एम्बुलेंस नहीं मिलने से गर्भ में बच्चे की मौत

डीजल की किल्लत के चलते हुई घटना

* हिंगोली में स्वास्थ्य विभाग की भीषण हकीकत उजागर
हिंगोली /दि.29- जिले की औंढा नागनाथ तहसील के जवला बाजार स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में एम्बुलेंस खडी रहने के बावजूद उसे एक गर्भवती महिला को हिंगोली के जिला सामान्य अस्पताल में ले जाने हेतु उपलब्ध नहीं कराया गया और डीजल की किल्लत रहने की वजह को आगे करते हुए काफी देर तक टाइम पास किया गया. जिसके बाद उक्त गर्भवती महिला को हिंगोली ले जाने के लिए निजी वाहन की व्यवस्था करनी पडी. लेकिन तब तक काफी देर हो जाने के चलते गर्भस्थ शिशु की पैदा होने से पहले गर्भ में ही मौत हो गई. इस घटना के चलते स्वास्थ्य विभाग के लचर कामकाज को लेकर तीव्र रोष व संताप व्यक्त किया जा रहा है.
जानकारी के मुताबिक नालेगांव निवासी मनीषा ओमप्रकाश इंगले को प्रसूति वेदना शुरू होने के चलते 26 मई को जवला बाजार के प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में भर्ती कराया गया. जहां पर प्रसूति का मामला काफी मुश्किल भरा रहने की बात ध्यान में आते ही डॉक्टर ने मनीषा इंगले को हिंगोली के जिला सामान्य अस्पताल में ले जाने की सलाह दी. जिसके चलते मनीषा के रिश्तेदारों ने प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र परिसर में खडी एम्बुलेंस के चालक से मनीषा को लेकर हिंगोली चलने कहां. परंतु चालक सहित स्वास्थ्य केन्द्र के कर्मचारियों ने एम्बुलेंस में डीजल नहीं रहने की बात कहते हुए एम्बुलेंस निकालने में अपनी असमर्थता जताई. जिसके बाद निजी वाहन उपलब्ध होने में लगभग दो घंटे का समय लग गया और शाम करीब 5.30 बजे मनीषा को हिंगोली के जिला सामान्य अस्पताल में लाया गया. जहां पर वैद्यकीय अधिकारियों ने मनीषा की जांच पडताल करते हुए उसका सिजेरियन किया. लेकिन तब तक गर्भस्थ शिशु की गर्भ में ही मौत हो चुकी थी. यह जानकारी मिलते ही मनीषा इंगले के रिश्तेदारों ने बच्चे की मौत के लिए स्वास्थ्य विभाग के लचर कामकाज और लापरवाही को जिम्मेदार बताया.

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