सरकारी अस्पताल में बाहर की दवा लिखने पर डॉक्टरों पर होगी कार्रवाई

अमरावती/दि.26– सरकारी अस्पतालों में मरीजों को बाहर से दवाइयां खरीदने की सलाह देने वाले डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई का प्रावधान है. इसी मुद्दे को लेकर बडनेरा मनपा के मिनी महापौर एवं नगर सेवक किशोर जाधव ने सरकारी मोदी अस्पताल में कार्यरत चर्मरोग विशेषज्ञ डॉ. मुकुल गुजरकर को समझाइश दी है.
बडनेरा के सरकारी मोदी अस्पताल में चर्मरोग विशेषज्ञ डॉ. मुकुल गुजरकर महीने के दूसरे और चौथे सोमवार को शाम 4 बजे मरीजों की जांच के लिए आते हैं. आरोप है कि जांच के दौरान कुछ मरीजों को अस्पताल के बजाय बाहर के निजी मेडिकल स्टोर से दवाइयां खरीदने के लिए पर्ची दी जा रही है. बताया गया है कि जिन पर्चियों पर दवाइयां लिखी जाती हैं, उन पर डॉक्टर के निजी क्लीनिक का विवरण भी छपा रहता है. मरीजों का आरोप है कि उन्हें कुछ विशेष दवाइयां बाहर से खरीदने के लिए कहा जाता है. इसको लेकर मरीजों में नाराजगी है. उनका कहना है कि सरकारी अस्पताल में इलाज कराने वाले अधिकांश मरीज आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग से आते हैं और बाहर से महंगी दवाइयां खरीदना उनके लिए मुश्किल होता है. सरकारी अस्पतालों में उपलब्ध दवाइयां अस्पताल के माध्यम से मरीजों को उपलब्ध कराने की व्यवस्था है. ऐसे में बाहर से दवा लिखे जाने की शिकायत गंभीर मानी जाती है. हालांकि, डॉक्टर द्वारा किसी मेडिकल स्टोर से मिलीभगत या कमीशन लेने के आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है. इन आरोपों की जांच संबंधित स्वास्थ्य विभाग द्वारा ही की जा सकती है.
स्थानीय मरीजों के मुताबिक यदि किसी सरकारी अस्पताल के डॉक्टर द्वारा नियमों के विपरीत बाहर की दवाइयां लिखी जाती हैं, तो अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक, स्वास्थ्य विभाग की हेल्पलाइन अथवा संबंधित चिकित्सा नियामक संस्था के समक्ष शिकायत की जा सकती है. शिकायत मिलने पर विभागीय जांच के बाद दोष सिद्ध होने पर नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है. इसी बीच बडनेरा मनपा के मिनी महापौर एवं नगर सेवक किशोर जाधव ने मामले का संज्ञान लिया है. उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों तथा 13 सेंटर के आरोग्य अधिकारी विशाल काले से इस विषय पर चर्चा करने की बात कही है. साथ ही उन्होंने डॉ. मुकुल गुजरकर को भी इस संबंध में समझाइश दी है. अब देखना यह होगा कि मरीजों द्वारा लगाए गए आरोपों की विभागीय स्तर पर जांच होती है या नहीं और जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं.





