राजकमल ब्रिज गिराने की सुस्ती पर बाजड ने उठाए सवाल

अमरावती के कथित विकास प्रकल्पों की खिल्ली उडाई

* प्रलंबित फ्लाईओवर पर भी प्रश्न
अमरावती/दि.25- शिवसेना उबाठा के नेता एवं भूतपूर्व जिला प्रमुख प्रदीप बाजड ने राजकमल रेलवे ब्रिज गिराए जाने में लग रहे महीनों के वक्त पर सवाल उठाए. उसी प्रकार शहर के कथित विकास प्रकल्पों के समय पर पूरा न हो पाने की खिल्ली उडाई. बाजड ने अमरावती के जनप्रतिनिधियों और नेताओं की दूरदृष्टि पर भी उंगली उठाई है. प्रदीप बाजड जनहित के विषयों में बेबाक तौर पर राय रखने के लिए फेमस हैं. अमरावती मनपा के तीन बार नगरसेवक रहे हैं.
नागपुर में एक वर्ष में फ्लायओवर तैयार
बाजड ने सोशल मीडिया पर पोस्ट की है. जिसमेें साफ लिखा कि नागपुर में हर साल एक नया उडानपुल बनकर तैयार हो रहा है. अमरावती में चित्रा चौक उडानपुल बनने के लिए 11 साल लग रहे हैं. सोशल मीडिया पर प्रदीप बाजड की पोस्ट ने सभी का ध्यान खींचा है. बाजड अपनी पोस्ट में जनप्रतिनिधियों को आडे हाथ लेते परिलक्षित होते हैं. उनका व्यंग्यबाण नुमाइंदों पर हैं.
क्या हुआ शेगांव नाका उडानपुल का ?
प्रदीप बाजड ने अपनी पोस्ट में अमरावती के कुछ मार्गो पर भयंकर यातायात दर्शाता चित्र भी डाला है. शिवसेना उबाठा नेता ने कदम उठाया कि शेगांव नाका उडानपुल की घोषणा हुए अरसा बीत गया. यह उडानपुल दो बार मंजूर किया गया. अभी भी इसका कोई नामोनिशान नहीं है. उन्होंने राजकमल रेलवे ब्रिज गिराने के लिए लगनेवाले समय पर भी सवाल उपस्थित किया है. उन्होंने प्रश्न उठाया कि एक ब्रिज गिराने के लिए क्या सालभर लगेगा ?
उल्लेखनीय है कि राजकमल का रेलवे ब्रिज शहर की लाइफलाइन माना जाता है. गत अगस्त महीने से ब्रिज कमजोर होने का दावा कर पैदल चलनेवालों के लिए भी बंद कर दिया गया है. जिससे अमरावती के बाशिंदों को बडी परेशानी झेलनी पड रही है. कांगे्रस नगर रोड- रूक्मिणी नगर की ओर जाने के लिए बडा फेरा लेकर जाना अथवा आना पड रहा है. ब्रिज को गिराने का काम शुरू हुए दो माह बीत रहे हैं. अब तक ब्रिज पूरी तरह ढहाया नहीं गया. नवनिर्माण कब होगा ? यह सवाल अमरावतीवासियों के मन में घुमड रहा है. दूसरी ओर प्रशासन सूत्रों का दावा है कि अमरावती मॉडल रेलवे स्टेशन पर रोज आने- जानेवाली यात्री ट्रेनों की आवाजाही अप्रभावित रखते हुए सावधानीपूर्वक ब्रिज गिराया जा रहा है. जान माल का नुकसान टाला जा रहा है.

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