इस्कॉन अमरावती में 28 से 30 अप्रैल तक विविध आयोजनो की धूम

28 को रुक्मिणी द्वादशी, 30 को नृसिंह चतुर्दशी महामहोत्सव

अमरावती/दि.25- इस्कॉन अमरावती द्वारा 28 अप्रैल को श्री रुक्मिणी द्वादशी महामहोत्सव तथा 30 अप्रैल को श्री नृसिंह चतुर्दशी महामहोत्सव का भव्य आयोजन किया जा रहा है. राठी नगर स्थित सरस्वती कॉलोनी में श्री श्री रुक्मिणी द्वारकाधीश आध्यात्मिक संस्कार केंद्र (इस्कॉन) में आयोजित इन दोनों महामहोत्सवों में महाराष्ट्र के विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है.
पहला महामहोत्सव 28 अप्रैल को प्रातः 4:30 बजे मंगल आरती से प्रारंभ होगा. इसके बाद हरे कृष्ण महामंत्र का सामूहिक जप, दर्शन आरती और गुरु पूजा सम्पन्न होगी. सायं 6 बजे संकीर्तन के साथ श्री श्री रुक्मिणी द्वारकाधीश का महाअभिषेक किया जाएगा. इसके पश्चात इस्कॉन भक्त प्रह्लाद स्कूल के विद्यार्थियों द्वारा श्री रुक्मिणी जन्मोत्सव पर आधारित नृत्य-नाटिका प्रस्तुत की जाएगी. कार्यक्रम में श्रीमान अनंतशेष प्रभुजी द्वारा रुक्मिणी कथा का वाचन, 56 भोग दर्शन, श्री रुक्मिणी महारानी के विशेष चरण दर्शन तथा महाआरती का आयोजन भी होगा. अंत में महाप्रसाद वितरण के साथ कार्यक्रम का समापन किया जाएगा.
दूसरा महामहोत्सव 30 अप्रैल को श्री नृसिंह चतुर्दशी के अवसर पर आयोजित होगा. प्रातः 4:30 बजे श्री श्री रुक्मिणी द्वारकाधीश तथा श्री श्री लक्ष्मी नृसिंह-प्रह्लाद की मंगल आरती से कार्यक्रम का शुभारंभ होगा. इसके बाद सामूहिक महामंत्र जप, दर्शन आरती और गुरु पूजा सम्पन्न होगी. सायंकाल 6 बजे संकीर्तन के साथ श्री श्री लक्ष्मी नृसिंह एवं प्रह्लाद का महाअभिषेक किया जाएगा. इस अवसर पर विद्यार्थियों द्वारा श्री नृसिंह प्राकट्य लीला पर आधारित नाटिका प्रस्तुत की जाएगी. साथ ही श्रीमान अनंतशेष प्रभुजी द्वारा नृसिंह-प्रह्लाद कथा का श्रवण कराया जाएगा. 56 भोग दर्शन, महाआरती और महाप्रसाद के साथ कार्यक्रम का समापन होगा.
बता दें कि, इस्कॉन अमरावती का यह मंदिर विशेष आध्यात्मिक महत्व रखता है, क्योंकि यहां श्री श्री रुक्मिणी द्वारकाधीश के विग्रह विराजमान हैं. विश्वभर के इस्कॉन मंदिरों में श्री रुक्मिणी महारानी के विग्रह विरले ही स्थापित हैं और अमरावती का यह मंदिर उनमें प्रमुख माना जाता है. अमरावती जिले के समीप स्थित कौंडण्यपुर को श्री रुक्मिणी महारानी की जन्मस्थली माना जाता है, जिससे इस आयोजन का धार्मिक महत्व और बढ़ जाता है. इस्कॉन अमरावती के अध्यक्ष श्रीमान अद्वैताचार्य प्रभुजी ने अमरावतीवासियों से इन दोनों महामहोत्सवों में अधिकाधिक संख्या में उपस्थित होकर श्री श्री रुक्मिणी द्वारकाधीश तथा श्री श्री लक्ष्मी नृसिंह-प्रह्लाद का आशीर्वाद प्राप्त करने का आग्रह किया है. आयोजन की तैयारियों में इस्कॉन अमरावती के भक्तगण दिन-रात सेवा में जुटे हुए हैं.

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