वेतनमान बढ़ाने की मांग को लेकर न्यायिक कर्मचारी आंदोलन की राह पर

16 सितंबर को काली पट्टी बांधकर करेंगे विरोध

* मांग पूरी नहीं हुई तो चरणबद्ध आंदोलन और अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी
अमरावती/दि.8– अमरावती जिले के न्यायिक कर्मचारियों ने दुय्यम न्यायालय के कर्मचारियों को हाईकोर्ट कर्मचारियों के समान वेतनमान और वेतनवृद्धि देने की मांग को लेकर आंदोलन का निर्णय लिया है. इस संबंध में 6 सितंबर को शाम 5 बजे जिला न्यायालय, अमरावती में न्यायिक कर्मचारियों की बैठक आयोजित की गई. बैठक में जिले के सभी न्यायिक कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे.
बैठक में कहा गया कि 31 जनवरी 2025 को महाराष्ट्र सरकार को भेजे गए हाईकोर्ट के प्रस्ताव पर अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है. सेकेंडरी कोर्ट के कर्मचारियों को भी हाईकोर्ट के कर्मचारियों के पे-स्केल के अनुसार वेतनवृद्धि देने की मांग को लेकर महाराष्ट्र न्यायालयीन कर्मचारी मध्यवर्ती संगठना द्वारा शुरू किए गए आंदोलन को अमरावती जिले के सभी न्यायिक कर्मचारियों ने समर्थन देने का निर्णय लिया है. बैठक में तय किया गया कि मांग पर सकारात्मक निर्णय नहीं होने की स्थिति में 16 सितंबर 2026 को सभी न्यायिक कर्मचारी काली पट्टी बांधकर शांतिपूर्ण तरीके से काम करेंगे. इसके बाद भी सरकार द्वारा मांग नहीं मानी गई तो आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से तेज किया जाएगा.
बैठक में स्पष्ट किया गया कि अमरावती जिले के न्यायालयीन कर्मचारी श्रेणी-3, महाराष्ट्र स्टेनोग्राफर्स एसोसिएशन, बेलीफ कर्मचारी संगठना और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी संगठना सहित सभी न्यायिक कर्मचारी इस आंदोलन के समर्थन में हैं. बैठक में अमरावती जिला न्यायालयीन कर्मचारी श्रेणी-3 के अध्यक्ष मधुसूदन देशमुख, उपाध्यक्ष पवन तिखिले, लघु लेखक संगठना के उपाध्यक्ष आशीष धामनकर, संगठन के मार्गदर्शक प्रमोद तवर, बेलीफ संगठना के अध्यक्ष शंकर हनवटे, चतुर्थ श्रेणी संगठना के सचिव प्रथमेश अंबुलकर सहित रोशन यादगिरे, जितेंद्र काशीकर, बोरोकार, इंगले, अंबलकर, चौबे, मेश्राम, ढोलवाडे, गाडरे, चेतन राउत आदि पदाधिकारी व सदस्य उपस्थित थे. संगठन के पदाधिकारियों ने कर्मचारियों को आंदोलन की रूपरेखा और मांगों के संबंध में मार्गदर्शन किया. कर्मचारियों ने कहा कि हाई कोर्ट द्वारा प्रस्ताव भेजे जाने के बावजूद लंबे समय से निर्णय लंबित रहने के कारण उनमें असंतोष है. सरकार से मांग पर जल्द सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की गई है. मांग पूरी नहीं होने पर आंदोलन को और तीव्र करने की चेतावनी संगठन की ओर से दी गई है.

* इस तरह चलेगा आंदोलन
– 16 सितंबर : काली पट्टी बांधकर एक दिन शांतिपूर्ण तरीके से काम किया जाएगा.
– 16 एवं 17 अक्टूबर : दो दिन काली पट्टी बांधकर काम किया जाएगा.
– 5 नवंबर : महाराष्ट्र राज्य के सेकेंडरी कोर्ट के कर्मचारी सामूहिक अवकाश लेकर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करेंगे.
– 6 नवंबर: धनतेरस के दिन तथा 7 नवंबर को न्यायिक कर्मचारी भोजन नहीं करेंगे और शांतिपूर्वक अपना काम जारी रखेंगे.
– 17 नवंबर से : मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं होने की स्थिति में बॉम्बे हाई कोर्ट के अधिकार क्षेत्र के सभी सेकेंडरी कोर्ट के न्यायिक कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की चेतावनी दी गई है.

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