प्रशिक्षण के अनुभव से ग्राहकों को बेहतर बिजली सेवा दें

महावितरण के कार्यकारी संचालक प्रसाद रेशमे का आवाहन

महावितरण के अभियंताओं के लिए आरईसी की ओर से तीन दिवसीय विशेष प्रशिक्षण शिविर का आयोजन
अमरावती /दि.12- बदलती तकनीक के अनुरूप महावितरण की विद्युत वितरण प्रणाली में हो रहे बदलावों को समझना और उनका प्रभावी उपयोग कर ग्राहकों को त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण सेवा प्रदान करना समय की मांग है. प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त ज्ञान और अनुभव का प्रत्यक्ष कार्य में उपयोग करते हुए ग्राहकों को बेहतर एवं संतोषजनक सेवा प्रदान करें. यह आह्वान महावितरण के कार्यकारी संचालक प्रसाद रेशमे ने किया.
वे अमरावती स्थित विभागीय प्रशिक्षण केंद्र में महावितरण और केंद्र सरकार के ग्रामीण विद्युतीकरण निगम (आरईसी) की ओर से 7 से 9 अक्टूबर तक आयोजित तीन दिवसीय विशेष प्रशिक्षण शिविर में बोल रहे थे. इस अवसर पर महावितरण के मुख्य अभियंता दिलीप दोडके, पूर्व मुख्य अभियंता वासनिक, कार्यकारी अभियंता प्रशांत चव्हाण, अतिरिक्त कार्यकारी अभियंता प्रदीप भोयर एवं गांगुर्डे सहित विदर्भ के विभिन्न क्षेत्रों से प्रशिक्षण के लिए आए महावितरण के अभियंता उपस्थित थे.
* स्मार्ट मीटर से लेकर डिजिटल प्रणाली तक दिया प्रशिक्षण
विद्युत क्षेत्र में तेजी से हो रहे तकनीकी बदलावों से अभियंताओं एवं कर्मचारियों को अवगत कराने के उद्देश्य से इस विशेष प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया था. तीन दिवसीय प्रशिक्षण के दौरान स्मार्ट मीटर, विभिन्न तकनीकी विषयों, डिजिटल प्रणालियों के उपयोग, डेटा संकलन एवं विश्लेषण, अत्याधुनिक उपकरणों के संचालन तथा ग्राहकों की समस्याओं का त्वरित निराकरण करने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विशेषज्ञों ने विस्तृत मार्गदर्शन किया. इस दौरान कार्यकारी संचालक प्रसाद रेशमे ने विदर्भ से प्रशिक्षण लेने आए अभियंताओं एवं जनमित्रों के साथ संवाद किया. उन्होंने कहा कि तकनीक लगातार उन्नत हो रही है. ऐसे में कर्मचारियों के लिए बदलती तकनीक के अनुरूप अपने ज्ञान एवं कौशल को अद्यतन रखना बेहद आवश्यक है. प्रशिक्षण से प्राप्त अनुभव कर्मचारियों की कार्यक्षमता बढ़ाने में सहायक होगा. उन्होंने सभी कर्मचारियों से इस अनुभव का उपयोग ग्राहकों को उत्कृष्ट विद्युत सेवा उपलब्ध कराने के लिए करने की अपील की.
* अपारंपरिक ऊर्जा के बढ़ते उपयोग के लिए तैयार रहें
रेशमे ने कहा कि आने वाले समय में अपारंपरिक ऊर्जा के क्षेत्र में बड़े पैमाने पर वृद्धि होने की संभावना है. ऐसे में मौजूदा विद्युत वितरण प्रणाली को आधुनिक तकनीक से जोड़कर दिन के समय भी गुणवत्तापूर्ण बिजली उपलब्ध कराना एक बड़ी चुनौती होगी. इस चुनौती का सामना करने के लिए प्रत्येक कर्मचारी को बदलती तकनीक के अनुरूप स्वयं में आवश्यक बदलाव लाने होंगे.
* बिजली क्षेत्र में गलतियों की कोई गुंजाइश नहीं : दोडके
मुख्य अभियंता दिलीप दोडके ने कहा कि बिजली क्षेत्र में किसी भी प्रकार की गलती के लिए कोई गुंजाइश नहीं है. प्रशिक्षण के दौरान कर्मचारियों के पूर्व ज्ञान को व्यावहारिक अनुभव से जोड़ने का अवसर मिलता है. इसलिए प्रशिक्षण में शामिल प्रत्येक कर्मचारी को कार्य के दौरान सामने आने वाली तकनीकी समस्याओं और उनसे निपटने के तरीकों की जानकारी हासिल करनी चाहिए. उन्होंने यह भी कहा कि प्रशिक्षण से प्राप्त अनुभव और तकनीकी जानकारी को कर्मचारियों को अपने सहकर्मियों के साथ साझा करना चाहिए, ताकि इसका लाभ अधिक से अधिक कर्मचारियों को मिले और विद्युत सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार हो सके. कार्यक्रम का प्रास्ताविक अतिरिक्त कार्यकारी अभियंता राजेश पाटील ने किया. संचालन उपकार्यकारी अभियंता नाजिया खान ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन अतिरिक्त कार्यकारी अभियंता राजेश बिजवे ने किया.

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