लोकतंत्र के पर्व में जनप्रतिनिधियों का उत्साह रहा चरम पर
451 में से 427 ने किया वोटिंग

अमरावती विधान परिषद चुनाव में रिकॉर्ड 94.68 फीसद मतदान
* धारणी, अचलपुर, मोर्शी और चांदूर रेलवे केंद्रों पर शत-प्रतिशत मतदान
* अमरावती मनपा क्षेत्र में 88.42 व दर्यापुर में 98.33 फीसद वोट पडे
* तिवसा – भातकुली में सबसे कम 68.42 फीसद मतदान हुआ दर्ज
* मतदान में महिला प्रतिनिधियों की 94.25 भागीदारी रही उल्लेखनीय
* सभी दलों की महिला पार्षदों ने जमकर की वोटिंग
अमरावती/दि.18 – अमरावती स्थानीय प्राधिकारी मतदार संघ की विधान परिषद चुनाव प्रक्रिया के तहत गुरुवार को हुए मतदान में जनप्रतिनिधियों ने अभूतपूर्व उत्साह दिखाया. जिले के सातों मतदान केंद्रों पर कुल 94.68 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, जो स्थानीय स्वराज्य संस्थाओं के चुनावों में एक उल्लेखनीय उपलब्धि मानी जा रही है. कुल 451 मतदाताओं में से 427 ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया. चुनाव की सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि धारणी, अचलपुर, मोर्शी और चांदूर रेलवे जैसे चार मतदान केंद्रों पर शत-प्रतिशत मतदान हुआ. वहीं अमरावती महानगरपालिका क्षेत्र में भी लगभग 89 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया. पूरे दिन मतदान केंद्रों पर जनप्रतिनिधियों की आवाजाही बनी रही और अधिकांश स्थानों पर मतदान शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ.
* चार केंद्रों ने बनाया शत-प्रतिशत मतदान का रिकॉर्ड
जिले के चार मतदान केंद्रों पर एक भी मतदाता अनुपस्थित नहीं रहा. जिसके तहत धारणी केंद्र पर धारणी नगर पंचायत एवं चिखलदरा नगर परिषद कुल 42 मतदाता पंजीकृत थे, जिनमें 20 पुरुष और 22 महिला सदस्य शामिल थे. इस केन्द्र पर सभी 42 मतदाताओं ने मतदान कर 100 प्रतिशत मतदान दर्ज कराया. वहीं अचलपुर केंद्र पर अचलपुर एवं चांदुर बाजार नगरपालिकाओं से वास्ता रखनेवाले कुल 69 मतदाताओं में 33 पुरुष और 36 महिला सदस्य शामिल थे. इन सभी मतदाताओं ने मतदान कर लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी निभाई. इसके अलावा मोर्शी केंद्र पर मोर्शी, वरूड एवं शेंदुरजनाघाट नगर परिषदों कुल 81 मतदाता पंजीकृत थे. इनमें 43 पुरुष और 38 महिला मतदाता शामिल थे. इन सभी 81 सदस्यों ने मतदान कर शत-प्रतिशत मतदान का रिकॉर्ड बनाया. इसके साथ ही चांदूर रेलवे केंद्र पर पंजीकृत रहनेवाले चांदुर रेलवे व धामणगांव रेलवे नगर परिषदों व नांदगांव खंडेश्वर नगर पंचायत के कुल 66 मतदाताओं में 33 पुरुष और 33 महिला सदस्य शामिल थे. यहां भी सभी 66 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया.
* दर्यापुर में 98.33 प्रतिशत मतदान
दर्यापुर केंद्र पर दर्यापुर एवं अंजनगांव नगर परिषदों के कुल 60 मतदाता थे. इनमें से 59 ने मतदान किया. 30 महिला मतदाताओं में से सभी महिलाओ ने मतदान किया, जबकि 30 पुरुषों में से 29 पुरूष सदस्यों ने मतदान किया. कुल मतदान प्रतिशत 98.33 रहा, जो शत-प्रतिशत मतदान से मात्र एक वोट कम रहा.
* अमरावती केंद्र में 88.42 प्रतिशत मतदान
राजनीतिक दृष्टि से सबसे महत्वपूर्ण माने जाने वाले अमरावती केंद्र पर अमरावती महानगर पालिका के कुल 95 मतदाता थे. इनमें से 84 ने मतदान किया. 48 पुरुष मतदाताओं में से 43 तथा 47 महिला मतदाताओं में से 41 ने मतदान किया. यहां कुल मतदान प्रतिशत 88.42 दर्ज किया गया. चुनाव के दौरान अमरावती तहसील कार्यालय राजनीतिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बना रहा. विभिन्न दलों के पार्षद, नगरसेवक और जनप्रतिनिधि मतदान केंद्र पर पहुंचते रहे.
* तिवसा-भातकुली में सबसे कम मतदान
तिवसा-भातकुली केंद्र पर जिले का सबसे कम मतदान दर्ज किया गया. जहां पर तिवसा एवं भातकुली नगर पंचायतों के कुल 38 मतदाताओं में से केवल 26 ने मतदान किया. 18 पुरुष मतदाताओं में से 13 तथा 20 महिला मतदाताओं में से 13 ने मतदान किया. यहां कुल मतदान प्रतिशत 68.42 रहा. राजनीतिक जानकारों के अनुसार कांग्रेस नेतृत्व के निर्देशों और स्थानीय राजनीतिक समीकरणों का असर इस केंद्र के मतदान प्रतिशत पर दिखाई दिया.
* महिला मतदाताओं ने भी दिखाई सक्रियता
इस चुनाव में महिला जनप्रतिनिधियों की भागीदारी भी उल्लेखनीय रही. जिले में कुल 226 महिला मतदाताओं में से 213 ने मतदान किया, जिससे महिला मतदान प्रतिशत 94.25 प्रतिशत रहा. वहीं 225 पुरुष मतदाताओं में से 214 ने मतदान किया और पुरुष मतदान प्रतिशत 95.11 प्रतिशत दर्ज हुआ. महिला और पुरुष दोनों वर्गों में लगभग समान मतदान प्रतिशत ने स्थानीय स्वराज्य संस्थाओं में बढ़ती राजनीतिक जागरूकता का संकेत दिया है.
* लोकतांत्रिक परिपक्वता का परिचय
बता दे कि स्थानीय प्राधिकारी मतदार संघ के चुनाव में आम जनता नहीं, बल्कि महानगरपालिका, जिला परिषद, नगर परिषद और नगर पंचायतों के निर्वाचित सदस्य एवं पंचायत समितियों के सभापति मतदान करते हैं. ऐसे चुनावों में अक्सर मतदान प्रतिशत कम रहने की आशंका व्यक्त की जाती है, लेकिन अमरावती जिले के जनप्रतिनिधियों ने इस धारणा को गलत साबित करते हुए लगभग 95 प्रतिशत मतदान दर्ज कराया. ज्ञात रहे कि इस समय जिला परिषद व पंचायत समितियों में चुनाव नहीं हुए है. इसके चलते जिला परिषद के 59 सदस्य एवं 14 पंचायत समितियों के सभापति पद रिक्त है. जिसके चलते इस बार विधान परिषद के चुनाव में अमरावती महानगरपालिका सहित जिले की 10 नगर परिषद और 4 नगर पंचायत के सदस्यों द्बारा हिस्सा लिया गया.
* अब मतगणना पर टिकी निगाहें
मतदान शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न होने के बाद अब सभी राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों की निगाहें मतगणना पर टिक गई हैं. भाजपा उम्मीदवार प्रवीण पोटे की जीत को लेकर उनके समर्थक आश्वस्त दिखाई दे रहे हैं, वहीं विपक्षी खेमे में भी मतदान के रुझानों को लेकर लगातार चर्चा जारी है. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि जिस प्रकार रिकॉर्ड मतदान हुआ है और कई केंद्रों पर शत-प्रतिशत मतदान दर्ज हुआ है, उससे यह चुनाव केवल औपचारिक प्रक्रिया न रहकर प्रतिष्ठा और राजनीतिक प्रभाव की लड़ाई बन गया है. अब 22 जून को होने वाली मतगणना ही यह तय करेगी कि अमरावती विधान परिषद की इस महत्वपूर्ण सीट पर जीत का ताज किसके सिर पर कितने वोटों की लीड के साथ सजेगा.
हालांकि चुनावी नतीजों को अभी से एकतरफा ही माना जा रहा है. क्योंकि इस चुनाव में केवल तीन दावेदार ही थे. जिसमें से कांग्रेस प्रत्याशी हर्षजीत देशमुख ने एक तरह से अपनी दावेदारी को पीछे ही ले लिया था. वहीं वंचित बहुजन आघाडी के प्रत्याशी नीलेश विश्वकर्मा की ओर से कोई खास दमखम नहीं लगाया गया. जिसके चलते भाजपा की ओर से महायुति के प्रत्याशी रहनेवाले पूर्व मंत्री प्रवीण पोटे पाटिल की जीत लगभग तय मानी जा रही है.





