सूखे के बीच चारे की किल्लत, बाहरी मवेशियों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने की मांग

कांग्रेस प्रदेश महासचिव हरिभाऊ मोहोड़ ने जिलाधिकारी को सौंपा ज्ञापन;

ऊंट, घोड़े, बकरी और भेड़ सहित प्रवासी पशुओं पर रोक लगाने की मांग
अमरावती/दि.13 – जिले में सूखे की गंभीर स्थिति और चारे की बढ़ती कमी को देखते हुए कांग्रेस के प्रदेश महासचिव हरिभाऊ मोहोड़ ने दूसरे जिलों से चराई के लिए आने वाले प्रवासी मवेशियों पर प्रतिबंध लगाने की मांग की है. इस संबंध में उन्होंने सोमवार को जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर तत्काल आदेश जारी करने का आग्रह किया.
हरिभाऊ मोहोड़ के मुताबिक सरकार ने अमरावती जिले की सभी 14 तहसीलों को सूखाग्रस्त घोषित किया है. बारिश की कमी के कारण किसानों को भारी नुकसान हुआ है. अब पशुओं के लिए चारे की उपलब्धता भी एक गंभीर समस्या बनती जा रही है. ऐसे में बाहर से आने वाले पशुओं के कारण स्थानीय किसानों के सामने चारे का संकट और बढ़ सकता है.

* किसानों की फसलों और चारे पर बढ़ेगा दबाव
हरिभाऊ मोहोड़ ने कहा कि दूसरे जिलों से झुंड के झुंड में आने वाले पशुओं के कारण स्थानीय किसानों की परेशानियां बढ़ सकती हैं. किसान पहले ही सूखे की मार झेल रहे हैं और अपनी खड़ी फसलों तथा पशुओं के लिए उपलब्ध चारे की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं. उन्होंने मांग की कि जिले में ऊंट, घोड़े, बकरी, भेड़ और अन्य प्रवासी पशुओं के प्रवेश पर तत्काल प्रतिबंध लगाया जाए, ताकि स्थानीय किसानों और पशुपालकों को राहत मिल सके.

* पहले भी जारी हो चुके हैं प्रतिबंध के आदेश
मोहोड़ ने बताया कि भातकुली तहसील में उनके अनुसार, पिछले 12 वर्षों के दौरान उपविभागीय अधिकारी (एसडीओ) के माध्यम से प्रवासी पशुओं के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने के आदेश जारी किए जाते रहे हैं. इसी आधार पर उन्होंने वर्तमान सूखे की स्थिति को देखते हुए पूरे अमरावती जिले में भी ऐसा प्रतिबंध लागू करने की मांग की है. उन्होंने जिलाधिकारी से इस मामले में तत्काल निर्णय लेकर आदेश जारी करने का आग्रह किया, ताकि सूखे के संकट के बीच स्थानीय किसानों के हितों की रक्षा की जा सके.

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