अनशनकारी शिक्षिकाओं की मांगों पर सांसद डॉ. बोंडे ने लिया संज्ञान
शिक्षाधिकारी को फोन कर तत्काल न्याय दिलाने की मांग की

अचलपुर नगर परिषद में दोबारा नियुक्ति और बकाया वेतन का मुद्दा
अमरावती/दि. 13 – जिला परिषद के माध्यमिक शिक्षाधिकारी कार्यालय के सामने सोमवार, 12 अक्तूबर से शुरू हुए महिला शिक्षिकाओं के अनशन स्थल पर भाजपा सांसद डॉ. अनिल बोंडे पहुंचे. उन्होंने आंदोलनकारी शिक्षिकाओं की समस्याएं सुनीं और मौके से ही माध्यमिक शिक्षाधिकारी प्रिया देशमुख को फोन कर मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने तथा पीड़ित शिक्षकों को न्याय दिलाने की मांग की.
आंदोलनकारी शिक्षकों की प्रमुख मांगों में अचलपुर नगर परिषद में दोबारा नियुक्ति, 11 अगस्त से कथित तौर पर रोके गए वेतन और रोजंदारी की राशि का भुगतान तथा संबंधित स्कूल प्रशासन के विरुद्ध कार्रवाई शामिल है. शिक्षकों का आरोप है कि कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद उन्हें मूल संस्था में रोके रखा गया, उपस्थिति रजिस्टर पर हस्ताक्षर करने नहीं दिए गए और वेतन से वंचित रखा गया. आंदोलनकारियों के अनुसार, अचलपुर नगर परिषद ने 19 अगस्त 2026 को तीन शिक्षकों को विधिवत कार्यमुक्त कर दिया था. इसके बावजूद उन्हें डेढ़ महीने से अधिक समय तक मूल स्कूल में रोके रखने, उपस्थिति रजिस्टर पर हस्ताक्षर नहीं करने देने और वेतन का भुगतान नहीं करने पर सवाल उठाए गए हैं. शिक्षकों ने संबंधित स्कूल प्रशासन और शिक्षा विभाग से इस संबंध में स्पष्टीकरण मांगा है. आंदोलनकारी शिक्षकों की मांग है कि अगस्त 2026 से अब तक का वेतन तथा पिछले तीन से चार महीनों की बकाया राशि बिना देरी के ब्याज सहित अदा की जाए. उनका कहना है कि वेतन रोके जाने से उन्हें आर्थिक और मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
शिक्षकों ने अमरावती के पठानपुरा स्थित नेशनल उर्दू गर्ल्स हाईस्कूल के प्रशासन पर दो वरिष्ठ महिला शिक्षिकाओं और एक पुरुष शिक्षक को मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है. उन्होंने कार्यस्थल पर महिलाओं के उत्पीड़न की रोकथाम संबंधी कानून के तहत स्कूल प्रशासन के विरुद्ध दंडात्मक और कानूनी कार्रवाई की मांग भी की है. ये आरोप आंदोलनकारियों की ओर से लगाए गए हैं; इस संबंध में संबंधित प्रशासन का पक्ष सामने आना बाकी है.
अचलपुर नगर परिषद में दोबारा नियुक्ति और 19 अगस्त से बकाया वेतन मिलने तक आंदोलन जारी रखने का संकल्प जताते हुए वरिष्ठ सहशिक्षिका तहमियत बानो शहेबाज अख्तर, शाहिस्ता बेगम मोहम्मद एहतेशाम और वरिष्ठ पुरुष सहशिक्षक अबरारोलिन अमीनुद्दीन आमरण अनशन पर बैठे हैं. आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी है कि अनिश्चितकालीन अनशन के दौरान किसी शिक्षक अथवा उनके परिवार के सदस्य के साथ कोई अनहोनी होती है, तो इसकी जिम्मेदारी जिला परिषद के माध्यमिक शिक्षाधिकारी और संबंधित स्कूल की प्रधानाध्यापिका की होगी.
अनशन स्थल पर शिक्षकों की व्यथा सुनने के बाद सांसद डॉ. बोंडे ने शिक्षाधिकारी प्रिया देशमुख से फोन पर बातचीत की. उन्होंने कहा कि आंदोलनकारी शिक्षकों के साथ हो रहे कथित अन्याय को तत्काल दूर किया जाए और उन्हें नियमानुसार शीघ्र न्याय मिले. इस अवसर पर पीपल्स रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया के नेता चरणदास इंगोले भी उपस्थित थे.





