मनपा के चुनाव पर खर्च हुए 18 करोड रुपए!

आमदनी अठन्नी और खर्चा रुपैय्या...

* बजट में चुनावी खर्च के लिए मात्र 6 करोड का प्रावधान
* 12 करोड रुपयों के देयक व भुगतान बकाया
अमरावती /दि.13 – करीब 4 वर्षों की प्रतीक्षा के बाद अमरावती महानगर पालिका के आम चुनाव विगत 15 जनवरी को हुए और 16 जनवरी को चुनावी नतीजे घोषित हो गए. परंतु इस चुनाव के लिए 2 से 3 माह की कालावधि के दौरान लगभग 18 करोड रुपयों के आसपास खर्च भी हुआ. जबकि चुनावी लेखाशीर्ष के प्रावधानानुसार 6 करोड रुपए का खर्च हुआ है और इसमें केवल 11 लाख रुपए शेष रहने की जानकारी है. वहीं दूसरी ओर तिजोरी में ‘ठन-ठन गोपाल’ रहने के चलते बचे हुए 12 करोड रुपयों के देयकों का भुगतान कैसे किया जाए, यह सवाल प्रशासन के सामने बना हुआ है.
बता दें कि, राज्य निर्वाचन आयोग की गाइड लाइन के अनुसार प्रभागों का सिमांकन करने से लेकर चुनावी नतीजे घोषित करने तक ‘टॉप टू बॉटम’ खर्च मनपा प्रशासन को ही करना पडा और यह प्रक्रिया करीब 2 से 3 माह तक चलती रही. इस बार निर्वाचन आयोग ने मतदान प्रक्रिया से लेकर मतगणना स्थल तक सभी आवश्यक सेवाओं व सुविधाओं पर विशेष जोर दिया था. जिसके चलते महानगर पालिका की शालाओं सहित निजी शालाओं में बनाए गए सभी मतदान केंद्रों पर तमाम आवश्यक सेवाएं व सुविधाए उपलब्ध दिखाई दी. जिसके लिए मनपा प्रशासन को अच्छा-खासा पैसा खर्च करना पडा.

* सातवें वेतन आयोग की चिंता
महानगर पालिका में कर्मचारियों के लिए सातवां वेतन आयोग लागू हो गया है, परंतु इस आयोग की रकम कर्मचारियों को देने हेतु मनपा प्रशासन के पास कोई व्यवस्था नहीं है. जिसके चलते मनपा प्रशासन के समक्ष एक और आर्थिक संकट उपस्थित हो गया है.

* 805 मतदान केंद्रों पर बढी सुविधाएं
महानगर पालिका के चुनाव हेतु शहर में 805 मतदान केंद्र बनाए गए थे. साथ ही इस चुनाव हेतु 661 उम्मीदवार चुनावी मैदान में थे. जिसमें से 87 नगरसेवक चुनकर आए. 15 जनवरी को 805 मतदान केंद्रों पर आवश्यक सेवाएं व सुविधाएं उपलब्ध कराए जाने के चलते इस बार चुनाव पर होनेवाले मनपा के खर्च में तीन गुना वृद्धि हुई. प्रत्येक मतदान केंद्र पर मतदाता हेतु मंडप, शामियाने, शुद्ध पेयजल, प्रकाश व्यवस्था, दिव्यांगों हेतु रैम्प व मतदान प्रक्रिया के साथ जुडे अधिकारी व कर्मचारियों हेतु चाय-नाश्ते व भोजन-पानी की व्यवस्था की गई थी. लगभग इसी तरह के सभी जरुरी इंतजाम मतगणना स्थल पर भी किए गए थे.

* मनपा को उठाना पडा पूरा खर्च
– राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार चुनावी कार्यक्रम घोषित होने से लेकर नामांकन स्वीकार करने, मतदान केंद्रों पर मतदान करवाने व मतगणना स्थल पर वोटों की गिनती करते हुए चुनावी नतीजे घोषित करने जैसे सभी कामों पर होनेवाले खर्च का वहन मनपा प्रशासन को उठाना पडा.
– इसके साथ ही प्रभागों का परिसीमन तय करते हुए प्रारुप व अंतिम प्रभाग रचना घोषित करने, मतदाता सूची को प्रकाशित करने तथा मतदान व मतगणना स्थल पर मंडप, शामियाने, पीने के पानी, रैम्प, भोजन, टेबल-कुर्सी तथा शौचालय व स्वच्छता गृह जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ ही निर्वाचन निर्णय अधिकारी व निर्वाचन निरीक्षक के साथ-साथ 7 आरओ को सरकारी वाहन सहित आवश्यक सेवाएं व सुविधाएं उपलब्ध कराने पर होनेवाला खर्च भी मनपा प्रशासन द्वारा ही अदा किया गया.
– मतदान एवं मतगणना जैसे चुनाव संबंधी कामों में लगाए गए मनुष्यबल एवं उनके मानधन को उपलब्ध कराने का जिम्मा भी मनपा प्रशासन पर ही था. जोननिहाय साहित्य वितरण की सुसज्जित व्यवस्था करने के साथ ही मनपा प्रशासन को मतदान केंद्र व मतगणना स्थल पर कानून व व्यवस्था की स्थिति बनाए रखने हेतु बंदोबस्त में तैनात किए गए पुलिस कर्मचारियों का मानधन भी अदा करना पडा.
– इन तमाम बातों के मद्देनजर आगामी आर्थिक वर्ष 2026-27 में चुनावी कामकाज पर खर्च हुई रकम के देयक अदा करने हेतु 12 करोड रुपयों का अतिरिक्त प्रावधान किए जाने की मांग की जाएगी, इसकी ओर सभी का ध्यान लगा हुआ है.

* चुनावी खर्च पर एक नजर
कुल प्रावधान – 6 करोड रुपए.
खर्च अदा – 5 करोड 88 लाख 14 हजार 333 रुपए.
देयक बाकी – 11 लाख 85 हजार 667 रुपए.

* इन खर्चों का भुगतान है बाकी
जोन क्रमांक 1, 2, 4 व 6 के अधिकारियों व कर्मचारियों का मानधन – 1.50 करोड रुपए.
भंडार विभाग – 25 लाख रुपए.
संगणक विभाग – 20 लाख रुपए.
निर्माण विभाग – 10 करोड रुपए.

* आर्थिक वर्ष 2025-26 के बजट में मनपा के चुनाव हेतु 6 करोड रुपए का प्रावधान था. जिसमें से 5.88 करोड रुपए खर्च हो चुके है. चुनाव खर्च से संबंधित कई अलग-अलग देयक होते है और अब तक कई देयक भुगतान अदा करने हेतु हमारे पास नहीं आए है.
– दत्तात्रय फिस्के
लेखाधिकारी, मनपा, अमरावती.

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