अमरावती विधान परिषद चुनाव में
453 नहीं, 451 थे मतदाता

* दो पार्षदों के निधन से घटी मतदाता संख्या, चुनावी गणित में आया बदलाव
* दर्यापुर के रामेश्वर दांडेकर और धारणी की जमुनाबाई चौबे के निधन से दो वोट कम हुए
अमरावती/ दि.18 – अमरावती स्थानीय स्वायत्त निकाय निर्वाचन क्षेत्र के विधान परिषद चुनाव को लेकर मतदाताओं की संख्या के संबंध में महत्वपूर्ण तथ्य सामने आया है. चुनावी समीकरणों में अब तक कुल 453 मतदाताओं का उल्लेख किया जा रहा था, लेकिन दो निर्वाचित पार्षदों के निधन के कारण वास्तविक मतदाता संख्या घटकर 451 रह गई थी. जानकारी के अनुसार दर्यापुर नगर परिषद के पार्षद रामेश्वर दांडेकर तथा धारणी नगर पंचायत की पार्षद जमुनाबाई चौबे का चुनाव प्रक्रिया से पूर्व ही निधन हो चुका था. परिणामस्वरूप इन दोनों पदों के मताधिकार समाप्त हो गए और कुल मतदाता संख्या में दो वोटों की कमी दर्ज हुई.
* महायुति के पास था सबसे अधिक मतों का आधार
बता दे कि स्थानीय स्वायत्त निकाय निर्वाचन क्षेत्र में भारतीय जनता पार्टी के पास अपने बलबूते 150 मतदाता सदस्य थे. इसके अलावा महायुति के घटक दलों में शामिल अजीत पवार गुट की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के 33, युवा स्वाभिमान पार्टी के 26, प्रहार जनशक्ति पार्टी के 21 तथा शिंदे गुट की शिवसेना के 18 सदस्य हैं. इन सभी दलों की संयुक्त संख्या जोड़ने पर महायुति के पास कुल 248 मतों का आधार माना जा रहा था, जिससे भाजपा उम्मीदवार की स्थिति चुनाव पूर्व ही मजबूत दिखाई दे रही थी.
* महाविकास आघाड़ी के पास थे 153 वोट, सब बिखर गये
दूसरी ओर कांग्रेस के पास 120 मतदाता सदस्य हैं. इसके साथ महाविकास आघाड़ी में शामिल उद्धव ठाकरे गुट की शिवसेना के 22 तथा शरद पवार गुट की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के 11 सदस्य हैं. इस प्रकार मविआ के पास कुल 153 मतों का आधार बनता है. परंतु चुनावी मैदान में मविआ की ओर से कांग्रेस के प्रत्याशी रहनेवाले हर्षजीत देशमुख द्बारा ऐन समय पर चुनावी मैदान से अपने कदम पीछे खींच लिए जाने तथा कांग्रेस सहित मविआ में शामिल घटकदलों के साथ ही अन्य दलों द्बारा अपने पार्षदों को किसी अन्य प्रत्याशी का समर्थन करने के बारे में कोई स्पष्ट निर्देश नहीं दिए जाने के चलते मविआ के वोटों में जबर्दस्त बिखराव दिखाई दिया. यद्यपि कांग्रेस ने अपने पार्षदों को तटस्थ रहने के संदर्भ में व्हिप जारी किया था. परंतु कांग्रेस के इस व्हिप का जिले भर में कांग्रेसी पार्षदों द्बारा खुले आम उल्लंघन किया गया.
* आंकड़ों से बदला चुनावी गणित
कुल 453 मतदाताओं की चर्चा के बीच दो पार्षदों के निधन के कारण वास्तविक मतदाता संख्या 451 रहने से चुनावी गणित में भी मामूली बदलाव आया. हालांकि इससे किसी भी पक्ष की मूल शक्ति में बड़ा अंतर नहीं पड़ा, लेकिन जीत-हार के अंतर और मतों की अंतिम गणना पर इसका प्रभाव पड़ सकता है.
मतों का अनुमानित दलवार गणित
भाजपा : 150
राष्ट्रवादी कांग्रेस (अजित पवार गुट) : 33
युवा स्वाभिमान पार्टी : 26
प्रहार जनशक्ति पार्टी : 21
शिवसेना (शिंदे गुट) : 18
महायुति कुल : 248
कांग्रेस : 120
शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) : 22
राष्ट्रवादी कांग्रेस (शरद पवार गुट) : 11
मविआ कुल : 153
एआईएमआईएम : 16
बसपा, सपा, वंचित बहुजन आघाड़ी एवं निर्दलीय : 36
कुल मतदाता (पूर्व) : 453
दो पार्षदों के निधन के बाद मतदाता संख्या : 451





