बाजोरिया पिता-पुत्र पर आपराधिक मामला दर्ज

कलेक्ट्रेट के महसूल भवन में हंगामा पड़ा भारी

* उम्मीदवारी आवेदन पर सुनवाई के दौरान विवाद
* शासकीय कार्य में बाधा डालने का आरोप, प्रशासन ने दिखाई सख्ती
* आरडीसी संतोष काकडे ने गाडगे नगर थाने में दर्ज कराई शिकायत
* अपराध क्रमांक 633/2026 के अंतर्गत बीएनएस की धारा 221, 296 व 3(5) के तहत दर्ज हुआ अपराध
* ऐन चुनावी गहमागहमी के बीच मचा जबरदस्त राजनीतिक हड़कंप
* चर्चाओं का बाजार गर्म, कार्रवाई पर टिकी सभी की निगाहें
अमरावती/दि.3 – विधान परिषद की सीट हेतु अमरावती स्थानीय स्वराज्य संस्था चुनाव के लिए दाखिल किए गए उम्मीदवारी आवेदन पर सुनवाई के दौरान महसूल भवन में हुए विवाद के बाद प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई करते हुए निर्दलीय उम्मीदवार विप्लव बाजोरिया तथा उनके पिता गोपीकिशन बाजोरिया सहित अन्य के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज कराया है. इस कार्रवाई से चुनावी माहौल में राजनीतिक चर्चाओं ने जोर पकड़ लिया है.
बता दें कि स्थानीय स्वराज्य संस्था चुनाव में शिंदे सेना के बागी उम्मीदवार के रूप में मैदान में उतरे पूर्व विधायक विप्लव बाजोरिया के नामांकन पत्र पर लगाए गए आक्षेपों की सुनवाई मंगलवार को जिलाधिकारी कार्यालय स्थित महसूल भवन में आयोजित की गई थी. सुनवाई जिला निर्वाचन अधिकारी एवं जिलाधिकारी आशिष येरेकर की उपस्थिति में चल रही थी. सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस हुई, जिसके बाद वातावरण तनावपूर्ण हो गया. प्रशासन का आरोप है कि इस दौरान सरकारी कार्य में व्यवधान उत्पन्न हुआ और अधिकारियों के कामकाज में बाधा डाली गई. मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई का निर्णय लिया. जिसके उपरांत निवासी उपजिलाधिकारी संतोष दामोदर काकड़े ने गाडगे नगर पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई.
जिला प्रशाासन की ओर से दर्ज कराई गई शिकायत में आरोप लगाया गया कि महसूल भवन परिसर में हुए हंगामे के कारण शासकीय कार्य प्रभावित हुआ तथा चुनावी प्रक्रिया में व्यवधान उत्पन्न करने का प्रयास किया गया. शिकायत के आधार पर गाडगे नगर पुलिस ने मंगलवार देर रात विप्लव बाजोरिया, गोपीकिशन बाजोरिया और अन्य कुछ लोगों के खिलाफ बीएनएस की धारा 221, 296 व 3 (5) के तहत अपराध क्रमांक 633/226 दर्ज करते हुए जांच शुरू कर दी है.
* जिला प्रशासन ने दिखाई सख्ती
चुनावी प्रक्रिया के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने और सरकारी कार्य में किसी भी प्रकार की बाधा को गंभीरता से लेने के प्रशासन के रुख को इस कार्रवाई से बल मिला है. अधिकारियों का कहना है कि चुनावी प्रक्रिया को निष्पक्ष और सुचारु रूप से संपन्न कराने के लिए नियमों का कड़ाई से पालन कराया जाएगा.
*राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज
उम्मीदवारी आवेदन पर सुनवाई से शुरू हुआ विवाद अब आपराधिक प्रकरण तक पहुंच जाने के कारण राजनीतिक हलकों में चर्चाओं का विषय बन गया है. विशेष रूप से बाजोरिया पिता-पुत्र के खिलाफ मामला दर्ज होने के बाद इस प्रकरण ने नया मोड़ ले लिया है. पुलिस मामले की जांच कर रही है और आगे की कार्रवाई जांच रिपोर्ट के आधार पर की जाएगी.
* बाजोरिया का नामांकन हुआ है खारिज
बता दें कि इससे पहले शिवसेना के टिकट पर हिंगोली-परभणी निकाय सीट से विधान परिषद के सदस्य रह चुके विप्लव बाजोरिया को इस बार शिंदे गुट वाली शिवसेना ने हिंगोली-परभणी से अपना प्रत्याशी घोषित नहीं किया. जिसके चलते पूर्व विधायक विप्लव बाजोरिया तथा अकोला सीट से तीन बार विधान परिषद सदस्य रह चुके पूर्व विधायक गोपीकिसन बाजोरिया ने अपने लिए नई राजनीतिक जमीन तलाशने और तैयार करने हेतु अमरावती निकाय निर्वाचन क्षेत्र से विधान परिषद का चुनाव लडने का निर्णय लिया था. जिसके चलते पूर्व विधायक विप्लव बाजोरिया द्बारा शिंदे सेना के खिलाफ बगावत करते हुए अमरावती सीट के लिए निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर नामांकन दाखिल किया गया था. परंतु बाजोरिया द्बारा दायर नामांकन के साथ प्रस्तुत एफीडेविड यानी शपथ पत्र आधा अधूरा व त्रृटिपूर्ण रहने को लेकर सभी प्रतिस्पर्धी प्रत्याशियों द्बारा जिला निर्वाचन अधिकारी के समक्ष आपत्ति व आक्षेप दर्ज कराए गये थे. जिसके चलते कल नामांकन की वैधता जांच के समय जिला निर्वाचन अधिकारी व जिलाधीश आशीष येरेकर द्बारा भाजपा प्रत्याशी प्रवीण पोटे पाटिल, कांग्रेस प्रत्याशी हर्षदीप देशमुख, वंचित बहुजन आघाडी प्रत्याशी डॉ. नीलेश विश्वकर्मा व निर्दलीय प्रत्याशी प्रशांत महल्ले की ओर से पूर्व विधायक विप्लव बाजोरिया के शपथ पत्र को लेकर उठाई गई आपत्तियों पर भी सुनवाई की गई. जिसके लिए कल शाम करीब 5.30 बजे जिलाधीश कार्यालय के राजस्व भवन में बैठक शुरू हुई जो लगभग 3 घंटे तक चलती रही. जिसके बाद रात करीब 8.30 बजे के आसपास जिला निर्वाचन अधिकारी के तौर पर जिलाधीश आशीष येरेकर ने पूर्व विधायक विप्लव बाजोरिया के शपथ पत्र को आधा अधूरा व त्रृटिपूर्ण बताते हुए उनके नामांकन को अवैध करार दिया. जिसके चलते विप्लव बाजोरिया अमरावती सीट से विधान परिषद का चुनाव लडने हेतु अपात्र हो गये. जानकारी के मुताबिक इस बैठक में अपने पिता व पूर्व विधायक गोपीकिसन बाजोरिया के साथ मौजूद पूर्व विधायक विप्लव बाजोरिया अपनी दावेदारी को लेकर शुरू से ही काफी हद तक आक्र्रामक दिखाई दे रहे थे. साथ ही जब बाजोरिया पिता-पुत्र को यह अहसास हो गया कि फैसला उनके खिलाफ जा सकता है, तो उन्होंने बैठक के दौरान काफी हद तक हंगामे वाली स्थिति भी पैदा की. जिसके चलते बैठक में चल रहा कामकाज कुछ देर के लिए प्रभावित हुआ. इसी बात को ध्यान में रखते हुए जिला निर्वाचन अधिकारी व जिलाधीश आशीष येरेकर के निर्देश पर सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी व निवासी उपजिलाधीश संतोष काकडे ने कल देर रात पूर्व विधायक बाजोरिया पिता-पुत्र के खिलाफ गाडगेनगर पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई. जिसके आधार पर गाडगेनगर पुलिस ने पूर्व विधायक बाजोरिया पिता-पुत्र के खिलाफ अपराधिक मामला दर्ज करते हुए जांच करनी शुरू कर दी है. वहीं इस पूरे घटनाक्रम को लेकर अमरावती शहर व जिले सहित अकोला में भी अच्छा खासा राजनीतिक हडकंप व्याप्त है.

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