पिंजरे में मुर्गियां रखीं, फिर भी तेंदुआ नहीं आया!

परतवाड़ा क्षेत्र के खेतों में आठ दिनों से तेंदुओं की आवाजाही

बोपापुर और बोर्डी में वन विभाग ने लगाए पिंजरे
धामनगांव गढ़ी में दो बाघों की मौजूदगी से भी दहशत
परतवाड़ा/दि.13 – अमरावती प्रादेशिक वन विभाग के अंतर्गत परतवाड़ा वन क्षेत्र में पिछले आठ दिनों से तेंदुओं की आवाजाही बढ़ गई है. गांवों से सटे खेतों में तेंदुए दिखाई देने से किसानों और खेत मजदूरों में दहशत का माहौल है. कुछ स्थानों पर किसानों और खेत मजदूरों का आमना-सामना तेंदुओं से होने की जानकारी सामने आई है. वन विभाग की टीम को कुछ क्षेत्रों में तेंदुओं के पैरों के निशान भी मिले हैं.
तेंदुओं को पकड़ने के लिए वन विभाग ने बोपापुर और बोर्डी के खेतों में पिंजरे लगाए हैं. हालांकि, तेंदुओं को आकर्षित करने के लिए पिंजरों में मुर्गियां और बकरी रखे जाने के बावजूद अब तक अपेक्षित सफलता नहीं मिली है.

* मुर्गियों और बकरी के लालच में नहीं आया तेंदुआ
वन विभाग ने बोपापुर क्षेत्र में तेंदुए को पकड़ने के उद्देश्य से पिंजरे में मुर्गियां रखी थीं. उम्मीद थी कि शिकार की तलाश में तेंदुआ पिंजरे के पास आएगा, लेकिन वह मुर्गियों की ओर नहीं आया. इसी तरह बोर्डी के खेत में लगाए गए पिंजरे में बकरी रखी गई थी, लेकिन तेंदुए ने उसमें भी रुचि नहीं दिखाई. वन विभाग की टीम ने शुक्रवार को बोर्डी के खेत परिसर में एक और पिंजरा लगाया. हालांकि, इन प्रयासों के बावजूद तेंदुए को पकड़ने में सफलता मिलने की जानकारी नहीं है.

* बंदर का शिकार, खेतों में मिले पैरों के निशान
वन विभाग की टीम को एक बंदर के शरीर के अवशेष, उसकी पूंछ और पैर मिलने की जानकारी सामने आई है. इसके साथ ही क्षेत्र में तेंदुए के पैरों के निशान भी पाए गए हैं. इससे वन विभाग ने इलाके में वन्यजीवों की गतिविधियों पर निगरानी बढ़ा दी है. शिरजगांव, परतवाड़ा, दर्यापुर और आसपास के खेतों में तेंदुओं की आवाजाही की शिकायतें मिल रही हैं. खेतों में काम करने वाले किसानों और मजदूरों को विशेष सतर्कता बरतने की आवश्यकता है.

* धामनगांव गढ़ी में दो बाघों की मौजूदगी
परतवाड़ा क्षेत्र के साथ अचलपुर तहसील के धामनगांव गढ़ी के खेत परिसर में भी दो बाघों की मौजूदगी की जानकारी सामने आई है. बताया जा रहा है कि ये बाघ मेलघाट टाइगर रिजर्व के जंगलों से सटे खेतों में घूम रहे हैं. किसानों, खेत मजदूरों और ग्रामीणों को बाघ दिखाई देने से क्षेत्र में भय का वातावरण है. सोनोरी और शिरजगांव क्षेत्र में बाघों की गतिविधियों से जुड़ी घटनाओं के बाद धामनगांव गढ़ी परिसर में भी सतर्कता बढ़ाने की मांग की जा रही है.

* वनविभाग से संयुक्त कार्रवाई की मांग
क्षेत्र में तेंदुओं और बाघों की बढ़ती गतिविधियों को देखते हुए वन विभाग की ओर से प्रभावी कदम उठाने की आवश्यकता जताई जा रही है. प्रादेशिक वन विभाग के अधिकारियों, सहायक वन संरक्षक, बचाव दल और मेलघाट टाइगर रिजर्व की विशेष टीम के समन्वय से कार्रवाई करने की मांग की गई है. ग्रामीणों का कहना है कि खेतों में वन्यजीवों की आवाजाही के कारण खेती-किसानी के काम प्रभावित हो रहे हैं. ऐसे में वन विभाग को प्रभावित क्षेत्रों में गश्त बढ़ाकर वन्यजीवों की गतिविधियों पर नजर रखनी चाहिए, ताकि किसानों और खेत मजदूरों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके.

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