1 मई को मराठा साम्राज्य सम्मान महामोर्चा
श्री शिव प्रतिष्ठान युवा हिंदुस्थान के आव्हान पर होगा आंदोलन

* पत्रवार्ता में दी गई सांगली में होनेवाले आंदोलन की जानकारी
अमरावती/दि.28 – एनसीईआरटी द्वारा कक्षा 8 वीं के पाठ्यक्रम में से सन 1759 में मराठा साम्राज्य के विस्तार को दर्शानेवाले नक्शे को हटा दिया गया है. जिसका निषेध करते हुए पूरे विश्व को हिंदवी स्वराज्य सेना के पराक्रम से परिचित करानेवाले श्री शिव प्रतिष्ठान युवा हिंदुस्थान द्वारा आगामी 1 मई को सांगली में मराठा साम्राज्य सम्मान महामोर्चा निकाला जा रहा है. जिसमें श्रीमंत छत्रपति उदयन राजे भोसले, छत्रपति शिवेंद्रसिंह राजे भोसले एवं छत्रपति संभाजी राजे भोसले सहित हिंदवी स्वराज्य सेना के सरदारों के वंशजों, इतिहास संशोधकों एवं अभ्यासकों को निमंत्रित किया गया है. इस आशय की जानकारी आज यहां बुलाई गई पत्रवार्ता में श्री शिव प्रतिष्ठान युवा हिंदुस्थान के पदाधिकारियों द्वारा की गई.
इस पत्रवार्ता में बताया गया कि, सन 1750 से 1760 के दौरान मराठा साम्राज्य ने उत्तर भारत में अपना प्रभावी वर्चस्व स्थापित किया था, पेशवे दफ्तर, तहपत्र, राजस्व जानकारी एवं समकालिन अभिलेखों के जरिए राजस्थान, मालवा, बुंदेलखंड, दिल्ली व पंजाब जैसे राज्यों में मराठाओं का अधिराज्य रहने की बात स्पष्ट होती है. उस समय चौथ व सरदेशमुखी वसूली मराठा अधिराज्य के मान्यताप्राप्त चिन्ह थे. साथ ही अजमेर व ग्वालीयर जैसे रणनीतिक स्थानों पर मराठा सरदारों की प्रत्यक्ष उपस्थिति थी. परंतु इसके बावजूद एनसीईआरटी ने इन तमाम बातों की अनदेखी करते हुए अपनी कक्षा 8 वीं की पाठ्यपुस्तक से सन 1759 के मराठा साम्राज्य के नक्शे को ही हटा दिया. जिसे कदापि स्वीकार नहीं किया जा सकता. इस समय सन 1759 के मराठा साम्राज्य के नक्शे को तत्काल पुनर्स्थापित किए जाने की मांग करते हुए कहा गया कि, यह बदलाव किन वजहों के चलते किया गया, उसकी कारणमिमांसा होनी चाहिए. पाठ्यक्रम में बदलाव हेतु पारदर्शक प्रक्रिया निश्चित की जानी चाहिए. केंद्र सरकार ने तत्काल हस्तक्षेप कर स्पष्टीकरण देना चाहिए. इन्हीं मांगों को लेकर आगामी 1 मई को मराठा साम्राज्य सम्मान महामोर्चा निकाला जा रहा है और यदि इसके बाद भी इन मांगों की पूर्ति नहीं होती है, तो अगले आंदोलन की दिशा तय की जाएगी.
इस पत्रवार्ता में अभिषेक दीक्षित, अतुल खोंड, मानव बुद्धदेव, महेश लढके, प्रज्वल निंघोट व यश दहीहांडे आदि उपस्थित थे.





