बैंक खातों की जानकारी न दें

प्रशासन की जनता को चेतावनी!

* जनगणना कर्मचारी की ’ऐसी’ पहचान करें
अमरावती/दि.28- राज्य सहित जिले में जनगणना की प्रक्रिया शुरू हो गई है और कर्मचारियों का दल प्रत्यक्ष फील्ड पर उतर गया है. 16 मई से 14 जून के बीच चलने वाली इस अवधि में प्रगणक घरों के बारे में जानकारी संकलित करेंगे. जनगणना अभियान के दौरान आने वाले प्रत्येक कर्मचारी के पहचान पत्र पर एक क्यूआर कोड होगा. इस कोड को स्कैन करके नागरिक संबंधित कर्मचारी की सत्यता और पहचान मौके पर ही सत्यापित कर सकेंगे. इससे बहुरूपियापन और धोखाधड़ी के प्रकारों पर पूरी तरह लगाम लगेगी.
यह जानकारी लेंगे कर्मचारी – इस अवधि में प्रगणक घरों के बारे में जानकारी संकलित करेंगे. इसमें घरों का प्रकार, इस्तेमाल की गई सामग्री के बारे में जानकारी संकलित करने वाले हैं. नागरिकों ने यदि स्व-गणना की है, तो उन्हें घर आने वाले प्रगणकों को ’एसई आईडी’ देना होगा.
प्रगणकों द्वारा प्रक्रिया – जनगणना 2027 पूर्णतः डिजिटल स्वरूप में है. इसमें ग्रामीण क्षेत्र के लिए तहसीलदार, तो शहरी क्षेत्र के लिए मुख्याधिकारी चार्ज अधिकारी हैं. प्रक्रिया में 4,572 प्रगणक, 787 पर्यवेक्षक हैं.
कर्मचारियों के पहचान पत्र पर क्यूआर कोड – सुरक्षा के उपाय के रूप में इस बार काम करने वाले सभी सरकारी कर्मचारियों को डिजिटल पहचान पत्र दिए गए हैं. इस आईडी कार्ड पर एक विशेष क्यूआर कोड प्रिंट किया गया है.
प्रविष्टियों का सत्यापन होगा – जनगणना के इस चरण में नागरिकों द्वारा दी गई प्रत्येक जानकारी की सटीकता जांची जाएगी. नियुक्त किए गए कर्मचारी प्रत्येक घर को भेंट देकर दर्ज किए गए विवरणों का प्रत्यक्ष सत्यापन करने वाले हैं. इस प्रक्रिया से जनगणना की सांख्यिकी सटीक रहने में मदद होगी.
यह जानकारी देने की आवश्यकता नहीं – जनगणना प्रक्रिया के दौरान नागरिकों को कोई भी ओटीपी, बैंक खाता क्रमांक, एटीएम पिन या पासवर्ड नहीं देना चाहिए. जनगणना कर्मचारी ऐसी जानकारी नहीं मांगेंगे, ऐसा प्रशासन ने स्पष्ट किया है. धोखाधड़ी से सावधान रहने का आवाहन किया गया है.

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