शिव-पार्वती विवाह प्रसंग की मनोहारी झांकी ने मोहा श्रद्धालुओं का मन
पंडित अनिल शास्त्री की मधुर वाणी में चल रही श्रीमद् भागवत कथा

अमरावती/दि.10 – जगन्नाथ पुरी धाम में आयोजित श्रीमद भागवत कथा के दूसरे दिन शिव-पार्वती विवाह प्रसंग का भावपूर्ण एवं रोचक वर्णन किया गया. कथा के दौरान भगवान शिव और माता पार्वती के विवाह की सुंदर झांकी प्रस्तुत की गई, जिसने उपस्थित श्रद्धालुओं का मन मोह लिया.
भागवत आचार्य पंडित अनिल जी शास्त्री ने अपने मधुर प्रवचन में शिव विवाह प्रसंग का वर्णन करते हुए बताया कि जब भगवान शिव की बारात में सांप, बिच्छू, भूत-प्रेत और विभिन्न गण शामिल होकर पहुंचे, तो माता पार्वती के पिता राजा हिमाचल सहित अनेक लोग भयभीत हो गए. लेकिन विधि के विधान को स्वीकार करते हुए अंततः शिव-पार्वती का विवाह संपन्न हुआ. कथा का यह प्रसंग सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो गए और भक्ति रस में डूबकर कथा का आनंद लेते रहे. धार्मिक आयोजन में विभिन्न सेवाभावी दानदाताओं द्वारा अन्नक्षेत्र में सहयोग प्रदान किया जा रहा है. पहले दिन भोजन प्रसादी की सेवा जगदीश प्रसादीलाल साहू (बारदाना वाले) के सौजन्य से संपन्न हुई, जबकि दूसरे दिन सुबह के चाय-नाश्ते की सेवा अभिषेक राजेश साहू (प्रॉपर्टी ब्रोकर) तथा भोजन प्रसादी की सेवा आयोजन समिति सदस्य अजेश किशोर बिजोरे के सौजन्य से समर्पित रही.
भोजन के दौरान अन्न की बर्बादी रोकने के उद्देश्य से आयोजन समिति ने विशेष व्यवस्था की. झूठी प्लेटें जमा करने के स्थान पर समिति के कार्यकर्ता जैकी साहू को तैनात किया गया, जिन्होंने श्रद्धालुओं को भोजन उतना ही लेने का संदेश दिया. इस पहल के कारण भोजन की बर्बादी में कमी आई और अन्न का सम्मान सुनिश्चित हुआ. भीषण गर्मी के बावजूद बड़ी संख्या में श्रद्धालु कथा स्थल पर पहुंच रहे हैं और पूरे उत्साह एवं श्रद्धा के साथ धार्मिक अनुष्ठान का लाभ उठा रहे हैं. आयोजन समिति ने सभी भक्तों के लिए आवश्यक सुविधाओं की भी व्यवस्था की है.





