साईनगर प्रभाग में मराठा-कुणबी कार्ड चलने से तुषार भारतीय हुए रेस से बाहर

चारों सीटों पर अलग-अलग दलों के मराठा-कुणबी प्रत्याशी जीते

* दो सीटों पर भाजपा तथा एक-एक सीट पर शिंदे सेना व वायएसपी के प्रत्याशी निर्वाचित
अमरावती/दि.17 – स्थानीय प्रभाग क्र. 19 साईनगर-अकोली प्रभाग में दो सीटों पर भाजपा तथा एक-एक सीट पर शिंदे सेना व युवा स्वाभिमान पार्टी के प्रत्याशी निर्वाचित हुए. वहीं इस प्रभाग की ड-सीट से चुनावी मैदान में रहनेवाले भाजपा प्रत्याशी तुषार भारतीय को अनपेक्षित रुप से करारी शिकस्त का सामना करना पडा. जिसे खुद तुषार भारतीय सहित शहर भाजपा के लिए काफी बडा झटका माना जा रहा है और अब इस सीट पर हुई हार की कारणमिमांसा भी शुरु हो गई है. जिसमें सबसे प्रमुख वजह यह सामने आई है कि, संभवत: साईनगर प्रभाग में इस बार मराठा-कुणबी कार्ड चल गया. जिसके चलते अलग-अलग दलो से वास्ता रखनेवाले मराठा-कुणबी समुदाय के चार प्रत्याशी इस प्रभाग की चार सीटों से चुनाव जीतकर पार्षद निर्वाचित हो गए. वहीं मराठेतर समाज से वास्ता रखनेवाले भाजपा प्रत्याशी तुषार भारतीय इस बार चुनावी रेस से बाहर हो गए.
बता दें कि, प्रभाग क्र. 19 साईनगर-अकोली की अ-सीट से भाजपा प्रत्याशी चेतन गावंडे व क-सीट से भाजपा प्रत्याशी लता देशमुख ने चुनाव जीता. वहीं ब-सीट से शिंदे सेना प्रत्याशी मंजुषा जाधव विजयी रही. ये तीनों ही प्रत्याशी मराठा-कुणबी समुदाय से वास्ता रखते है. जिसमें से चेतन गावंडे व मंजुषा जाधव को पिछली बार भी पार्षद निर्वाचित हुए थे. वहीं क-सीट से पहली बार भाजपा प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लडनेवाली लता देशमुख ने राकांपा प्रत्याशी व पूर्व महापौर रीना नंदा को पराजित किया. इसके साथ ही सबसे बडा उलटफेर इस प्रभाग की ड-सीट पर हुआ. जहां शहर भाजपा के कद्दावर नेता व पिछली बार मनपा के सदन में भाजपा के 45 सदस्यीय दल का नेतृत्व कर चुके पूर्व स्थायी सभापति तुषार भारतीय को युवा स्वाभिमान पार्टी के नए-नवेले प्रत्याशी सचिन भेंडे के हाथों हार का सामना करना पडा. उल्लेखनीय है कि, सचिन भेंडे भी मराठा-कुणबी समुदाय से ही वास्ता रखते है. जिसके चलते माना जा रहा है कि, साईनगर प्रभाग की चारों सीटों पर एक ही समुदाय से वास्ता रखनेवाले प्रत्याशियों की जीत महज कोई ‘संयोग’ नहीं है, बल्कि यह एक तरह से सोचा-समझा राजनीतिक ‘प्रयोग’ है. जिसके चलते अलग-अलग दलों के प्रत्याशियों के तौर पर चुनावी मैदान में रहनेवाले एक ही समुदाय के चार प्रत्याशियों की जीत हुई है. जिसके चलते माना जा रहा है कि, इस बार साईनगर प्रभाग में मराठा-कुणबी कार्ड जमकर चला. जिसकी बदौलत तुषार भारतीय जैसे जीत के प्रबल दावेदार को आखरी समय में हार का सामना करना पडा.

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