80 फीसद नए चेहरो को मिलेगा मौका, काम करनेवालो को ही दिए जाएंगे पद
कांग्रेस शहराध्यक्ष बबलू शेखावत का कथन

* लगातार दूसरीबार कांग्रेस के शहराध्यक्ष बने शेखावत
* नियुक्ति के बाद ‘अमरावती मंडल’ के साथ की विशेष बातचीत
अमरावती/दि.22- विगत पांच वर्षो के दौरान हमने कांग्रेस पार्टी को अमरावती शहर में संगठनात्मक रूप से मजबुत करने हेतु काफी हद तक जबरदस्त काम किए जिसका परिणाम स्वरूप लोकसभा चुनाव के समय कांग्रेस प्रत्याशी को अमरावती शहर में अच्छे खासे वोटो की लीड मिली. साथ ही अमरावती महानगर पालिका के चुनाव में भी पार्टी का प्रदर्शन शानदार रहा. यद्यपि मनपा चुनाव में कांग्रेस की केवल 15 सीटे ही आई. लेकिन कई सीटों पर हमारे प्रत्याशियों के हार 100 से भी कम वोटो से हुई हैं, इसकी भी अनदेखी नहीं की जा सकती. संभवत: इन्हीं तमाम बातों को ध्यान में रखते हुए पार्टी ने एकबार फिर मुझे शहराध्यक्ष पद पर काम करने का मौका दिया हैं. इसके चलते अब हम अमरावती शहर में पार्टी को नए सीरे से संगठनात्मक तौर पर मजबूत करेंगे. जिसके तहत 80 फीसद नए चेहरो को सामने लाया जाएगा. साथ ही जो वाकई में काम करने के लिए सक्षम रहेगा, केवल उसे ही पद पर रहने का अवसर दिया जाएगा. इस आशय का प्रतिपादन कांग्रेस शहराध्यक्ष बबलू शेखावत द्बारा किया गया.
बता दें कि विगत 5 वर्षों से लगातार कांग्रेस शहराध्यक्ष पद का जिम्मा संभाल रहे पूर्व नेता प्रतिपक्ष व मौजूदा पार्षद बबलू शेखावत को गत रोज ही कांग्रेस की राष्ट्रीय कार्यकारी समिति ने एक बार फिर अमरावती शहर अध्यक्ष के पद पर आगामी तीन वर्षों के लिए नियुक्त किया. लगातार दूसरे कार्यकाल हेतु शहराध्यक्ष पद पर नियुक्ति के बाद पार्षद बबलू शेखावत ने आज ‘अमरावती मंडल’ के साथ विशेष तौर पर बातचीत की. जिसमें उन्होंने उपरोक्त प्रतिपादन करने के साथ ही आगामी तीन वर्ष के कार्यकाल दौरान किए जानेवाले कामों की रूपरेखा के बारे में भी बताया.
इस बातचीत में कांग्रेस शहराध्यक्ष बबलू शेखावत ने कहा कि अमरावती शहर लंबे समय तक कांग्रेस का मजबुत गढ रहा. और आज भी अमरावती शहर में कांग्रेस का अच्छा-खासा जनाधार हैं. यद्यपि विगत कुछ वर्षों के दौरान हुई राजनीतिक उथल-पुथल के चलते शहर में राजनीतिक हालात कुछ हद तक बदल गए. और आज मनपा की सत्ता कांग्रेस के पास नहीं हैं. लेकिन यह भी नहीं भूलना चाहिए कि लोकसभा चुनाव के समय अमरावती शहर से ही कांग्रेस प्रत्याशी को अच्छे-खासे वोट मिलने के साथ ही जबरदस्त लीड भी मिली थी. जिसकी बदौलत कांग्रेस प्रत्याशी भी संसदीय चुनाव में जीत हुई थी. साथ ही मनपा चुनाव में भी कांग्रेस पार्टी का प्रदर्शन जबरदस्त रहा. इस समय विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को मिली हार की ओर ध्यान दिलाए जाने पर कांग्रेस शराध्यक्ष बबलू शेखावत का कहना रहा कि वह हार साफ तौर पर वोटों के बंटवारे का असर कही जा सकती हैं. जिसका पार्टी में स्थानीय से लेकर प्रदेश स्तर पर विश्लेषण भी किया गया.
* विधान परिषद में कांग्रेस करेगी ‘कमबैक’
वर्ष 2018 में हुए विधान परिषद चुनाव में अमरावती निकाय निर्वाचन क्षेत्र से कांग्रेस प्रत्याशी को मात्र 17 वोट ही मिल पाएंगे. जबकि उस समय कांग्रेस के पास 117 वोट थे. चूंकि अब अगले महिने एक बार फिर निकाय निर्वाचन क्षेत्र में विधान परिषद के लिए चुनाव होने जा रहे और इस बार कांग्रेस के पास 120 वोट हैं. ऐसे में इस बार क्या स्थिति रहेगी, यह सवाल पूछे जाने पर कांग्रेस शहराध्यक्ष बबलू शेखावत ने कहा कि वर्ष 2018 में राजनीतिक हालात पूरी तरह से अलग थे. अव्वल तो वे उस समय कांग्रेस के शहराध्यक्ष नहीं थे और दूसरी बात यह थी कि उस समय उस वक्त यवतमाल से आए एक बेहद सक्षम दावेदार ने शायद कुछ राजनीतिक दबाव के चलते ऐन समय पर अपने कदम पीछे खीच लिए थे और नामांकन दाखिल करने के अंतिम दिन तत्कालीन स्वीकृत पार्षद अनिल माधेगडिया का नामांकन दायल कराया गया था. परंतु इस बार ऐसा कुछ नहीं होगा. क्योंकि इस बार कांग्रेस पार्टी द्बारा निश्चित तौर पर किसी सक्षम व दमदार प्रत्याशी को चुनावी मैदान में उतारा जाएगा. साथ ही विधानपरिषद का चुनाव जितने के लिए पूरी ताकत भी झोंकी जाएगी.
* पद चाहिए, तो सक्रिय होकर काम करना होगा
अपने विगत कार्यकाल के दौरान कांग्रेस शहराध्यक्ष बबलू शेखावत शहर कांग्रेस की पूरी कार्यकारिण को ही बरखास्त कर दिया था. जिसके चलते उन्हें लेकर काफी अंतर्गत विरोधवाला माहौल भी बना था. साथ ही उन्हें एक बार फिर अध्यक्ष बनाए जाने का पार्टी में स्थानीय स्तर पर कुछ हद तक विरोध भी किया जा रहा था. जिसे लेकर पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए लगतार दूसरी बार कांगे्रस के शहराध्यक्ष नियुक्त पार्षद बबलू शेखावत ने कहा कि उनकी काम करने की अपनी एक शैली हैं. उनका मानना है कि जो व्यक्ति सक्रीय रहकर काम कर सकता है, उसने ही पद पर रहना चाहिए, क्योंकि पार्टी का पद को ही दिखावे वाली बात नही है. यही वजह रही की उन्होेंने कामकाज के तरीके में बदलाव लाने के लिए पिछली कार्यकारिणी को बरखास्त कर दिया. साथ ही अब एक बार फिर कांग्रेस शहराध्यक्ष के तौर पर काम करने की जिम्मेदारी मिलने के बाद वे अमरावती शहर में कांग्रेस पार्टी को नए सिरे से संगठनात्मक तौर पर मजबूत करेंगे.
* जल्द होगा नई कार्यकारिणी का गठन
इस बातचीत में कांग्रेस शहराध्यक्ष बबलू शेखावत ने यह भी बताया कि एक बार फिर अध्यक्ष पद की कमान मिलने के चलते वे अब जल्द ही कांग्रेस की शहर कार्यकारिणी का नए सिरे से गठन करेंगे. जिसमें 80 फीसद नए चेहरो का समावेश किया जाएगा. साथ ही जो पार्टी के लिए सक्रीय रहते हुए पूरा समय देकर काम कर सकते हैं, ऐसे लोगों को ही पद दिए जाएंगे.
* हमारा वोट बैंक कहीं भी नहीं खिसका, जनाधार मजबूत
इस वार्तालाभ के दौरान पूछे गए एक सवाल के जवाब में कांग्रेस शहराध्यक्ष बबलू शेखवत ने कहां कि अमरावती शहर में विशेष कर मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में कांग्रेस का जनाधार पहले की तरह मजबुत हैं. और कांग्रेस का वोटबैंक कहीं भी नहीं खिसका हैं. उलटे मौजूदा राज्य के हालात के चलते कांग्रेस पार्टी का वोट बैंक पहले की तुलना में कही अधिक मजबूत हुआ हैं. जिसकी बदौलत आनेवाले समय में कांग्रेस की ताकत अमरावती शहर में और भी अधिक दिखाई देगी.
* एड. एडतकर की हमे लेकर कोई नाराजगी नहीं
विगत दिनों कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता एड. दिलीप एडतकर ने अपने पद से इस्तिफा दे दिया था और उस समय चर्चा चली थी कि एड. एडतकर की शहर कांग्रेस कमिटी को लेकर कुछ नाराजी हैं. जिसके संदर्भ में काफी ‘पेपरबाजी’ भी हुई थी. जिसे लेकर पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए कांग्रेस शहराध्यक्ष बबलू शेखावत ने कहा कि एड. दिलीप एडतकर की अमरावती शहराध्यक्ष अथवा शहर कांग्रेस कमिटी को लेकर कोई भी नाराजगी नहीं थी. बल्कि प्रदेश स्तर पर हुई कुछ दिक्कतो के चलते एड. एडतकर ने पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता पद से इस्तिफा दिया था. कांगे्रस शहराध्यक्ष शेखावत ने यह भी कहा कि एड. एडतकर के साथ उनके संबंध आज भी काफी बेहतर हैं. तथा दोनों के बीच किसी भी तरह का कोई मनमुटाव भी नहीं हैं.





