विमानतल पर डीवीओआर सिस्टिम लगने के बावजूद
अमरावती एयरपोर्ट पर ‘नाईट लैंडिंग’ फिर अधर में

* डीजीसीए व अलायंस एयर में नहीं बन रही सहमति
* रूट निश्चिती में हैं काफी तकनिकी दिक्कते
अमरावती/दि.25 – समिपस्थ बेलोरा स्थित अमरावती विमानतल पर रात के समय लैंडिंग व टेकऑफ का रूट निश्चित करने में तकनिकी दिक्कते रहने के चलते इस विमानतल पर नाईट लैंडिंग का मामला अब तक अधर में लटका पडा है. रात के समय अमरावती विमानतल पर किस रूट से विमान सेवा उपलब्ध कराई जाए और इसके लिए अपने पास कौन से विमान उपलब्ध है, इसकी जानकारी अलायंस एयर ने डीजीसीए को दे दी है. साथ ही रात के समय अमरावती से मुंबई के बीच विमान सेवा संचालित करने में रहनेवाली तकनिकी दिक्कतों के बारे में भी सूचित करते हुए डीजीसीए को सुलभ पर्याय सुझाने हेतु कहा है. लेकिन दोनों पक्षों के बीच इस मामले पर आम सहमति नहीं बन पा रही है. जिसके चलते समय गुजरता जा रहा है और अमरावती एयरपोर्ट पर नाईट लैंडिंग का मामला अधर में लटका पडा है.
उल्लेखनिय है कि, बेलोरा विमानतल के लिए अपना मार्ग यानी रूट निश्चित करना अलायंस एयर के लिए सुलभ नहीं है. क्योंकि इसके लिए अलायंस एयर को अपने 72 सीटर विमानों को अन्य विमानतलों से अमरावती विमानतल की ओर मुडना होगा या फिर सीधी विमानसेवा के लिए अतिरिक्त विमान आरक्षित करने होंगे. इसके साथ ही बेलोरा से रात के समय हवाई यात्रा हेतु यात्री मिलेंगे अथवा नहीं, सप्ताह में दो से तीन दिन यात्रीकालिन विमानसेवा रखी जाए व अपेक्षित आय होगी अथवा नहीं तथा दिन की हवाई सेवा देने की बजाए रात्रीकालिन हवाई सेवा दी जाए अथवा नहीं जैसे विभिन्न तकनिकी दिक्कतों वाले सवालों से अलायंस एयर प्रबंधन जुझ रहा है.
उधर दूसरी ओर अमरावती विमानतल पर रात के समय विमानों की लैंडिंग अथवा टेकऑफ के लिए आवश्यक रहनेवाली ‘डॉपलर वेरिहाय फ्रिक्वेंसी ओमनी डायरेक्शनर रेंज’ (डीवीओआर) सिस्टिम को सफलतापूर्ण इन्स्टॉल कर दिया गया है. परंतु रात के समय लैंडिंग व टेकऑफ के लिए किस रूट से विमान आएगा और किस ओर से हवा में उडान भरेगा इसे लेकर डीजीसीए व अलायंस एयर में आम सहमती नहीं बन पाने की वजह से अमरावती विमान तल पर नाईट लैंडिंग का मामला अधर में लटका पडा है.
* नाईट लैंडिंग के लिए भी आवश्यक है लायसेंस
किसी भी विमानतल पर नाईट लैंडिंग व टेकऑफ शुरू करने हेतु डीजीसीए द्वारा पहले इस बात की पडताल की जाती है कि, उक्त विमानतल रात के समय विमानों के उतरने व उडान भरने के लिए पूरी तरह से सुरक्षित है अथवा नहीं. इस पडताल के बाद ही डीजीसीए द्वारा उक्त विमानतल को नाईट लैंडिंग के लिए अनुमती दी जाती है. इसके साथ ही जिस कंपनी के विमान को नाईट लैंडिग व टेकऑफ करना है, उस कंपनी को भी डीजीसीए से अनुमती लेनी पडती है. इस समय अमरावती विमानतल से अलायंस एयर की हवाई सेवा शुरू है तथा अलायंस एयर के पास दिन के समय हवाई सेवा संचालित करने का लायसेंस है. ऐसे में अब अलायंस एयर सहित अमरावती एयरपोर्ट प्रशासन को भी नाईट लैंडिंग व टेकऑफ हेतु लायसेंस डीजीसीए से हासिल करना है. यह लायसेंस मिलने के बाद ही अमरावती विमानतल पर नाईट लैंडिंग का रास्ता प्रशस्त होगा.
* रन-वे पर दिशादर्शक लाईट्स भी लगे
अमरावती विमानतल के रन-वे पर रात के समय विमान को उतरने हेेतु विशेष प्रकाश देनेवाले तथा विमान की सिस्टिम को सहज तरीके से दिखाई देनेवाले लाईट्स की व्यवस्था की गई है. क्योंकि इन लाईट्स के जरीए ही विमानों को रात के समय रन-वे दिखाई देता है. साथ ही डीवीओआर सिस्टिम भी विमान को सुरक्षित लैंडिंग के लिए पूरा सहयोग करती है. जिसकी बदौलत विमान सुरक्षित व योग्य तरीके से रन-वे पर उतरता है.
* रूट तय होते ही नाईट लैंडिग होगी शुरू
फिलहाल डीजीसीए व अलायंस एयर के बीच रूट निश्चिती को लेकर चर्चा चल रही है. रूट के तय होते ही नाईट लैंडिंग की सुविधा शुरू हो जाएगी. क्योंकि अमरावती विमानतल पर डीवीओआर यंत्रणा सहित रात के समय विमानों के टेकऑफ व लैंडिंग करने हेतु सभी आवश्यक यंत्रणा का यशस्वी परिक्षण के साथ इन्स्टॉलेशन हो चुका है.
– गौरव उपश्याम
उद्ययन विशेषज्ञ





