आर. आर. पाटिल का बेटा विधायक बना, इसका जयंत पाटिल को सबसे बड़ा दुख

गोपीचंद पडलकर का जयंत पाटिल पर तीखा हमला

सांगली/दि.12- भाजपा विधायक गोपीचंद पडलकर ने एक बार फिर राष्ट्रवादी कांग्रेस (शरदचंद्र पवार) पार्टी के विधायक जयंत पाटिल पर निशाना साधा है. पडलकर ने कहा कि क्या जयंत पाटिल की इच्छा थी कि विशाल पाटिल सांसद बनें? सभी नेताओं के बेटों की लॉन्चिंग हो गई, लेकिन उनके बेटे की नहीं हुई. इसमें भी उन्हें सबसे बड़ा दुख इस बात का है कि आर.आर. पाटिल का बेटा (रोहित पाटिल) विधायक बन गया और अजीत पवार का लड़का सांसद बन गया.
गोपीचंद पडलकर ने कल पत्रकारों से बात करते हुए जयंत पाटिल पर हमला बोला. उन्होंने कहा कि जयंत पाटिल ने अपने बेटे के लिए कितने प्रयास किए, यह जगजाहिर है. अगर वे विशाल पाटिल को सांसद बना सकते थे, तो उन्होंने अपने बेटे को बना लिया होता. सभी बच्चों की लॉन्चिंग हो गई. आर.आर. पाटिल का बेटा विधायक बन गया, लेकिन अपना नहीं बना, इसका उन्हें सबसे बड़ा दुख है. अजीत पवार का लड़का सांसद बन गया, लेकिन जयंत पाटिल का नहीं बन पा रहा, यह भी उन्हें दुख है. इसलिए दूसरों को सांसद बनाने के बजाय उन्होंने अपने ही बेटे को बना लिया होता.
* जयंत पाटिल ने बेटे के लिए किए कई जतन
गोपीचंद पडलकर ने कहा, जयंत पाटिल ने हातकणंगले में चर्चा शुरू की थी. मैं खुद वहां का प्रभारी था, इसलिए मुझे सब कुछ पता है. उन्होंने वहां बहुत खींचतान की. सांगली में भी अफवाह फैलाई कि मेरा बेटा चुनाव लड़ेगा, भाजपा से लड़ेगा. उन्होंने सब कुछ करके देख लिया. वे खुद जैसे-तैसे 10 हजार वोटों से चुनकर आए हैं. उन्हें खुद नहीं पता था कि उनका क्या होगा, तो फिर विशाल पाटिल का क्या खाक पता होगा?
अच्छा, क्या विशाल पाटिल सांसद बनें, यह जयंत पाटिल की इच्छा थी? उन्हें उनकी मां की कसम देकर पूछिए कि क्या वे चाहते थे कि विशाल पाटिल सांसद बनें. विश्वजीत कदम से पूछिए. आपको भी पता है कि इसमें क्या राजनीति हुई है.
* संग्राम जगताप की भी की तारीफ
गोपीचंद पडलकर ने इस दौरान विधायक संग्राम जगताप की भी जमकर तारीफ की. उन्होंने कहा कि संग्राम जगताप बहुत ताकत के साथ हिंदू धर्म के संरक्षण के लिए आगे आकर काम कर रहे हैं. उनकी पार्टी की विचारधारा अलग होने के बावजूद, वे उसकी परवाह किए बिना पूरी लगन से काम कर रहे हैं. अहिल्यानगर एक मुस्लिम बहुल जिला है, वहां उनका काम जारी है. वे वोटों की चिंता नहीं करते, चुनाव की चिंता नहीं करते, बल्कि हिंदू धर्म और परंपराएं टिकनी चाहिए, इसके लिए प्रयास कर रहे हैं. हिंदू लड़कियों के संदर्भ में अहिल्यानगर जिले में ही सबसे ज्यादा शिकायतें हैं. उन्होंने उस विषय को बहुत ही अध्ययनपूर्ण तरीके से आगे लाया है. उस बात को मेरा समर्थन है.

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