवहन में इस्तेमाल किए गए वाहन और मोबाइल फोन सहित जब्त की गई अन्य सामग्री का कुल मूल्य भी करोड़ों रुपये में बताया गया है.
* प्रतिबंधात्मक कार्रवाई में भी तेजी
अवैध रेत उत्खनन और परिवहन में शामिल लोगों के खिलाफ पुलिस ने प्रतिबंधात्मक कार्रवाई भी बढ़ाई है. वर्ष 2025 में सितंबर तक 62 लोगों से अंतिम बंधपत्र भरवाए गए थे, जबकि वर्ष 2026 में इसी अवधि तक यह संख्या बढ़कर 152 हो गई है. यह आंकड़ा दर्शाता है कि पुलिस ने अवैध रेत कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए कार्रवाई का दायरा बढ़ाया है.
* सीमावर्ती मार्गों पर 24 घंटे निगरानी
ग्रामीण अपराध शाखा के प्रमुख अशोक लांडे के अनुसार, सितंबर 2026 के अंत तक रेत चोरी और अवैध परिवहन के संबंध में 117 प्राथमिकी दर्ज की गई हैं. जिले के सीमावर्ती क्षेत्रों में जांच चौकियों और अवैध परिवहन के संभावित मार्गों पर पुलिस 24 घंटे निगरानी रख रही है. पुलिस का उद्देश्य अवैध रेत परिवहन पर रोक लगाना और इस कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करना है. हालांकि, मामलों में हुई वृद्धि के बीच नदियों और उनके किनारों को अवैध उत्खनन से होने वाले नुकसान को रोकना भी प्रशासन के सामने एक बड़ी चुनौती बनी हुई है.

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