मनपा का मनुष्यबल ठेका नैफॉक कंपनी को मिलने की उम्मीद
चार इच्छुकों की ओर से आए थे निविदा प्रस्ताव

* एक ने परसेंटेज व दूसरे ने प्रति व्यक्ति किया था ‘रेट कोट’
* अन्य दो कंपनियों ने सीधे ‘कमीशन अमाउंट’ को किया था दर्ज
* ‘टेंडर’ और ‘बीओक्यू’ में रहनेवाले फर्क के चलते दो माह से फंसा था तकनीकी पेंच
* मनपा ने मांगा था सभी इच्छुक एजेंसियों से स्पष्टीकरण, खुलासा मिलने के बाद हुई स्क्रुटनी समिति की बैठक
*अब जारी सप्ताह में हो सकती है एलवन कंपनी के नाम की घोषणा
* मनपा में 650 मनुष्यबल की होनी है नियुक्ति
अमरावती/दि.14 – अमरावती महानगर पालिका के अलग-अलग विभागों में ठेका तत्व पर 650 अधिकारियों व कर्मचारियों की नियुक्ति करने हेतु मनपा द्वारा ‘आऊट सोर्सिंग’ ठेके को लेकर विगत जनवरी माह में शुरू की गई निविदा प्रक्रिया अब अपने अंतिम चरण में हैं तथा जारी सप्ताह के दौरान ही इस निविदा प्रक्रिया में शामिल चार कंपनियों में से किसी एक कंपनी को एल-1 यानी लोयेस्ट-1 करार देते हुए उस कंपनी को मनपा में मनुष्य बल की आपूर्ति का ठेका प्रदान किया जायेगा. विश्वसनीय सूत्रों के मुताबिक इस बार मनपा में मनुष्य बल आपूर्ति का ठेका नैफाक नामक कंपनी को मिलने की पूरी संभावना है. ऐसे में अब सभी की निगाहे जारी सप्ताह के दौरान मनुष्यबल आपूर्ति के ठेके के जारी होने की ओर लगी हुई है.
बता दें कि मनपा में मनुष्यबल आपूर्ति के ठेके की प्रक्रिया का विगत फरवरी माह में पूरा हो जाना अपेक्षित था, उस निविदा प्रक्रिया में चार इच्छुक कंपनियों द्वारा हिस्सा लेते हुए अपने निविदा प्रस्ताव पेश किए गए थे. परंतु निविदा सूचना एवं ‘बीओक्यू’ में रहनेवाले फर्क के चलते इच्छुक निविदाधारकों की ओर से प्रस्तुत किए गए निविदा प्रस्तावों में भी ‘रेट कोट’ करने के तरीके व पद्धती में फर्क आ गया. जिसके चलते किस निविदा प्रस्ताव को स्वीकार किया जाए और किस कंपनी को अपात्र घोषित किया जाए, इसे लेकर तकनीकी पेंच फंस गया था, जिसके चलते फरवरी माह के बाद करीब दो महिने का समय बीत जाने के बावजूद भी मनुष्यबल आपूर्ति के ठेके का मामला अधर में लटका हुआ रहा. वहीं इस संदर्भ में मनपा प्रशासन का कहना है कि, मनपा ने चारों निविदाधारक कंपनियों से उनके द्वारा प्रस्तुत की गई निविदा दरों के बारे में खुलासा व स्पष्टीकरण मांगा था. जिसके प्राप्त होते ही मनपा में स्क्रुटनी समिति की बैठक हुई, जिसमें सभी निविदा प्रस्तावों की पडताल करते हुए आऊट सोर्सिंग ठेके के लिए योग्य कंपनी का चयन करने पर किया गया. सूत्रों के मुताबिक स्क्रुटनी समिति ने मनपा में मनुष्य बल की आपूर्ति करने हेतु नैफाक नामक कंपनी के निविदा प्रस्ताव को सबसे योग्य माना है.
बता दें कि, मनपा के अलग-अलग विभागों में विविध संवर्गों के करीब 650 पदों पर मनुष्यबल की नियुक्ति करने हेतु मनपा द्वारा 30 जनवरी 2026 को 61 करोड 17 लाख 56 हजार 901 रुपए के अनुमानित मूल्य (जीएसटी सहित) के ठेके की निविदा सूचना जारी की गई थी. जिसमें निविदा प्रस्ताव पेश करने हेतु 12 फरवरी की अंतिम तिथि दी गई थी. जिसके उपरांत 13 फरवरी को सभी निविदाओं को खोलते हुए 18 फरवरी को निविदा प्रक्रिया में शामिल इच्छुक एजेंसियों की ओर से आऊट सोर्सिंग ठेके हेतु प्रस्तुत निविदा दरें घोषित की गई थी. इस निविदा प्रक्रिया में कुल चार इच्छुक कंपनियों द्वारा हिस्सा लिया गया था. जिसमें से नैफॉक कंपनी ने चार प्रतिशत, एसॉर्ट ग्रुप ने 1025 रुपए प्रति व्यक्ति (लगभग 2 करोड 39 लाख 85 हजार रुपए यानि बिना जीएसटी 3.85 प्रतिशत), एच. एस. सर्विसेस ने 3 करोड 35 लाख 52 हजार 640 रुपए (जीएसटी सहित 3.85 प्रतिशत) तथा एजील सिक्युरिटी कंपनी ने 2 करोड 44 लाख 70 हजार 276 रुपए (जीएसटी सहित 4 प्रतिशत) की निविदा दरों का उल्लेख किया था.
यहां यह विशेष उल्लेखनीय है कि, आऊट सोर्सिंग ठेके हेतु जारी निविदा सूचना में इच्छुकों से अनुमानित मूल्य पर अपना कमीशन रेट प्रतिशत में दर्ज करने हेतु कहा गया था. परंतु निविदा प्रक्रिया के तहत निविदा दर लिखने हेतु मनपा की ओर से जारी किए गए ‘बीओक्यू’ में प्रतिशत की बजाए ‘नंबर’ का उल्लेख हो गया था. जिसके चलते संभवत: इच्छुक निविदाधारकों में इस बात को लेकर संभ्रम पैदा हुआ हो कि, आखिर उन्हें अपनी निविदा दरें किस तरह से दर्ज करनी है. शायद यही वजह रही कि, नैफॉक कंपनी ने अपनी निविदा दरें प्रतिशत में दर्ज की. वहीं एसॉर्ट ग्रुप ने अपना कमीशन रेट प्रति व्यक्ति के हिसाब से दर्ज किया. जबकि अन्य दो कंपनियों ने अनुमानित मूल्य के आधार पर खुद ही अपना ‘कैल्क्युलेशन’ करते हुए खुद को मिलनेवाले व अपेक्षित कमीशन की रकम भी दर्ज कर दी. जिसके चलते अब मनपा के समक्ष यह तकनीकी पेंच पैदा हो गया था कि, आखिर इनमें से किस कंपनी को एल-1 यानि लोएस्ट-1 मानते हुए मनुष्यबल नियुक्ति का ठेका दिया जाए. इसी तकनीकी पेंच के चलते विगत दो माह से अमरावती मनपा में आऊट सोर्सिंग का मामला अधर में लटका हुआ रहा. लेकिन अभी हाल फिलहाल ही हुई स्कू्रटनी समिति की बैठक में चारों कंपनियों की ओर से आए निविदा प्रस्तावों एवं उनके द्बारा दी गई दरों पर समग्र एवं सर्वसमावेशक तरीके से विचारविमर्श किया गया. जिसके तहत इस बात को विशेष तौर पर ध्यान में रखा गया कि चूकि मनपा की ओर से जारी निविदा सूचना एवं बीओक्यू की शर्तो में थोडा फर्क था. जिसकी वजह से इच्छुक कंपनियों द्बारा अलग- अलग पध्दति के तहत निविदा प्रस्ताव पेश किए गये. ऐसे में इस निविदा प्रक्रिया को रद्द कर नये सिरे से निविदा जारी करने का कोई तुक नहीं है. बल्कि मौजूदा इच्छुक कंपनियों की ओर से दी गई दरों पर ही विचारविमर्श करते हुए सबसे कम दर वाला प्रस्ताव देनेवाली कंपनी को मनुष्यबल आपूर्ति का ठेका दिया जाए.
मनपा आयुक्त वर्षा लढ्ढा की अध्यक्षतावाली स्क्रूटनी कमिटी द्बारा इस निर्णय पर पहुंचने के बाद आयुक्त लढ्ढा द्बारा इस निविदा प्रक्रिया से संबंधित दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करते हुए उन्हें अंतिम मंजूरी व मान्यता हेतु स्थायी समिति के पास भेज दिया गया है और अब स्थायी समिति की आगामी बैठक में मनुष्यबल आपूर्ति से संबधित ठेके को अंतिम मंजूरी मिल सकती है. ऐसी जानकारी सामने आयी है. साथ ही यह भी पता चला है कि मनपा में मनुष्यबल की आपूर्ति के काम का ठेका नैफाक कंपनी को मिलना लगभग तय है. हालांकि इसकी अभी अधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं हुई.
* क्यों लटका रह दो माह से अधर में मामला
इस संदर्भ में मनपा के विधि अधिकारी श्रीकांतसिंह चौहान से जानकारी व प्रतिक्रिया हेतु संपर्क किए जाने पर उन्होंने बताया कि, विगत दो माह के दौरान मनपा प्रशासन के साथ काफी व्यस्तताएं जुडी रही. साथ ही इस दौरान तत्कालीन मनपा आयुक्त सौम्या शर्मा-चांडक भी मातृत्व अवकाश पर चली गई. जिसके चलते आऊट सोर्सिंग ठेके हेतु स्क्रुटनी कमिटी की बैठक नहीं हो पाई, परंतु अब विगत दिनों ही नवनियुक्त मनपा आयुक्त वर्षा लढ्ढा की अध्यक्षता के तहत स्क्रुटनी कमिटी की बैठक हुई. जिसमें आऊट सोर्सिंग ठेके हेतु इच्छुक चारों कंपनियों की ओर से मिले प्रस्तावों पर विचार-विमर्श किया गया. साथ ही चारों कंपनियों से उनके द्वारा दिए गए प्रस्तावों के बारे में विस्तृत स्पष्टीकरण भी मांगा गया तथा कंपनियों की ओर से दिए गये खुलासे जिसके आधार पर ही लोएस्ट-1 के बारे में विचार-विमर्श किया गया.
* अन्य ठेकों की तुलना में बिल्कुल अलग होता है मनुष्यबल ठेका
यहां यह विशेष उल्लेखनीय है कि, मनपा द्वारा जारी किए जानेवाले विविध तरह के कामों के ठेकों की तुलना में मनुष्यबल की नियुक्ति हेतु जारी किया जानेवाला ठेका बिल्कुल अलग होता है. जहां अन्य ठेकों में मनपा द्वारा कराए जानेवाले कामों की अनुमानित कीमत के आधार पर सबसे न्यूनतम बोली लगानेवाले निविदाधारक को उस काम का ठेका दिया जाता है और ठेका हासिल करने के उपरांत संबंधित ठेकाधारक को उसी बोली रकम में मनपा की ओर से निर्देशित काम पूरा करके देना होता है. वहीं मनुष्यबल ठेके में ठेकाधारक को ठेका नियुक्त कर्मचारियों को दिए जानेवाले वेतन पर होनेवाले खर्च की रकम पर कमीशन दिया जाता है और इस कमीशन के लिए न्यूनतम बोली लगानेवाले निविदाधारक का चयन किया जाता है.
उदाहरण के तौर पर मनपा द्वारा इस समय अपने अलग-अलग विभागों में विविध संवर्ग वाले पदों पर 650 अधिकारियों व कर्मचारियों की नियुक्ति की जानी है. जिनके वेतन हेतु अनुमानित तौर पर 61 करोड 17 लाख 56 हजार 901 रुपए (जीएसटी सहित) खर्च होंगे. इस अनुमानित मूल्य पर मनपा द्वारा ठेका नियुक्त मनुष्यबल की आपूर्ति करनेवाली एजेंसी को एक निश्चित कमीशन अदा किया जाएगा. ऐसे में कौनसी कंपनी कितने कमीशन दर पर मनुष्यबल नियुक्ति का ठेका लेना चाहती है, इसके लिए मनपा द्वारा आऊट सोर्सिंग ठेके की निविदा जारी की गई है. परंतु ‘बीओक्यू’ में हुए ‘नंबर’ के गलत उल्लेख की वजह से निविदाधारकों द्वारा अलग-अलग पद्धती से अपने ‘रेट कोट’ किए गए. जिसके चलते अब ठेके हेतु पात्र कंपनी का चयन करने में खुद मनपा को तकनीकी पेंच का सामना करना पडा और इसी तकनीकी पेंच के चलते यह मामला विगत दो माह से अधर में लटका हुआ रहा. लेकिन अब मनपा ने अपने स्तर पर हुई गडबडी को स्वीकार करते हुए इच्छुक कंपनियों की ओर से प्राप्त दरों का व्यापक व समग्र स्तर पर कैल्क्युलेशन किया और मनपा के हितों को देखते हुए लोयेस्ट-1 कंपनी का चयन करने पर विचारविमर्श किया. जिसमें जानकारी के मुताबिक नैफाक कंपनी को इस ठेके हेतु पात्र माना गया है. ऐसे में अब सभी की निगाहें इस संदर्भ में मनपा की ओर से की जानेवाली घोषणा की ओर से लगी हुई है.





