लंबित मांगों की अनदेखी पर आरटीओ कर्मचारियों का आंदोलन तेज

16 जून से राज्यव्यापी अनिश्चितकालीन हड़ताल का ऐलान

अमरावती/दि.30 – महाराष्ट्र राज्य मोटार वाहन विभाग (आरटीओ) कर्मचारी संघ ने अपनी वर्षों से लंबित मांगों पर सरकार द्वारा कोई ठोस निर्णय नहीं लिए जाने के विरोध में आंदोलन की चेतावनी दी है. संघ ने परिवहन आयुक्त को ज्ञापन सौंपते हुए 2 जून से आंदोलन की श्रृंखला शुरू करने तथा 16 जून से राज्यव्यापी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का निर्णय घोषित किया है.
संघ के अनुसार, सितंबर 2024 में राज्यभर के आरटीओ कर्मचारियों ने तीन दिनों की ऐतिहासिक हड़ताल की थी. उस समय परिवहन आयुक्त कार्यालय ने सेवा प्रवेश नियमों और पदोन्नति संबंधी प्रक्रियाओं पर कार्रवाई का आश्वासन दिया था. कुछ पदों पर तीन माह के लिए अस्थायी पदोन्नतियां भी दी गई थीं, लेकिन अवधि समाप्त होने के बाद कर्मचारियों को फिर से पुराने पदों पर भेज दिया गया.
कर्मचारी संगठन का आरोप है कि अधिकांश मांगें आज भी लंबित हैं, जिससे कर्मचारियों को आर्थिक और सामाजिक नुकसान उठाना पड़ रहा है. वरिष्ठ प्रशासकीय अधिकारी एवं प्रशासकीय अधिकारी पदों पर पदोन्नति, वर्ग-3 संवर्ग के सेवा प्रवेश नियम, सहायक मोटार वाहन अभियोजक पद के नियम, लिपिक संवर्ग के पदनाम परिवर्तन, आश्वासित प्रगति योजना के लाभ तथा सेवानिवृत्त कर्मचारियों से जुड़े मामलों पर अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है.
* तीन चरणों में होगा आंदोलन
संघ ने आंदोलन का कार्यक्रम घोषित करते हुए बताया है कि, 2 जून को दो घंटे का धरना-प्रदर्शन, 9 जून को एक दिवसीय सांकेतिक हड़ताल, 16 जून से राज्यव्यापी अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरु की जाएगी. संघ का कहना है कि राज्यभर के आरटीओ कार्यालयों में आंदोलन की तैयारी शुरू हो चुकी है और कर्मचारियों का व्यापक समर्थन मिल रहा है.
* कर्मचारी संगठन ने सरकार के समक्ष रखी प्रमुख मांगें
– वरिष्ठ प्रशासकीय अधिकारी और प्रशासकीय अधिकारी के 23 पदों पर लंबित पदोन्नति प्रस्तावों को मंजूरी दी जाए.
– कार्यालय अधीक्षक पद के सेवा प्रवेश नियम तत्काल तैयार किए जाएं.
– सहायक मोटार वाहन अभियोजक पद के लिए सेवा प्रवेश नियम बनाए जाएं ताकि विधि स्नातकों को अवसर मिल सके.
– वर्ग-3 संवर्ग के सभी पदों के सेवा प्रवेश नियम लागू किए जाएं.
– लिपिक-टंकलेखक एवं वरिष्ठ लिपिक पदों का नाम बदलकर परिवहन सहायक और वरिष्ठ परिवहन सहायक किया जाए.
– आश्वासित प्रगति योजना के तहत पात्र कर्मचारियों को लाभ दिया जाए.
– प्रतिनियुक्ति समाप्त किए गए कर्मचारियों की स्थायी पदस्थापना संबंधित विभागों में की जाए.
– परिवहन आयुक्त कार्यालय के प्रशासनिक विभाग के कुछ कर्मचारियों पर बदली अधिनियम-2005 लागू किया जाए.
* निर्णय न होने पर आंदोलन तेज होगा
संघ के राज्य अध्यक्ष प्रकाश पाटील, महासचिव सुरेंद्र सरतापे, राज्य उपाध्यक्ष एवं अमरावती विभाग अध्यक्ष अनिल मानकर सहित राज्यभर के पदाधिकारियों और कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन को और अधिक तीव्र किया जाएगा. ऐसी स्थिति में आरटीओ कार्यालयों की सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं, जिससे वाहन पंजीकरण, ड्राइविंग लाइसेंस और अन्य परिवहन संबंधी कार्यों पर असर पड़ने की संभावना है.

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