नागपुर में 41 करोड़ की जमीन डील में स्टांप ड्यूटी चोरी
4.62 करोड़ की वसूली का नोटिस जारी

नागपुर/दि.18 – जमीन से जुड़े लेन-देन को अधिक पारदर्शी और सरल बनाने के लिए सरकार द्वारा दावा किया जा रहा है कि कई कानूनों में बदलाव किए गए हैं. लेकिन इसके बाद भी गड़बड़ियां रुकती नजर नहीं आ रही हैं. राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले के जिले में ही साढ़े तीन करोड़ रुपये के व्यवहार को सिर्फ 500 रुपये के स्टांप पेपर पर दर्ज किए जाने का मामला सामने आया है. खास बात यह है कि संबंधित जमीन का बाजार मूल्य स्टांप विभाग ने 40 करोड़ 96 लाख रुपये तय किया है.
मौजा बेसा क्षेत्र में हुई इस जमीन डील में करीब 2 करोड़ 45 लाख 81 हजार 500 रुपये की स्टांप ड्यूटी चोरी का गंभीर मामला उजागर हुआ है. इस मामले में नागपुर शहर के सह-जिल्हा निबंधक वर्ग-1 तथा स्टांप जिला अधिकारी तानाजी गंगावने ने कम स्टांप शुल्क और जुर्माने सहित कुल 4 करोड़ 62 लाख रुपये जमा करने का नोटिस खरीदार रोहण ठक्कर को जारी किया है. तय समय में राशि जमा न करने पर आपराधिक कार्रवाई की चेतावनी दी गई है.
शिवाजी नगर, कोतवाली निवासी ठाकर ने मौजा बेसा स्थित खसरा नं. 93/4 और 93/5 की कुल 1.60 और 1.21 हेक्टेयर भूमि का विक्रय करार 3 अक्टूबर 2022 को किया था. खैरुन्निसा मो. समद मो. ईसाक ने यह भूखंड 3 करोड़ 50 लाख रुपये में ठाकर को बेचा था. लेकिन ठाकर द्वारा इतने बड़े लेन-देन के लिए सिर्फ 500 रुपये के स्टांप पेपर का उपयोग किया गया. इस संबंध में उदयसिंग सोहनलाल यादव ने उपमहानिरीक्षक और स्टांप उपनियंत्रक के पास शिकायत दर्ज कराई थी.
शिकायत की जांच के बाद स्टांप जिला अधिकारी कार्यालय ने 2022-23 के वार्षिक मूल्य दर तक्ते (रेडी रेकनर) के अनुसार संपत्ति का शासकीय बाजार मूल्य जांचा, जो 40 करोड़ 96 लाख 98 हजार रुपये पाया गया. महाराष्ट्र स्टांप अधिनियम के अनुसार इस मूल्य पर 5 प्रतिशत स्टांप शुल्क और 1 प्रतिशत जिला परिषद-पंचायत समिति कर मिलाकर कुल 6 प्रतिशत दर से 2 करोड़ 45 लाख 82 हजार रुपये स्टांप शुल्क देय था. लेकिन केवल 500 रुपये भरे जाने से करीब 2,45,81,500 रुपये की राजस्व हानि हुई. इसके अलावा प्रतिमाह 2 प्रतिशत की दर से 2 करोड़ 16 लाख 31 हजार 720 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया.