एनओसी और डिजिटल फ्लो मीटर के बिना चल रहे 70 आरओ प्लांट
जांच रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपी

अमरावती /दि.8- अमरावती मनपा क्षेत्र में संचालित आरओ प्लांटों को अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) जारी किए जाने संबंधी शिकायत के बाद प्रशासन ने व्यापक जांच शुरू की है. जांच में शहर और जिले के करीब 70 आरओ प्लांटों की पड़ताल की गई, जिनमें अधिकांश केंद्र महानगरपालिका क्षेत्र के पाए गए.
जानकारी के अनुसार, वसुंधरा फाउंडेशन के गणेश अनासाने ने शिकायत दर्ज कर आरोप लगाया था कि भूजल सर्वेक्षण एवं विकास यंत्रणा के अस्तित्व के बावजूद आरओ प्लांटों को अनुमति देने का अधिकार मनपा के पास नहीं है. शिकायत के बाद मामले की सुनवाई निवासी उपजिलाधिकारी कार्यालय में हुई और जांच की जिम्मेदारी उपविभागीय अधिकारी को सौंपी गई. उपविभागीय अधिकारी के निर्देश पर मंडल अधिकारियों की टीम ने शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित लगभग 70 आरओ प्लांटों का निरीक्षण किया. जांच के दौरान कई केंद्रों में नियमों के पालन को लेकर सवाल खड़े हुए हैं. बताया जा रहा है कि कई आरओ प्लांट बिना आवश्यक एनओसी और डिजिटल फ्लो मीटर के संचालन कर रहे हैं.
* 21 आरओ केंद्रों को जारी की गई थी एनओसी
मनपा के स्वास्थ्य विभाग ने शहर के 21 आरओ प्लांटों को अनापत्ति प्रमाणपत्र जारी किए थे. वहीं, मनपा ने अपनी रिपोर्ट में शहर में कुल 37 आरओ केंद्र संचालित होने की जानकारी दी है. इससे अनुमति प्रक्रिया और निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं.
* प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड भी हुआ सक्रिय
मामले को गंभीरता से लेते हुए महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (एमपीसीबी) ने भी जांच शुरू कर दी है. विभागीय अधिकारी संजय पाटील ने संभाग के सभी संबंधित अधिकारियों को पत्र भेजकर अपने-अपने क्षेत्रों में संचालित आरओ केंद्रों की जांच करने के निर्देश दिए हैं. उपविभागीय अधिकारी अनिल भटकर ने बताया कि अमरावती के आरओ प्लांटों की जांच पूरी कर रिपोर्ट जिलाधिकारी कार्यालय को भेज दी गई है. वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश प्राप्त होने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी. शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के नाम पर संचालित आरओ केंद्रों की कार्यप्रणाली को लेकर उठे इस विवाद ने प्रशासनिक निगरानी और नियामक व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं. अब सभी की निगाहें जिलाधिकारी स्तर पर होने वाली आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई है.





