विधायकों के पीए को दिया जायेगा प्रशिक्षण
106 वर्ष के बाद विधानमंडल कामकाज में पडी आवश्यकता

* समीक्षा हेतु सोमवार को बैठक
मुंबई/ दि.25- स्थापना के 106 वर्षो बाद विधानमंडल सचिवालय पर विधायकों के निजी सचिवों को कामकाज की रीति नीति समझाने प्रशिक्षण की नौबत आयी है. पीए के प्रशिक्षण का निर्णय किया गया है. ताकि सदन में बे मतलब के सवाल और मुद्दे एवं प्रश्नों का दोहरीकरण न हो, इसके लिए पीए को विशेष ट्रेनिंग दी जायेगी. इस संंबंध में आगामी सोमवार 27 अप्रैल को खास समीक्षा बैठक आयोजित किए जाने की जानकारी है. उच्च सदन के सभापति प्रा. राम शिंदे द्बारा बैठक आहुत किए जाने की जानकारी सूत्रों ने दी है.
विलास आठवले देंगे दो घंटे का ट्रेनिंग
विधानमंडल सूत्रों ने बताया कि सदन में एक ही एक विषय पर बारंबार प्रश्न पूछे जाते हैं. उसी प्रकार मुद्दों को उपस्थित करने में भी अनुशासन का पालन नहीं हो पाता. ऐसे में निजी सहायकों के ट्रेनिंग का आयोजन किया गया है. 29 अप्रैल को यह प्रशिक्षण विधान भवन के केन्द्रीय सभागार में होगा. विधान भवन के सचिव विलास आठवले 2 से 3 घंटे का क्लास लेंगे. प्रश्न, ध्यानाकर्षण, आधा घंटा की चर्चा आदि वैधानिक हथियारों के उपयोग के बारे में विधायकों को आवश्यक नियमों की जानकारी उनके निजी सहायकों अर्थात पीए को दी जायेगी. कई बार जो प्रश्न नियमों में नहीं रहते, उसके लिए विधायक तथा उनके निजी सहायक अधिकारियों पर दबाव डालते हैं. तारांकित प्रश्नों के उक्त विधायकों को सदन में मौखिक चाहिए होते हैं. अतारांकित प्रश्न के उत्तर लेखी चाहिए. ऐसे सभी विषयों पर प्रशिक्षण रहेगा.
इन प्रश्नों और मुद्दों की अपेक्षा
विधायक द्बारा पूछे गये प्रश्न में युक्तिवाद, दोषारोप अथवा बदनामी वाला विषय न रहें. प्रश्नों में किसी व्यक्ति के चरित्र अथवा आचरण का उल्लेख टाला जाए. छोटी बातों पर सवाल न उठाए जाए और प्रश्न नाहक न खींचे जाए. केन्द्र सरकार अंतर्गत विषयों के प्रश्न और ध्यानाकर्षण नहीं रखे जा सकेंगे.





