राज्य के किसानों के लिए खुशखबरी

कर्जमाफी योजना को चुनाव आयोग की मंजूरी

* आचार संहिता के दौरान योजना लागू करने का रास्ता साफ
मुंबई/दि.26 – राज्य के किसानों के लिए एक राहत भरी खबर सामने आई है. विधान परिषद चुनावों के कारण लागू आचार संहिता के चलते कर्जमाफी प्रक्रिया के रुकने की चर्चा चल रही थी. लेकिन केंद्रीय चुनाव आयोग ने इस योजना को मंजूरी दे दी है, जिससे कर्जमाफी के क्रियान्वयन का रास्ता साफ हो गया है. इसलिए 30 जून से पहले ही किसानों के खातों में ‘राहत’ पहुंचने की संभावना जताई जा रही है.
महाराष्ट्र में फिलहाल विधान परिषद की प्रक्रिया जारी है. इसी कारण राज्य में आचार संहिता लागू है. ऐसे में राज्य सरकार द्वारा घोषित किसान कर्जमाफी का निर्णय इस आचार संहिता में अटकने की आशंका थी. राज्य के लाखों किसान इस फैसले की उम्मीद लगाए बैठे थे, लेकिन कर्जमाफी का निर्णय और आगे टलने की संभावना व्यक्त की जा रही थी. राजनीतिक गलियारों में भी इस पर चर्चा तेज थी.
लेकिन अब चुनाव आयोग ने राज्य सरकार को किसान कर्जमाफी योजना लागू करने की मंजूरी दे दी है. इसके चलते किसानों को 30 जून से पहले इस योजना का लाभ मिलने की संभावना बढ़ गई है. खास बात यह है कि राज्य के कृषि मंत्री दत्तात्रय भरणे ने दो दिन पहले ही कहा था कि चुनाव प्रक्रिया जारी होने के बावजूद किसान कर्जमाफी योजना पर कोई बाधा नहीं आएगी और सरकार पात्र किसानों को राहत देने के लिए प्रतिबद्ध है. अब चुनाव आयोग से हरी झंडी मिलने के बाद किसानों में संतोष का माहौल है.
* 2 लाख की कर्जमाफी का मिलेगा लाभ
महायुति सरकार ने विधानसभा चुनाव में किसानों को कर्जमाफी का आश्वासन दिया था. इसके अनुसार, पिछले वर्ष 30 अक्टूबर को सरकार ने इस मामले में एक समिति गठित की थी. इस समिति ने 6 महीने अध्ययन कर अपनी रिपोर्ट मुख्यमंत्री को सौंपी. रिपोर्ट आने से पहले ही मुख्यमंत्री ने बजट सत्र में घोषणा की थी कि राज्य के जिन किसानों का 30 सितंबर 2025 तक बकाया फसल ऋण है, उन्हें 2 लाख रुपये तक कर्जमाफी दी जाएगी तथा नियमित रूप से कर्ज चुकाने वाले किसानों को 50 हजार रुपये प्रोत्साहन राशि दी जाएगी.

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