ठाकरे गुट के दो सांसद भाजपा में आना चाहते थे, लेकिन हमने दरवाजा नहीं खोला
फडणवीस का बड़ा खुलासा:

मुंबई/दि.3– महाराष्ट्र की राजनीति में हाल ही में हुए छह सांसदों के दल-बदल को लेकर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बड़ा खुलासा किया है. उन्होंने कहा कि ठाकरे गुट के छह बागी सांसदों में से दो सांसद भारतीय जनता पार्टी में शामिल होना चाहते थे, लेकिन भाजपा ने उन्हें प्रवेश नहीं दिया. मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि भाजपा ने जानबूझकर अपने दरवाजे बंद रखे और उन सांसदों को सहयोगी दल शिवसेना में जाने की सलाह दी.
एक डिजिटल समाचार मंच को दिए साक्षात्कार में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि छह सांसदों के दल-बदल का पूरा अभियान उनके सहयोगी दल शिवसेना ने संचालित किया था और भाजपा ने मित्र दल होने के नाते आवश्यक सहयोग दिया. उन्होंने यह भी कहा कि सांसदों द्वारा विकास निधि नहीं मिलने को दल-बदल का कारण बताना पूरी सच्चाई नहीं है. उन्होंने कहा, राजनीति में हर व्यक्ति अपना भविष्य देखता है. जब नेतृत्व अपने कार्यकर्ताओं और जनप्रतिनिधियों को विश्वास नहीं दे पाता, तब लोग वहां जाते हैं जहां उन्हें अपना भविष्य सुरक्षित दिखाई देता है. नेता को हमेशा अग्रिम पंक्ति में रहकर नेतृत्व करना चाहिए.
* भाजपा ने क्यों नहीं दिया प्रवेश?
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बताया कि भाजपा का स्पष्ट मत था कि संबंधित सांसद मूल रूप से शिवसेना के टिकट पर चुनकर आए थे, इसलिए उन्हें उसी राजनीतिक परिवार में रहना चाहिए. उन्होंने कहा, हमने भाजपा का दरवाजा उनके लिए नहीं खोला. एक-दो सांसदों ने भाजपा में आने की इच्छा भी जताई थी, लेकिन हमने उन्हें साफ कह दिया कि फिलहाल हमारे पास उनके लिए कोई व्यवस्था नहीं है.
* उद्धव ठाकरे पर साधा निशाना
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बिना नाम लिए उद्धव ठाकरे पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा ने ढाई वर्ष विपक्ष में रहते हुए बिना किसी सरकारी निधि के काम किया, फिर भी पार्टी का एक भी विधायक नहीं टूटा. उन्होंने कहा कि मजबूत नेतृत्व ही संगठन को एकजुट रखता है.
* महायुति सरकार में सब कुछ सामान्य
महायुति सरकार में मतभेदों की चर्चाओं को खारिज करते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि सरकार पूरी तरह सुचारु रूप से चल रही है. मंत्रिमंडल की बैठकों में सभी महत्वपूर्ण निर्णय सर्वसम्मति से लिए जाते हैं. उन्होंने माना कि तीन अलग-अलग दलों के गठबंधन में स्थानीय स्तर पर कुछ प्रतिस्पर्धात्मक हित हो सकते हैं, लेकिन वे अस्थायी हैं. मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व ने महाराष्ट्र से जुड़े छोटे-बड़े राजनीतिक और प्रशासनिक मुद्दों का समाधान राज्य स्तर पर ही करने के निर्देश दिए हैं.
* चास हजार करोड़ रुपये के टेंडर रद्द
प्रशासनिक पारदर्शिता पर बोलते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि कुछ विकास परियोजनाओं में लागत का आकलन आवश्यकता से अधिक किया गया था. यह मामला मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के संज्ञान में लाया गया, जिसके बाद सरकार ने लगभग पचास हजार करोड़ रुपये के टेंडर रद्द कर दिए. उन्होंने दावा किया कि समृद्धि महामार्ग से जुड़े गोंदिया, चंद्रपुर और गढ़चिरौली मार्गों की नई लागत तय कर राज्य के करीब सात हजार करोड़ रुपये बचाए गए हैं.
* खंडणीखोरी पर सख्ती
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि मुंबई महानगरपालिका में निर्धारित दर से अधिक टेंडर देने की प्रणाली पर रोक लगाई गई है और औद्योगिक क्षेत्रों में राजनीतिक संरक्षण वाली खंडणीखोरी पर भी काफी हद तक नियंत्रण किया गया है. उन्होंने बताया कि कई अपराधियों पर महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण कानून (मकोका) के तहत कार्रवाई की गई है.
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने स्पष्ट किया कि ऐसी उगाही का राजनीतिक चंदे से कोई संबंध नहीं था, बल्कि यह कुछ व्यक्तियों के निजी आर्थिक लाभ के लिए चलाया जा रहा अवैध कारोबार था. उन्होंने कहा कि सरकार भ्रष्टाचार और संगठित अपराध के खिलाफ कठोर कार्रवाई जारी





