‘अमरावती विभागीय कृषि संकुल’ के लिए 70 करोड रुपए की मांग

विधायक सुलभा खोडके ने पुरक मांगों पर विधानसभा में की विस्तृत चर्चा

अमरावती /दि.30 – राज्य विधानमंडल के मानसून सत्र में साल 2026-27 की पूरक मांगों पर चर्चा करते हुए अमरावती की विधायक सुलभा संजय खोडके ने अमरावती जिले के गतिशील विकास व सुदृढ़ीकरण के लिए आवश्यक व्यवस्थाओं को अधिक सक्षम बनाने की दृष्टि से पर्याप्त निधि की पूरक मांग की. विधायक सुलभा खोडके ने कृषि विभाग से संबंधित पूरक मांग पर चर्चा करते हुए बताया कि, अमरावती विधानसभा क्षेत्र में संत गाडगेबाबा अमरावती विश्वविद्यालय मार्ग पर स्थित डॉ. पंजाबराव देशमुख कृषि विद्यापीठ (पीकेवी) की महत्वपूर्ण 152 एकड़ जमीन पर ‘अमरावती विभागीय कृषि संकुल’ बनाने के लिए मंत्रालय में पहले ही प्रस्ताव मंजूर हो चुका है, और कृषि मंत्री दत्तात्रय मामा भरणे ने भी इस 70 करोड़ के भव्य विभागीय कृषि संकुल परियोजना को हरी झंडी दी है.
यह संकुल अमरावती विभाग के सभी किसानों की सुविधा की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण व लाभदायी साबित होगा, इसलिए संकुल निर्माण के लिए 70 करोड़ की पूरक मांग मंजूर करने का अनुरोध शासन से किया है. स्वास्थ्य विभाग से पूरक मांग पर चर्चा करते हुए विधायक सुलभा खोडके ने बताया कि, 100 साल पुराने जिला सामान्य अस्पताल (इर्विन) में वर्तमान में एक बेड पर दो या तीन मरीजों की स्थिति है और कभी-कभी तो मरीजों को नीचे लिटाकर इलाज करना पड़ रहा है. इस संबंध में भी इर्विन अस्पताल में 700 बेड की नई इमारत बनाने के लिए निधि देने की पूरक मांग विधायक सुलभा खोडके ने मानसून सत्र में की है. साथ ही जिला सामान्य अस्पताल के आईसीयू कक्ष में 20 बेड की व्यवस्था कम पड़ रही है इसलिए अतिरिक्त आईसीयू बेड की क्षमता बढ़ाई जाए, डॉक्टरों के रिक्त पद भरे जाएं, नई आधुनिक मशीनरी भी उपलब्ध कराने के लिए निधि दी जाए, ऐसी मांग की गई.
राष्ट्रीय स्वास्थ्य अभियान के अंतर्गत अमरावती शहर में 100 बेड का माता-बाल संगोपन केंद्र (एम.सी.एच. विंग) मंजूर है. अमरावती जिला व परिसर की जरूरतमंद माताओं, गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं को स्वास्थ्य की अत्यंत आवश्यक तात्कालिक सेवा-सुविधाएं बिना विलंब उपलब्ध कराने हेतु माता-बाल संगोपन केंद्र का निर्माण कार्य तुरंत शुरू करने के लिए 33 करोड़ का निधि उपलब्ध कराया जाए, साथ ही जिला महिला अस्पताल (डफरीन) में 400 बेड के नए हॉस्पिटल में डॉक्टर व स्टाफ नर्स के पद मंजूर कर पद भरे जाएं ऐसी मांग भी विधायक सुलभा खोडके ने विधानमंडल के समक्ष की है. अमरावती में 50 बेड का जिलास्तरीय आयुष अस्पताल मंजूर किया गया है और जगह व निधि भी उपलब्ध कराया गया है. लेकिन जिले के नागरिकों का आयुर्वेदिक उपचार चिकित्सा की ओर बढ़ता रुझान देखते हुए अमरावती जिलास्तरीय आयुष अस्पताल की 50 बेड की क्षमता बढ़ाकर 100 बेड का आयुष अस्पताल बनाने की मांग पर भी सत्र में ध्यान आकर्षित किया गया. सुपर स्पेशालिटी हॉस्पिटल अमरावती में मानदेय पर सेवा देने वाले अतिविशिष्ट डॉक्टरों का बकाया वेतन भी अदा करने की मांग सत्र में की गई.

* पशुधन बचाने पशु चिकित्सालय निर्माण हेतु 20 करोड़ की मांग
अमरावती जिले के सभी 14 तहसीलों में पशु चिकित्सालय बनाए गए. लेकिन उनकी अत्यंत दयनीय स्थिति हो गई है और जीर्ण होने के कारण उन पशु चिकित्सालयों में जानवरों को लाना असुविधाजनक हो गया है. इसलिए पशुधन बचाने के लिए जिले के सभी तहसीलों के पशु चिकित्सालय निर्माण हेतु 20 करोड़ के निधि की आवश्यकता है. इस संबंध में भी शासन को प्रस्ताव भेजा गया है और 20 करोड़ की पूरक मांग मंजूर करने का अनुरोध भी विधायक सुलभा खोडके ने सत्र में किया है. साथ ही अमरावती के पशुसंवर्धन विभाग में पशुधन अधिकारियों के रिक्त पदों के मुद्दे पर भी सदन का ध्यान आकर्षित किया. अमरावती जिले के प्रादेशिक पशु संवर्धन विभाग में सहायक आयुक्त, पशु वैद्यकीय अधिकारी, पशुधन अधिकारी जैसे संवर्ग के लगभग 50 प्रतिशत से अधिक पद रिक्त हैं. पशुधन बचाना है या रोग से रोकना है तो पशु चिकित्सालयों के अधिकारियों के रिक्त पद भरे जाएं. पशु चिकित्सालयों में एक्स-रे मशीन व सोनोग्राफी मशीन भी उपलब्ध कराना आवश्यक है, यह मुद्दा विधायक सुलभा खोडके ने विधानसभा में अपनी पूरक मांग पर चर्चा के दौरान उठाया.

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