आषाढ़ी एकादशी पर अमरावती में दो दिन मांस बिक्री बंद करने की मांग

हिंदू राष्ट्र समन्वय समिति ने प्रशासन को सौंपा ज्ञापन

* अवैध मांस विक्रेताओं पर सख्त कार्रवाई की भी उठाई मांग
अमरावती/दि.17 – आषाढ़ी एकादशी के अवसर पर अमरावती जिले में लगातार दो दिनों तक सभी प्रकार की मांस, चिकन और मटन की बिक्री पर रोक लगाने तथा खुले में होने वाली मांस बिक्री को स्थायी रूप से बंद कर अवैध मांस विक्रेताओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग हिंदू राष्ट्र समन्वय समिति ने की है. इस संबंध में समिति ने जिलाधिकारी, मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी तथा खाद्य एवं औषधि प्रशासन को ज्ञापन सौंपा.
ज्ञापन में कहा गया है कि अमरावती शहर एवं जिले के कई प्रमुख मार्गों, बाजारों और रिहायशी इलाकों में खुले में अस्वच्छ और कथित रूप से अनधिकृत तरीके से मांस की बिक्री की जा रही है, जिससे स्वच्छता, सार्वजनिक स्वास्थ्य और कानून-व्यवस्था से जुड़े मुद्दे उत्पन्न हो रहे हैं. समिति ने इतवारा बाजार, साबानपुरा, हाथीपुरा, पठाणपुरा, शिलांगण रोड, कृष्णार्पण चौक, हजरत बिलाल नगर, फ्रेजरपुरा, गांधी नगर तथा बडनेरा की नई बस्ती सहित कई क्षेत्रों का उल्लेख किया है. समिति का कहना है कि आषाढ़ी एकादशी के दौरान बड़ी संख्या में वारकरी और श्रद्धालु उपवास रखते हैं. ऐसे समय सार्वजनिक स्थानों पर मांस की बिक्री और प्रदर्शन से धार्मिक भावनाएं आहत होने की आशंका रहती है. साथ ही खुले में मांस रखने, रक्त एवं अन्य अवशेषों के कारण गंदगी फैलने तथा बरसात के मौसम में संक्रामक रोगों का खतरा बढ़ने की बात भी ज्ञापन में कही गई है.
समिति ने आरोप लगाया कि कई स्थानों पर खाद्य सुरक्षा नियमों और अन्य संबंधित प्रावधानों का पालन नहीं किया जा रहा है तथा कई विक्रेताओं के पास आवश्यक वैध अनुमति और स्वास्थ्य प्रमाणपत्र भी नहीं हैं. इसलिए खाद्य एवं औषधि प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय प्रशासन द्वारा संयुक्त जांच अभियान चलाकर नियमों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने की मांग की गई है. समिति ने प्रशासन से आषाढ़ी एकादशी के अवसर पर दो दिनों तक जिले में सभी मांस, चिकन और मटन की दुकानों तथा खुले में लगने वाली मांस बिक्री की गाड़ियों को बंद रखने, सार्वजनिक स्थानों पर खुले में मांस बिक्री पर स्थायी प्रतिबंध लगाने तथा केवल नियमानुसार बंद परिसर में ही इस व्यवसाय की अनुमति देने की मांग की है.
समिति ने चेतावनी दी है कि यदि चार दिनों के भीतर प्रशासन ने इस संबंध में ठोस कार्रवाई नहीं की, तो हिंदू राष्ट्र समन्वय समिति एवं स्थानीय नागरिक लोकतांत्रिक तरीके से जनआंदोलन करेंगे. इस दौरान कानून-व्यवस्था की स्थिति के लिए प्रशासन जिम्मेदार होगा. इस अवसर पर प्रदीप गर्गे, रमेश वरुडकर, सुनील जासुदकर, बाबूराव कोकाटे, सौरभ सोनटक्के, सचिन वैद्य, अनुप जायसवाल, पृथ्वीराज बोके, ऋषिकेश ठेलकर, कवलजीत पांडे, सोनू साहू सहित विभिन्न हिंदू संगठनों के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित थे.

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