1 हजार से 6,500 रुपए तक के पैकेज, सोशल मीडिया पर ठगी का जाल
गरबा पार्टनर’ किराए पर!

* इंस्टाग्राम-फेसबुक पर वायरल हो रहे ‘रेंट ए पार्टनर’ के विज्ञापन
* टोकन मनी लेकर नंबर ब्लॉक करने से लेकर फर्जी लिंक और ओटीपी के जरिए ठगी की आशंका
अमरावती/दि.5– नवरात्रि और गरबा उत्सव को लेकर युवाओं में उत्साह चरम पर है. इसी बीच सोशल मीडिया पर ‘रेंट ए गरबा पार्टनर’, ‘फ्री गरबा पास’ और आकर्षक पैकेज के नाम से पोस्ट और विज्ञापन तेजी से वायरल हो रहे हैं. अमरावती में भी 1 हजार से लेकर 6,500 रुपए तक के पैकेज का दावा करने वाले पोस्ट सोशल मीडिया पर दिखाई दे रहे हैं. इन विज्ञापनों में गरबा पार्टनर उपलब्ध कराने के साथ बेसिक ट्रेनिंग, मैचिंग ड्रेस, सेल्फी और ड्रॉप-ऑफ जैसी सुविधाओं का दावा किया जा रहा है.
हालांकि, ऐसे ऑफर्स के पीछे साइबर ठगी का खतरा भी बना हुआ है. महाराष्ट्र साइबर पुलिस की ओर से भी सोशल मीडिया पर ‘रेंट ए गरबा पार्टनर’ के नाम से प्रसारित होने वाले संदिग्ध पोस्ट से सावधान रहने की अपील की गई है. राजापेठ पुलिस ने भी विशेष रूप से युवतियों और युवाओं से ऐसे विज्ञापनों पर बिना जांच भरोसा नहीं करने तथा किसी भी स्थिति में अग्रिम भुगतान नहीं करने की अपील की है.
* सिल्वर, गोल्ड और प्लेटिनम के नाम पर पैकेज
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे कुछ विज्ञापनों में गरबा पार्टनर के लिए अलग-अलग पैकेज बताए जा रहे हैं. इनमें 1,000, 1,500, 2,500 रुपये से लेकर 6,500 रुपये तक की रकम का दावा किया जा रहा है. एक, दो और तीन घंटे के हिसाब से सिल्वर, गोल्ड और प्लेटिनम जैसे पैकेज बताए जा रहे हैं. कुछ विज्ञापनों में पुरुष और महिला पार्टनर उपलब्ध कराने के साथ गरबा की बेसिक ट्रेनिंग, मैचिंग कपड़े, सेल्फी और कार्यक्रम के बाद ड्रॉप करने जैसी सेवाओं का भी दावा किया जा रहा है. हालांकि, इन विज्ञापनों की वास्तविकता और संबंधित व्यक्तियों की पहचान की पुष्टि किए बिना किसी तरह का भुगतान करना जोखिम भरा हो सकता है.
* पैसे लेते ही नंबर ब्लॉक करने का खतरा
साइबर ठग ऐसे विज्ञापनों के जरिए पहले आकर्षक ऑफर दिखा सकते हैं और बुकिंग के नाम पर टोकन मनी या एडवांस पेमेंट मांग सकते हैं. रकम मिलने के बाद मोबाइल नंबर ब्लॉक कर देना या सोशल मीडिया अकाउंट बंद कर देना ठगी का एक तरीका हो सकता है. इसके अलावा फर्जी यूपीआई लिंक, क्यूआर कोड, रिफंड के नाम पर बैंकिंग जानकारी और ओटीपी मांगने जैसे तरीके भी अपनाए जा सकते हैं. इसलिए पुलिस ने लोगों से किसी अनजान व्यक्ति को बैंकिंग संबंधी जानकारी नहीं देने की अपील की है.
* फ्री पास और सस्ते टिकट के नाम पर भी सावधान
गरबा कार्यक्रमों के फर्जी पास के नाम पर भी साइबर ठगी की आशंका है. वॉटसएप या सोशल मीडिया पर आने वाले अनधिकृत लिंक, एपीके फाइल या संदिग्ध वेबसाइट पर क्लिक नहीं करने की सलाह दी गई है. सस्ते पास या मुफ्त पास का लालच देकर भेजे गए लिंक के जरिए मोबाइल में मैलवेयर इंस्टॉल कराया जा सकता है. इसके बाद व्यक्तिगत अथवा बैंकिंग जानकारी चोरी होने का खतरा रहता है.
* वीडियो कॉल और फोटो के जरिए ब्लैकमेल का भी खतरा
जानकारी के मुताबिक सोशल मीडिया पर नए दोस्त बनाते समय भी सावधानी जरूरी है. साइबर अपराधी फर्जी प्रोफाइल बनाकर बातचीत शुरू कर सकते हैं. इसके बाद वीडियो कॉल, फोटो या निजी जानकारी हासिल कर उसका दुरुपयोग करने अथवा ब्लैकमेल करने का प्रयास किया जा सकता है. पुलिस ने युवाओं से सोशल मीडिया पर मिले किसी भी अजनबी व्यक्ति से पहली मुलाकात भीड़भाड़ वाले सार्वजनिक स्थान पर करने और किसी निजी स्थान पर जाने से बचने की अपील की है.
* गरबा ड्रेस की ट्रायल में भी सावधानी
राजापेठ पुलिस की ओर से जारी जागरूकता संदेश में गरबा ड्रेस ट्रायल के दौरान चेंजिंग रूम को अच्छी तरह जांचने की सलाह भी दी गई है. किसी भी संदिग्ध वस्तु या गतिविधि की जानकारी मिलने पर तत्काल संबंधित प्रबंधन अथवा पुलिस को सूचित करने को कहा गया है. थानेदार संदीप चव्हाण ने लोगों से नवरात्रि उत्सव के दौरान सोशल मीडिया और गरबा आयोजनों से जुड़ी गतिविधियों में सतर्क रहने की अपील की है. राजापेठ पुलिस के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल से भी जागरूकता संदेश साझा किया गया है.
* नवरात्रि में इन बातों का रखें ध्यान
– ‘रेंट ए गरबा पार्टनर’ के नाम पर बिना सत्यापन कोई एडवांस न दें.
– सोशल मीडिया पर मिले अनजान लिंक या एपीके डाउनलोड न करें.
– फर्जी यूपीआई लिंक और क्यूआर कोड से सावधान रहें.
– रिफंड या बुकिंग के नाम पर ओटीपी साझा न करें.
– बैंक अकाउंट, कार्ड अथवा व्यक्तिगत जानकारी अनजान व्यक्ति को न दें.
– सोशल मीडिया पर मिले अजनबी से पहली मुलाकात सार्वजनिक स्थान पर ही करें.
– सस्ते या फ्री गरबा पास के नाम पर अनधिकृत वेबसाइट पर भुगतान न करें.
– किसी संदिग्ध गतिविधि या ठगी की स्थिति में तत्काल 1930 साइबर हेल्पलाइन, 112 या नजदीकी पुलिस थाने से संपर्क करें.





