3 करोड़ की जमीन हड़पने की साजिश नाकाम

फर्जी दस्तावेज बनाकर कब्जे का प्रयास

अमरावती /दि.8 – बोरगांव धर्माले स्थित मुख्य मार्ग पर करीब 3 करोड़ रुपये मूल्य की जमीन हड़पने की साजिश का सनसनीखेज मामला सामने आया है. फर्जी दस्तावेज और नकली हस्ताक्षरों के जरिए जमीन पर कब्जा करने की कोशिश की गई, लेकिन शिकायतकर्ता की सतर्कता और उपलब्ध कराए गए पुख्ता सबूतों के कारण पूरा षड्यंत्र उजागर हो गया. मामले में नांदगांव पेठ पुलिस ने नागपुर निवासी एक व्यक्ति के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है.
पुलिस के अनुसार आरोपी की पहचान तिलकराज इंद्रजीत चड्ढा (निवासी भंडारा रोड, नागपुर) के रूप में हुई है. इस संबंध में विनोद मोहन गुहे (45, निवासी गोकुलपेठ, नागपुर) ने शिकायत दर्ज कराई है. जानकारी के मुताबिक, लंदन में कैंसर सर्जन के रूप में कार्यरत डॉ. शशांक वसंत गुर्जर के नाम बोरगांव धर्माले क्षेत्र में 19,512 वर्गफुट के दो मूल्यवान प्लॉट हैं. विदेश में रहने के कारण डॉ. गुर्जर ने संपत्ति के प्रबंधन के लिए अपने साले विनोद गुहे को पावर ऑफ अटॉर्नी दी थी.
* लंदन यात्रा का रिकॉर्ड बना अहम सबूत
शिकायत के अनुसार आरोपी ने दावा किया कि 7 जुलाई 2024 को जमीन का बिक्री करार किया गया था. लेकिन जांच में सामने आया कि उसी दिन डॉ. गुर्जर मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से लंदन के लिए रवाना हो रहे थे. विनोद गुहे ने पुलिस को फ्लाइट टिकट और इमिग्रेशन रिकॉर्ड उपलब्ध कराए, जिससे स्पष्ट हो गया कि डॉ. गुर्जर उस दिन अमरावती में मौजूद ही नहीं थे. इसी सबूत ने कथित फर्जीवाड़े की पोल खोल दी.
* फर्जी एग्रीमेंट तैयार कर किया दावा
आरोप है कि तिलकराज चड्ढा ने 500 रुपये के स्टांप पेपर पर जमीन बिक्री और विकास संबंधी फर्जी दस्तावेज तैयार किए. इन दस्तावेजों को आधार बनाकर आरोपी ने आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) और न्यायालय में भी शिकायत तथा सिविल दावा दाखिल कर दिया. मामले का खुलासा तब हुआ जब जुलाई 2025 में आर्थिक अपराध शाखा से संपर्क किए जाने के बाद विनोद गुहे अमरावती पहुंचे और न्यायालय से संबंधित दस्तावेजों की प्रमाणित प्रतियां प्राप्त कीं. जांच में पाया गया कि कथित एग्रीमेंट पर खरीदार का नाम तक दर्ज नहीं था, दस्तावेज नोटराइज भी नहीं थे तथा उन पर डॉ. गुर्जर और गुहे के पिता के कथित रूप से फर्जी हस्ताक्षर किए गए थे. पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है तथा फर्जी दस्तावेज तैयार करने और करोड़ों रुपये की संपत्ति हड़पने के प्रयास के पूरे नेटवर्क की पड़ताल की जा रही है.

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