आधी रात को बार-बार लगती है भूख? शुगर, थायरॉइड या तनाव का हो सकता है संकेत
पेट भर खाना खाने के बाद भी भूख लगे तो न करें नजरअंदाज

* विशेषज्ञों ने समय पर जांच और संतुलित जीवनशैली की दी सलाह
अमरावती /दि.3– रात में भरपेट भोजन करने के बावजूद आधी रात या तड़के अचानक भूख लगना सामान्य बात नहीं है. यदि यह समस्या बार-बार हो रही है और बिना कुछ खाए दोबारा नींद नहीं आती, तो यह शरीर में हो रहे हार्मोनल बदलाव, असंतुलित जीवनशैली या मधुमेह और थायरॉइड जैसी बीमारियों का संकेत हो सकता है. विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे लक्षणों को नजरअंदाज करने के बजाय समय रहते जांच कराना जरूरी है.
विशेषज्ञों के अनुसार दिनभर असंतुलित भोजन, देर रात खाना, पर्याप्त नींद न लेना, मानसिक तनाव, कुछ दवाओं का प्रभाव, डायबिटीज और हाइपरथायरॉइडिज्म जैसी स्थितियों में रात के समय बार-बार भूख लग सकती है. रक्त शर्करा (ब्लड शुगर) का स्तर बार-बार ऊपर-नीचे होने पर भी शरीर को भोजन की आवश्यकता अधिक महसूस होती है.
* ‘नाइट ईटिंग सिंड्रोम’ भी हो सकता है कारण
यह एक मानसिक और व्यवहार संबंधी विकार है, जिसमें दिनभर भूख कम लगती है, लेकिन देर रात या नींद खुलने पर बार-बार खाने की इच्छा होती है. इससे नींद का चक्र बिगड़ता है और धीरे-धीरे वजन बढ़ने लगता है.
* कब रहें सतर्क?
यदि रात में बार-बार जागना, कुछ खाए बिना दोबारा नींद न आना, सप्ताह में कई बार ऐसा होना, सुबह उठने पर थकान महसूस होना, अचानक वजन घटना या बढ़ना, अधिक प्यास लगना, बार-बार पेशाब आना, दिल की धड़कन तेज होना या हाथ-पैर कांपने जैसे लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए.
* रात में भूख लगे तो क्या खाएं?
विशेषज्ञ हल्के और पौष्टिक विकल्प अपनाने की सलाह देते हैं. गर्म दूध, मुट्ठीभर बादाम या अखरोट, बिना चीनी का दही, अंकुरित अनाज या उबला अंडा बेहतर विकल्प हो सकते हैं. मीठे, तले हुए और जंक फूड से बचना चाहिए.
* बचाव के लिए क्या करें?
– समय पर संतुलित भोजन करें.
– भोजन में प्रोटीन और फाइबर की पर्याप्त मात्रा शामिल करें.
– प्रतिदिन 7 से 8 घंटे की नींद लें.
– नियमित व्यायाम, योग, प्राणायाम और ध्यान को दिनचर्या का हिस्सा बनाएं.
– तनाव कम करने का प्रयास करें.
* विशेषज्ञ की सलाह
यदि पेट भर भोजन करने के बाद भी आधी रात को बार-बार भूख लगती है, तो मधुमेह, थायरॉइड या अन्य हार्मोनल विकारों की जांच अवश्य कराएं. सही समय पर जांच और उपचार से समस्या पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है.
– डॉ. प्रीति मोरे, फिजिशियन





