बारिश के साथ ही संक्रामक रोगों का भी खतरा

रोग नियंत्रण के लिए तैयारियां शुरू

* प्रशासन को सतर्क रहने की सूचना
* मच्छर नियंत्रण मुहीम चलाने का निर्देश
अमरावती/दि.12- जिले में मानसून का आगमन होते ही स्वास्थ्य व्यवस्था के सामने संक्रमण रोग का आवाहन है. डेंग्यू, मलेरिया, अतिसार, गॅस्ट्रो, टायफाइड जैसे बीमारी का प्रादुर्भाव बढने की संभावना को ध्यान में रखकर स्वास्थ्य विभाग ने अभी से कमर कस ली है. जिले के सभी वैद्यकीय अधिकारी, स्वास्थ्य कर्मचारी और क्षेत्रीय यंत्रणा को सतर्क रहने की सूचना दी गई है. इसके अलावा संभावित संक्रमण रोग पर नियंत्रण के लिए व्यापक कृति ब्यौरा तैयार किया है.
बारिश के दिनों में दूषित पानी, जमा पानी और अस्वस्थता के कारण विविध संक्रमक बीमारी तेजी से फैलती है. जिसके कारण प्रतिबंधात्मक योजना पर जोर दिया गया है. प्रत्येक गांव में नियमित घरों में भेंट देन,संदेहात्मक मरीजों की खोज, दैनिक सर्वेक्षण, स्वास्थ्य जनजागृति और मच्छर नियंत्रण अभियान चलाने के निर्देश दिए गये है. जोखिमग्रस्त गांव पर विशेष ध्यान केन्द्रित करने की सूचना दी है.
* बारिश में इस संक्रमक रोग की संभावना
डेंग्यू, मलेरिया, चिकनगुनिया, डायरिया, गॅस्ट्रोएन्टेरायटिस, टायफाइॅड, कावील, लेप्टोस्पायरोसिस, त्वचारोग, संक्रमक बुखार की संभावना रहती है.
* जिला प्रशासन की क्या पूर्व तैयारी
सभी स्वास्थ्य संस्था में औषधी का संग्रह रखना आवश्यक, आवश्यक वैद्यकीय सामग्री की उपलब्धता, संक्रमक रोग पर नियंत्रण के लिए स्वतंत्र पथक, प्रयोगशाला जांच की सुविधा सज्ज रखना, संदेहात्मक मरीजों का तत्काल पंजीयन व उपचार की व्यवस्था, ग्राम स्तर पर जनजागृति अभियान चलाया जाता है.

* जिले में मानसून का आगमन कब
मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार 15 जून को जिले में मानसून सक्रिय होने की संभावना है. जिसके कारण बारिश में फैलनेवाली संक्रमण रोगों की दृष्टि से स्वास्थ्य यंत्रणा सज्ज रखने के निर्देश दिए है.

* वैद्यकीय कर्मचारियों को मुख्यालय में रहने के आदेश
संंक्रमण रोग नियंत्रण की पृष्ठभूमि पर सभी वैद्यकीय अधिकारी, स्वास्थ्य अधिकारी, स्वास्थ्य सेविका, संबंधित कर्मचारियों को मुख्यालय में उपस्थित रहने के आदेश दिए गये है.

* जोखीमग्रस्त गांव के लिए विशेष ब्यौरा
विगत वर्ष में डेंग्यु, मलेरिया अथवा डायरिया संक्रमक रोग दिखाई देनेवाले गांवों की स्वतंत्र सूची तैयार की है. यहां अतिरिक्त सर्वेक्षण, डांस नियंत्रण उपाय योजना चलाई जायेगी.

* नियमित भेट, दैनिक सर्वेक्षण के निर्देश
प्रत्येक गांव में आशा स्वयंसेविका, आरोग्य कर्मचारी और क्षेत्रीय पथको द्बारा नियमित घर भेट देने के निर्देश दिए है. बुखार, डायरिया, उलटी अथवा अन्य संसर्गजन्य लक्षण रहनेवालों लोगों के नाम दर्ज कर उपचार करने की सूचना दी है.
* मरीजों की खोज नागरिकों की स्वास्थ्य शिक्षा
संदेहात्मक मरीजों की खोज करने के साथ ही नागरिकों में स्वास्थ्य विषयक जनजागृति की जायेगी. पानी उबालकर ठंडा करके पीना, हाथ धोने की आदत, भोजन स्वच्छ रखना, बुखार आने पर तत्काल जांच करना इस संबंध मेें जानकारी दी जायेगी.

* बारिश की पृष्ठभूमि पर स्वास्थ्य विभाग द्बारा नियमित सर्वेक्षण, घर भेट, औषध संग्रह जनजागृति और मच्छर नियंत्रण उयाय योजना पर विशेष जोर दिया गया है. नागरिक भी स्वच्छता रखकर स्वास्थ्य विभाग को सहयोग करें.
– डॉ. सुरेश रणमले,
जिला स्वास्थ्य अधिकारी

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