बाजोरिया की याचिका पर 17 को ही सुनवाई
जलद निपटारे की मांग पर नहीं मिली कोई राहत

* हाईकोर्ट ने तय तारीख पर सभी पक्षों का युक्तिवाद सुनने की बात कहीं
अमरावती/दि.13 – स्थानीय निकाय निर्वाचन क्षेत्र से विधान परिषद के चुनावी मैदान से बाहर हुए निर्दलीय प्रत्याशी व पूर्व विधायक विप्लव बाजोरिया गत रोज एक बार फिर अपनी जनहित याचिका पर त्वरीत सुनवाई की मांग को लेकर नागपुर हाईकोर्ट पहुंचे थे. लेकिन नागपुर हाईकोर्ट ने यह कहते हुए त्वरित सुनवाई की मांग को ठुकरा दिया कि इस याचिका पर सुनवाई हेतु 17 जून की तारीख पहले ही तय की जा चुकी है. ऐसे में तय तारीख पर ही सभी पक्षों का युक्तिवाद चुना जायेगा. जिसके चलते हाईकोर्ट से होते हुए सुप्रीमकोर्ट पहुंचकर दुबारा हाईकोर्ट वापिस लौटे विप्लव बाजोरिया को फिलहाल कोई राहत मिलती दिखाई नहीं दे रही.
बता दे कि विधान परिषद के लिए निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर दावेदारी पेश करनेवाले पूर्व विधायक विप्लव बाजोरिया के नामांकन पत्र में त्रृटि रहने को लेकर प्राप्त आपत्ति व आक्षेप और सुनवाई करते हुए अमरावती के जिला निर्वाचन अधिकारी व जिलाधीश आशीष येरेकर ने बाजोरिया के नामांकन को खारिज कर दिया था. जिलाधीश के इस निर्णय को बाजोरिया द्बारा नागपुर हाईकोर्ट में याचिका दायर करते हुए चुनौती दी गई थी. जिसमें जिलाधीश के निर्णय को खारिज कर खुद को चुनावी प्रक्रिया में शामिल होने देने की मांग की गई थी. उस समय अदालत ने याचिका को सुनवाई हेतु स्वीकार करते हुए अगली सुनवाई के लिए 17 जून की तारीख तय की थी. परंतु अमरावती जिलाधीश के फैसले पर तत्कालीन रोक लगाने से इंकार कर दिया था. जिसके चलते बाजोरिया ने खुद को तुरंत राहत मिलने हेतु सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था. लेकिन उन्हें वहां से भी कोई राहत नहीं मिली.
चूकि अमरावती निकाय निर्वाचन क्षेत्र में 18 जून को ही विधान परिषद के चुनाव हेतु मतदान होना है. जिससे ठीक एक दिन पहले 17 जून को हाईकोर्ट में मामले की सुनवाई है. ऐसे में यदि हाईकोर्ट द्बारा 17 जून को बाजोरिया के लिए कोई राहत दी भी जाती है तो इसका बाजोरिया को कोई फायदा नहीं होगा. अत: बाजोरिया की ओर से दायर याचिका पर त्वरीत सुनवाई की जाए.् इस आशय की दलील देते हुए बाजोरिया द्बारा अपने वकील एड. फिरदौस मिर्जा के जरिए एक बार फिर नागपुर हाईकोर्ट में गुहार लगाई गई थी. जिसे अदालत में यह कहते हुए खारिज कर दिया कि मामले से जुडे प्रतिवादी पक्ष को अपना युक्तिवाद 17 जून को रखने के संदर्भ में सूचित किया गया है और अब ऐन समय पर प्रतिवादी पक्ष को सुनवाई हेतु बुलाना संभव नहीं है. जिसके चलते इस मामले में अगली सुनवाई 17 जून को ही होगी.





