जलसंधारण जनजागृति अभियान में नागरिक उत्स्फूर्त भागीदारी करें

जिलाधिकारी आशीष येरेकर का आवाहन

* 21 अगस्त को मनाया जाएगा ‘जलसंधारण दिवस’
* 15 से 21 अगस्त तक जलसंधारण सप्ताह
अमरावती/दि.20 – पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय सुधाकरराव नाईक की जयंती के अवसर पर 21 अगस्त को पूरे महाराष्ट्र में ‘जलसंधारण दिवस’ मनाया जाएगा. इसके उपलक्ष्य में जिलाधिकारी कार्यालय और मृदा एवं जलसंधारण विभाग की ओर से 15 से 21 अगस्त तक जलसंधारण सप्ताह आयोजित किया जा रहा है. इस दौरान अमरावती जिले में विभिन्न जनजागृति कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं. जिलाधिकारी आशीष येरेकर ने जिले के नागरिकों से इन अभियानों में बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील की है.
* ‘पानी रोकें, पानी जमीन में उतारें’ का दिया था मंत्र
राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय सुधाकरराव नाईक का जन्मदिन 21 अगस्त को जलसंधारण दिवस के रूप में मनाया जाता है. मुख्यमंत्री के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने राज्य में जलसंधारण बाबत व्यापक अभियान शुरु किया था. ‘पानी रोकें, पानी जमीन में उतारें’ का मंत्र देते हुए उन्होंने सूखे की समस्या से निपटने के लिए जलसंधारण और भूजल पुनर्भरण पर जोर दिया.
बड़े बांधों पर निर्भरता कम करते हुए उन्होंने जलग्रहण क्षेत्र विकास को बढ़ावा दिया. मिट्टी नाला बांध, समतल चर, कंटूर बंडिंग और नाला बंडिंग जैसी छोटी जलसंधारण संरचनाओं के माध्यम से जलस्रोतों के पुनर्जीवन पर जोर दिया गया. वर्ष 1992 में स्वतंत्र जलसंधारण विभाग की स्थापना भी उनके कार्यकाल में हुई थी. रोजगार गारंटी योजना के माध्यम से सूखे के दौरान ग्रामीणों को रोजगार उपलब्ध कराने के साथ जलस्रोत निर्माण के कार्य किए गए.
* युवाओं के लिए रील प्रतियोगिता
जलसंधारण सप्ताह के दौरान जल संरक्षण का संदेश युवा पीढ़ी तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने के लिए इंस्टाग्राम रील प्रतियोगिता का आयोजन किया गया है. जिलाधिकारी आशीष येरेकर ने युवाओं से इस प्रतियोगिता में उत्स्फूर्त भाग लेने का आह्वान किया है. इसके अलावा 21 अगस्त की सुबह ‘महा वॉकेथॉन- वॉक फॉर वॉटर’ का आयोजन किया जाएगा. इसमें युवाओं के साथ सभी नागरिकों से बड़ी संख्या में शामिल होकर जलसंधारण का संदेश जन-जन तक पहुंचाने की अपील की गई है.
* स्कूल-कॉलेजों में भी होंगे कार्यक्रम
जलसंधारण सप्ताह के दौरान जिले में जल साक्षरता और जनजागृति के लिए विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं. स्कूलों, कॉलेजों और संस्थाओं में विशेष कार्यशालाएं, प्रबोधन रैलियां तथा चित्रकला, निबंध और घोषवाक्य प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी. इसके अलावा जलग्रहण क्षेत्रों की स्वच्छता, श्रमदान, बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण और जलसंधारण प्रतिज्ञा कार्यक्रम भी होंगे. जलसंधारण से संबंधित संरचनाओं की मरम्मत और निरीक्षण का कार्य भी किया जाएगा.
* 26 जनवरी तक चलेगा विशेष अभियान
जलसंधारण सप्ताह के साथ ही पानी की कमी की समस्या पर दीर्घकालीन समाधान के लिए 15 अगस्त 2026 से 26 जनवरी 2027 तक विशेष अभियान चलाया जाएगा. इस अभियान के तहत बंधारे और पाझर तालाबों का निर्माण, सीमेंट नाला बांध, कुओं और भूजल का पुनर्भरण तथा जलस्रोतों से गाद निकालने जैसे कार्य किए जाएंगे.
अभियान में जनभागीदारी को प्राथमिकता दी जाएगी. साथ ही नागरिकों को जलसंधारण से संबंधित प्रशिक्षण और क्षमता विकास पर भी जोर दिया जाएगा. जिला प्रशासन की ओर से ‘पानी रोकें, पानी जमीन में उतारें, जलयुक्त महाराष्ट्र बनाएं’ और ‘जल बचाएं, भविष्य बनाएं!’ का संदेश दिया गया है. जिलाधिकारी आशीष येरेकर ने नागरिकों से जलसंधारण अभियान को जनआंदोलन बनाने के लिए बड़ी संख्या में सहभागी होने की अपील की है.

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