गैर कानूनी गिरफ्तार करने पर वरिष्ठ नागरिक को 25 हजार की भरपाई
हाईकोर्ट का फैसला, व्यक्तिगत आजादी का उल्लंघन

नागपुर/दि.30- मुंबई उच्च न्यायालय की नागपुर खंडपीठ ने अधिकार का दुरुपयोग चिंता का विषय रहने का निरीक्षण दर्ज करते हुए अंबाझरी पुलिस को फटकार लगाई. साथ ही कानून की रक्षा करना यह जिनकी प्राथमिक जिम्मेदारी है, उसी पुलिस ने कानून का उल्लंघन किया, ऐसे कृत्य की तरफ कडाई से देखना आवश्यक रहने की बात स्पष्ट कर गैर कानूनी गिरफ्तार किये जाने पर एक वरिष्ठ नागरिक को 25 हजार रुपए भरपाई मंजूर की.
न्यायमूर्ति उर्मिला जोशी-फलके व निवेदिता मेहता ने यह फैसला सुनाया. वरिष्ठ नागरिक का नाम सतीश डवले है. उस पर बहु को गालीगलौज, संपत्ति की तोडफोड आदि आरोप थे. संबंधित अपराध में कम से कम तीन साल की सजा है. वे जमानत के पात्र थे. डवले यह पुलिस की नोटिस को प्रतिसाद देते हुए जांच अधिकारी के सामने पेश हुए थे. फिर भी जनवरी 2023 में पुलिस ने उन्हें गिरफ्तारी का कारण स्पष्ट न करते हुए और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया का पालन न करते हुए गिरफ्तार किया था. न्यायालय ने यह कार्रवाई व्यक्तिगत आजादी का उल्लंघन करने वाली है, ऐसा कहा. मामला दखल पात्र रहा तो भी गिरफ्तारी अपने आप नहीं होती. गिरफ्तारी की आवश्यकता क्या है, यह पुलिस द्वारा सिद्ध करना आवश्यक रहता है. इस प्रकरण में गिरफ्तारी पंचनामा, रिश्तेदारों को जानकारी देने जैसी अनिवार्य प्रक्रिया पूरी नहीं की गई. ऐसा न्यायालय ने स्पष्ट किया.





