पेट्रोल-डीजल 3-3 रुपए प्रति लीटर महंगे, नई कीमतें लागू
अमरावती के नए रेट पेट्रोल पंप एसो. ने किए घोषित

* इंधन रेट बढने से कई चीजें होगी महंगी
अमरावती/दि.15 – तीनों सरकारी तेल कंपनियों ने आखिरकार इंधन के दाम बढा दिए. पेट्रोल और डीजल 3-3 रुपए प्रति लीटर महंगा हो गया है. डीजल की कीमत 90.67 रुपए प्रति लीटर हो गई है. नए दाम आज 15 मई से लागू हो गए हैं. इंधन के रेट बढने से अनेक चीजों के दाम पर सीधा प्रभाव पडने की संभावना देखी जा रही है. कमर्शियल सिलेंडर के रेट बढाए जाने से होटल्स का खाना-पीना महंगा हो गया है. कई जगह मेनू भी कम किए गए थे. अब सफर महंगा होना अवश्यंभावी बताया जा रहा है. अमरावती से बडनेरा जाना और महंगा हो सकता है.
* शहर में पेट्रोल 108.02, डीजल 94.52 रुपए प्रति लीटर
अमरावती में दोनों पेट्रोल और डीजल के नए दाम पेट्रोल पंप एसो. ने जारी किए है. शहर सीमा में पहले पेट्रोल 105.11 रुपए था. अब 108.02 रुपए हो गया है. वहीं डीजल के रेट 91.67 रुपए से बढकर 94.52 रुपए प्रति लीटर होने की जानकारी दी गई है. अमरावती एसो. ने दावा किया कि, फिलहाल तो इंधन का पर्याप्त स्टॉक है. दो दिनों से अमरावती में दाम बढने की चर्चा चल रही थी. उसी प्रकार आसपास के शहरों के लोग यहां सोशल मीडिया पर इंधन खत्म होने के भी संदेश प्रसारित कर रहे थे. जिससे पंपों पर वाहन चालकों की कतारें लगी थी. बता दें कि, दो दिन पहले सरकार ने सीएनजी गैस भी दो रुपए प्रति किलो महंगी की है.
* ऑटो रिक्शा का बढेगा किराया
पेट्रोल और डीजल दोनों के ही रेट बढाए जाने से शहर में यहां-वहां जाना भी निश्चित ही महंगा होगा. इलेक्ट्रीक अथवा गैस पर चलनेवाले सार्वजनिक वाहन की संख्या सीमित रहने से आम अमरावतीवासियों की जेब पर बडा असर होनेवाला है.
* 2024 से दाम नहीं बदले थे, चुनाव से पहले कटौती हुई थी
देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतें मार्च 2024 से स्थिर बनी हुई थीं. लोकसभा चुनाव 2024 से ठीक पहले सरकार ने कीमतों में 2 प्रति लीटर की कटौती कर जनता को राहत दी थी. हालांकि, तकनीकी रूप से भारत में ईंधन की कीमतें विनियमित हैं और कंपनियां अंतरराष्ट्रीय क्रूड की 15 दिनों की औसत कीमत के आधार पर हर दिन रेट बदल सकती हैं, लेकिन राजनीतिक संवेदनशीलता के कारण इन्हें लंबे समय तक नहीं बदला गया.
* अभी भी घाटे का दावा
वहीं कंपनियों को अभी भी पेट्रोल-डीजल पर 25-30 प्रति लीटर का घाटा हो रहा है. पेट्रोल और डीजल की कीमतों के साथ प्रमुख शहरों में उछॠ भी 2 प्रति किलो तक महंगी हो गई हैं. इस बढ़ोतरी की मुख्य वजह अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव है. ईरान और अमेरिका की जंग शुरू होने से पहले क्रूड ऑयल के दाम 70 डॉलर थे जो अब बढ़कर 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गए हैं. क्रूड की कीमतें बढ़ने से तेल कंपनियां दबाव में थीं. इसलिए कंपनियों ने घाटे की भरपाई के लिए यह कदम उठाया है. अगर कच्चे तेल की कीमतों में लंबे समय तक तेजी बनी रहती है तो पेट्रोल-डीजल की कीमतें और भी बढ़ाई जा सकती हैं. सरकार के मुताबिक, इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम जैसी सरकारी कंपनियां अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की ऊंची कीमतों के कारण घाटे में चल रही थीं.





