ईयरबड्स लगाकर सोने की आदत पड़ सकती है भारी, कानों को हो सकता है नुकसान
तेज आवाज से सुनने की क्षमता प्रभावित होने का खतरा

नींद में भी बाधा, ईएनटी विशेषज्ञ ने दी सावधानी बरतने की सलाह
अमरावती/दि.14 – दिनभर की थकान दूर करने और शरीर को आराम देने के लिए रात में अच्छी नींद लेना जरूरी है. लेकिन आजकल कई लोगों को गाने, भक्ति संगीत, कहानियां या पॉडकास्ट सुने बिना नींद नहीं आती. इसके चलते सोते समय ईयरबड्स, नेकबैंड या हेडफोन लगाकर सोने की आदत बढ़ रही है. हालांकि, यह आदत कानों के लिए नुकसानदायक साबित हो सकती है. लंबे समय तक ईयरबड्स का इस्तेमाल करने और तेज आवाज में संगीत सुनने से कानों में दर्द, खुजली, जलन तथा सुनने की क्षमता प्रभावित होने का खतरा रहता है.
* संगीत सुनते-सुनते सोने की आदत
काम का तनाव, मोबाइल का बढ़ता इस्तेमाल और दिनभर की भागदौड़ के कारण कई लोग रात में सोने से पहले संगीत या पॉडकास्ट सुनते हैं. कुछ लोगों को हल्का संगीत सुनने से सुकून मिलता है और उन्हें जल्दी नींद आ जाती है. धीरे-धीरे यह आदत उनकी दिनचर्या का हिस्सा बन जाती है. स्थिति ऐसी हो जाती है कि कुछ लोगों को ईयरबड्स लगाए बिना नींद ही नहीं आती. वे संगीत सुनते-सुनते सो जाते हैं और इसके बाद भी ईयरबड्स लंबे समय तक कानों में लगे रहते हैं. ऐसे में आवाज कितनी देर तक और किस स्तर पर चलती रहती है, इस पर उनका ध्यान नहीं रहता.
* कानों पर लगातार दबाव पड़ने का खतरा
इन-ईयर ईयरबड्स का लंबे समय तक इस्तेमाल करने से कानों में असहजता, खुजली और त्वचा में जलन हो सकती है. सोते समय करवट बदलने पर ईयरबड्स और कान के बीच दबाव बढ़ सकता है. यदि ईयरबड्स तकिये और कान के बीच दब जाते हैं, तो दर्द और परेशानी बढ़ने की आशंका रहती है. इसके अलावा, लंबे समय तक तेज आवाज में संगीत सुनने से सुनने की क्षमता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है. कुछ लोगों को कानों में घंटी बजने या सीटी जैसी आवाज सुनाई देने की समस्या भी हो सकती है.
* नींद के दौरान भी सक्रिय रहता है दिमाग
नींद के दौरान भी दिमाग पूरी तरह निष्क्रिय नहीं होता, बल्कि नींद के अलग-अलग चरणों में उसकी गतिविधियां बदलती रहती हैं. बाहरी आवाजें और तेज संगीत कुछ लोगों की नींद में बाधा डाल सकते हैं. इससे नींद की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है और सुबह उठने पर थकान महसूस हो सकती है. हालांकि, हर व्यक्ति पर इसका प्रभाव एक जैसा नहीं होता. इसलिए सोते समय लगातार ईयरबड्स लगाकर संगीत सुनने से बचना बेहतर है.
* क्या कहते हैं विशेषज्ञ?
ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. मंगेश मेंढे के अनुसार, संभव हो तो सोते समय ईयरबड्स का इस्तेमाल करने से बचना चाहिए, क्योंकि इससे कानों को परेशानी हो सकती है. यदि कोई व्यक्ति नेकबैंड या हेडफोन के माध्यम से संगीत सुनता है, तो उसे आवाज का स्तर कम रखना चाहिए. लंबे समय तक तेज आवाज सुनने से कानों को नुकसान पहुंच सकता है. कानों में दर्द, खुजली, जलन या किसी प्रकार का असामान्य स्राव होने पर ईएनटी विशेषज्ञ से परामर्श लेना चाहिए.
* ईयरबड्स इस्तेमाल करते समय बरतें सावधानी
सोते समय बिना ईयरबड्स के नींद लेने की आदत डालें, संगीत सुनना जरूरी लगे, तो आवाज का स्तर कम रखें, मोबाइल में स्लीप टाइमर लगाएं, ताकि तय समय के बाद संगीत अपने आप बंद हो जाए, पूरी रात संगीत या पॉडकास्ट चालू न छोड़ें, ईयरबड्स को नियमित रूप से साफ रखें और गीले ईयरबड्स का इस्तेमाल न करें, कानों में दर्द, खुजली, जलन या स्राव होने पर चिकित्सकीय सलाह लें. विशेषज्ञों की सलाह है कि अच्छी नींद के लिए ईयरबड्स पर निर्भर रहने के बजाय शांत वातावरण में सोने की आदत विकसित करें. इससे कानों को अनावश्यक दबाव और लगातार आवाज के संपर्क से बचाने में मदद मिल सकती है.





