121 कृषी सेवा केंद्र अनिश्चितकाल के लिए बंद
किसान परेशानी में, शासन की चुप्पी

चांदूरबाजार/दि.1 – कृषि सामग्री विक्रेताओं (बीज, रासायनिक खाद व कीटनाशक दवाईयों के विक्रेता) को व्यवसाय में आ रही विभिन्न समस्याओं का समाधान कर उन्हें न्याय दिलाने के लिए विक्रेताओं के संगठन द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे हैं. अपनी मांगों की ओर शासन का ध्यान आकर्षित करने के उद्देश्य से राज्य के सभी जिलों में कृषि सेवा केंद्रों के साथ-साथ चांदूर बाजार तहसील के 121 कृषि सेवा केंद्र भी 27 अप्रैल से अनिश्चितकाल के लिए बंद किए गए हैं.
विक्रेताओं की समस्याओं के समाधान हेतु शासन द्वारा ठोस एवं कठोर कार्रवाई नहीं की जा रही है. इसी कारण त्वरित कार्रवाई की मांग करते हुए तथा शासन का ध्यान अपनी समस्याओं की ओर खींचने के लिए राज्यभर के सभी कृषि सेवा केंद्र 27 अप्रैल से बेमुदत बंद रखे गए हैं.
तहसील कृषि सामग्री विक्रेता संगठन द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, राज्य के कृषि विभाग द्वारा विक्रेताओं की समस्याओं के समाधान के लिए जब तक ठोस लिखित आदेश नहीं दिए जाते, तब तक यह बंद जारी रहेगा. चांदूर बाजार तहसील में कुल 121 कृषि केंद्र हैं, जिनमें से 47 शहर क्षेत्र में तथा 74 ग्रामीण क्षेत्र में स्थित हैं. यह सभी केंद्र 27 अप्रैल से अनिश्चितकाल के लिए बंद है.
विक्रेताओं का कहना है कि, खाद आपूर्ति करने वाली कंपनियां विक्रेताओं पर अन्य खाद की लिंकिंग (अन्य खाद साथ में लेने की बाध्यता) थोपती हैं, जिससे अंतत: किसानों को नुकसान होता है. साथ ही खाद बिक्री के लिए लागू किए गए नए नियमों जैसे खाद राशनिंग में बदलाव कर एक किसान को 20 बैग तक खाद देने की अनुमति दी जाए. रासायनिक खाद का नियमित वितरण किया जाए और कंपनियों द्वारा किया गया खाद का सप्लाई सीधे दुकानों तक पहुंचाया जाए.
विक्रेताओं ने यह भी कहा कि, यदि बीज या खाद के नमूने फेल आते हैं, तो दुकानदारों पर कार्रवाई की जाती है, जबकि दुकानदार तो केवल कंपनी या अधिकृत वितरक से सीलबंद और पैक बंद बीज, खाद और कीटनाशक ही बेचते हैं. ऐसे मामलों में दुकानदार पर कार्रवाई न कर उसे केवल साक्षी माना जाए. इसके अलावा बिना लाईसेंस के खाद और कीटनाशक एजेंटों के माध्यम से घर-घर बेचे जा रहे हैं, जिससे किसानों का भारी नुकसान हो रहा है. ऐसे एजेंटों पर कठोर कार्रवाई की मांग की गई है.
विक्रेताओं ने बताया कि, सभी कृषि विक्रेता शासन द्वारा लाईसेंस प्राप्त हैं, नियमित जीएसटी और इनकाम टैक्स भरते हैं तथा देश के विकास में योगदान देते हैं. वे मान्यता प्राप्त कीटनाशक, बीज और खाद का बिल सहित बिक्री करते हैं. इसके बावजूद कार्रवाई केवल दुकानदारों पर ही की जाती है. विक्रेताओं का कहना है कि, दुकानदार हमेशा किसानों को अच्छी गुणवत्ता की कंपनी का उत्पादन देने का प्रयास करता है और सहयोग की भावना रखता है, लेकिन शासन की भूमिका केवल कार्रवाई करने तक ही सीमित दिखाई देती है.
साथ ही बंदी वाले एचटीबीटी (तणनाशक) और कपास बीज एजेंटों के माध्यम से बेचे जा रहे हैं, जिससे किसानों की सफल उत्पादन में बडा नुकसान हो रहा है. इसलिए किसानों के हित में इस पर सख्त प्रतिबंध लगाया जाए और संबंधित एजेंटों पर कठोर कार्रवाई की जाए. ऐसी मांग चांदूर बाजार तहसील के सभी कृषि केंद्र संचालकों ने की है.





