तीन लाख रुपए तक कर्ज, ब्याज शून्य
किसान क्रेडीट कार्ड से किसानों को मिल रही आर्थिक सहायता

* पशुपालन व कुक्कुट पालन हेतु पशुधन विभाग का उपक्रम
अमरावती/दि.29– राज्य में पशुपालन, भेड व बकरी पालन, कुक्कुट पालन एवं वराह पालन करनेवाले किसानों को आर्थिक आधार देने हेतु पशुसंवर्धन विभाग द्वारा ‘पशुसंवर्धन किसान क्रेडीट कार्ड’ मुहिम चलाई जा रही है. जिसके अंतर्गत पशुपालकों को उनके पशुधन की देखभाल एवं दैनंदिन खर्च के लिए आकर्षक ब्याज सहुलियत सहित कर्ज उपलब्ध कराया जा रहा है. जिले के पशुधन उपायुक्त इस योजना के संनियंत्रण अधिकारी है. जिन्होंने सभी पशुपालकों से इस योजना का लाभ लेनेे का आवाहन किया है.
* योजना हेतु पात्रता व शर्तें
इस योजना का लाभ लेने हेतु पशुपालक द्वारा केंद्र व राज्य सरकार सहित जिला परिषद की अन्य किसी भी अनुदान योजना का लाभार्थी नहीं रहना चाहिए. पशुपालन प्रकल्प में सभी पशुधन की एनडीएलएम (भारत पशुधन पोर्टल) पर पंजीयन आवश्यक आवश्यक है. ब्याज रिटर्न सहुलियत की सुविधा अधिकतम पशुधन संख्या रहनेवाले पशुपालकों के लिए ही अनुज्ञेय रहेगी. इस तरह के नियमों व शर्तों की पूर्तता करनेवाले पशुपालकों को ही इस योजना की सुविधाओं का लाभ मिलेगा.
* शून्य फीसद ब्याज दर का भी मिलेगा लाभ
यद्यपि इस योजना में मूल ब्याज दर 9 फीसद है, परंतु नियमित कर्ज अदायगी करनेवाले किसानों को केंद्र सरकार के 3 तथा राज्य सरकार के 11 फरवरी 2026 के निर्णयानुसार 4 ऐसे कुल 7 फीसद तक ब्याज में छूट मिल सकती है. साथ ही साथ बैंकों द्वारा भी इसमें 2 फीसद ब्याज की छूट दी गई है. जिसके चलते नियमित कर्ज अदा करनेवाले पशुपालकों व किसानों को इस योजना अंतर्गत शून्य फीसद ब्याज का भी लाभ मिल सकता है.
* पशुधन संगोपन पर उपाय
पशुधन के संगोपन हेतु आर्थिक दिक्कत न हो, तथा ग्रामीण क्षेत्र में पशुधन व्यवसाय को गति मिले, इस हेतु अधिक से अधिक पशुपालकों ने अपने नजदिकी पशु वैद्यकीय दवाखाने से संपर्क साधकर इस योजना का लाभ लेना चाहिए, ऐसा आवाहन भी पशुधन विभाग द्वारा किया गया है.
* किसान क्रेडीट कार्ड नहीं रहने पर 1.60 लाख का कर्ज
इस योजना के अंतर्गत जिन किसानों के पास किसान क्रेडीट कार्ड नहीं है, उन्हें भी 1.60 लाख रुपए तक कर्ज बिना ब्याज के उपलब्ध कराया जाएगा.
* ब्याज रिटर्न की छूट हेतु अधिकतम पशुधन संख्या
– 25 हजार मांसल कुक्कुट पक्षी.
– 50 हजार या उससे कम अंडा उत्पादक कुक्कुट पक्षी.
– 45 हजार या उससे कम क्षमतावाली हैचरी यूनिट.
– 100 अथवा इससे कम दुधारु जानवरों का तबेला.
– 500 अथवा इससे कम भेड-बकरी का तबेला.
– 200 या इससे कम वराहों का बाडा.
* कहां करे संपर्क
सन 2026-27 से मुख्यमंत्री ग्रामीण पशुधन उद्योजकता योजना (राज्य व जिला स्तर) अंतर्गत पात्र लाभार्थियों को किसान क्रेडीट कार्ड के जरिए अपने व्यवसाय के लिए रकम प्राप्त करने की सुविधा उपलब्ध रहेगी. इस संदर्भ में अधिक जानकारी के लिए नजदिकी पशु वैद्यकीय चिकित्सालय अथवा हेल्प लाइन नंबर 1962 से संपर्क किया जा सकता है, ऐसा आवाहन पशुसंवर्धन विभाग द्वारा किया गया है.
* किसान एवं पशुपालक पात्र
पशुपालकों द्वारा कर्ज हासिल करने की तारीख से अगले एक वर्ष के भीतर पूरे कर्ज को अदा करना आवश्यक रहेगा. दूध सोसायटी, दूध उत्पादक संघ अथवा दूध उत्पादक कंपनी के सदस्य रहने के बावजूद भी जिन किसानों ने अब तक इस योजना का लाभ नहीं लिया है, ऐसे सभी किसान व पशुपालक भी इस योजना के लिए पात्र है. दूध उत्पादक संस्था द्वारा गारंटी दिए जाने पर कर्ज की मर्यादा को लाख रुपए तक बढाया जाता है. साथ ही जिनके पास पहले ही किसान क्रेडीट कार्ड है, वे भी अपनी पत मर्यादा को 3 लाख रुपए तक बढा सकते है.
* ग्रामीण क्षेत्रों में पशुधन व्यवसाय को गति मिले तथा पशुधन का संगोपन अच्छे से हो, इस हेतु अधिक से अधिक पात्र पशुपालकों ने पशु वैद्यकीय दवाखाने अथवा दूध उत्पादक संस्था से संपर्क साधते हुए इस योजना का लाभ लेना चाहिए. यह योजना जिलाधिकारी एवं वरिष्ठ स्तर से प्राप्त दिशा-निर्देशों के अनुसार अमल में लाई जाती है.
– डॉ. नंदकिशोर औगड
प्रभारी जिला उपायुक्त
पशुसंवर्धन व दुग्ध व्यवसाय.





