बडनेरा में नवरात्रि पंडाल नहीं लगाने पर बवाल
प्रताप दुर्गोत्सव मंडल के सदस्यों पर तोड़फोड़ का आरोप

* सिंधी कैंप में प्लॉट का वॉल कंपाउंड, लोहे का गेट और झोपड़ी क्षतिग्रस्त
* प्लॉट धारक ने पुलिस में दर्ज कराई शिकायत, 60 हजार रुपये के नुकसान का दावा
अमरावती/दि.12 – नवरात्रोत्सव के पंडाल को लेकर शुरू हुआ विवाद अब तोड़फोड़ के आरोपों तक पहुंच गया है. बडनेरा के सिंधी कैंप इलाके में एक खुले प्लॉट पर शनिवार देर रात तोड़फोड़ किए जाने का मामला सामने आया है. प्लॉट धारक विजय पोहुमल धिंडानी ने प्रताप दुर्गोत्सव मंडल के सदस्यों पर वॉल कंपाउंड, लोहे के गेट और झोपड़ी को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया है. शिकायतकर्ता के मुताबिक इस घटना में करीब 60 हजार रुपये का नुकसान हुआ है. मामले को लेकर स्थानीय पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई गई है.
जानकारी के मुताबिक सिंधी कैंप स्थित नजूल शीट क्रमांक 20बी, प्लॉट क्रमांक 10/1/25 के खुले लेआउट में विजय गिंदानी का प्लॉट है. उन्होंने अपनी संपत्ति क्रमांक डी-10/655 पर करीब तीन महीने पहले प्रीकास्ट सीमेंट के खंभों की मदद से वॉल कंपाउंड बनाया था. प्लॉट की सुरक्षा के लिए लोहे का गेट भी लगाया गया था. इसके अलावा परिसर में 8 बाय 10 फीट की झोपड़ी बनाई गई थी. बताया जाता है कि संबंधित जगह पर नवरात्रोत्सव का पंडाल नहीं लगाए जाने को लेकर विवाद शुरू हुआ था. इसी विवाद ने बाद में गंभीर रूप ले लिया.
* वॉल कंपाउंड, गेट और झोपड़ी को नुकसान पहुंचाने का आरोप
प्लॉट धारक विजय गिंदानी का आरोप है कि शनिवार देर रात प्रताप दुर्गोत्सव मंडल के कुछ सदस्य प्लॉट पर पहुंचे और वहां बनी झोपड़ी, लोहे के गेट तथा वॉल कंपाउंड को तोड़कर नुकसान पहुंचाया. अचानक हुई इस घटना से संपत्ति को नुकसान पहुंचने का दावा किया गया है. शिकायतकर्ता के मुताबिक तोड़फोड़ के कारण करीब 60 हजार रुपये का नुकसान हुआ है. जिस संपत्ति की सुरक्षा के लिए वॉल कंपाउंड और गेट बनाया गया था, उसी को क्षतिग्रस्त किए जाने से विवाद और बढ़ गया है.
* उत्सव के नाम पर विवाद, पुलिस तक पहुंचा मामला
नवरात्रोत्सव जैसे धार्मिक आयोजन को लेकर शुरू हुआ विवाद अब पुलिस तक पहुंच गया है. प्लॉट धारक ने संबंधित मंडल के सदस्यों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराते हुए कार्रवाई की मांग की है. फिलहाल, तोड़फोड़ के आरोप शिकायतकर्ता की ओर से लगाए गए हैं. मामले में पुलिस की जांच और संबंधित पक्षों का पक्ष सामने आने के बाद ही घटना की पूरी स्थिति स्पष्ट होगी. अब देखना होगा कि पुलिस इस शिकायत पर क्या कार्रवाई करती है और विवाद की वास्तविक वजह क्या सामने आती है.





