मनपा में ‘किंगमेकर’ रहेगी बसपा, सत्ता में साथ आने रखी शर्त

एक उपमहापौर व एक स्टैंडिंग चेयरमैन का पद मांगा

* भाजपा और कांग्रेस दोनों ने बसपा से किया संपर्क, साथ आने का दिया न्यौता
अमरावती/दि.17 – अमरावती महानगर पालिका के चुनाव में किसी भी पार्टी को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला है. ऐसे में अब चुनाव पश्चात किए जानेवाले गठबंधन पर सभी राजनीतिक दलों द्वारा अपना ध्यान केंद्रित किया जा रहा है, ताकि इधर-उधर से जमा-जोड करते हुए बहुमत के लिए जरुरी संख्याबल को जुटाया जा सके. जिसके चलते 25 सदस्यों वाली भारतीय जनता पार्टी और 11 सदस्यों वाली कांग्रेस पार्टी ने तीन सदस्योंवाली बहुजन समाज पार्टी से संपर्क करते हुए उसे अपने साथ आने का न्यौता दिया है. जिसके चलते माना जा रहा है कि, प्रभाग क्र. 11 रुक्मिणी नगर-फ्रेजरपुरा से तीन सीटों पर जीत हासिल करनेवाली बसपा इस समय अमरावती मनपा में ‘किंगमेकर’ वाली भूमिका में है. ऐसे में अपने राजनीतिक महत्व एवं जरुरत को ध्यान में रखते हुए बसपा ने कांग्रेस सहित भाजपा के सामने सत्ता में साथ आने हेतु साफ तौर पर अपनी शर्त रख दी है. जिसमें बसपा की ओर से ढाई वर्ष के कार्यकाल हेतु एक उपमहापौर पद के साथ ही एक कार्यकाल हेतु स्थायी समिति का सभापति पद बसपा को दिए जाने की मांग रखी है. ऐसे में अब बसपा की शर्तों पर भाजपा एवं कांग्रेस के स्थानीय नेताओं द्वारा क्या निर्णय लिया जाता है, इस बात की ओर सभी की निगाहें लगी हुई है.
इस बारे में जानकारी व प्रतिक्रिया हेतु बसपा के जिलाध्यक्ष अजय गोंडाणे से दैनिक ‘अमरावती मंडल’ द्वारा संपर्क किए जाने पर उन्होंने बताया कि, अमरावती मनपा के चुनावी नतीजों को देखते हुए यह स्पष्ट है कि, बसपा को साथ लिए बिना कोई भी दल सत्ता स्थापित नहीं कर सकता. जिसके चलते 25 सीटें लानेवाली भाजपा एवं 11 सीटें लानेवाली कांग्रेस सहित 15 सीटें लानेवाली युवा स्वाभिमान पार्टी द्वारा बसपा के स्थानीय नेतृत्व से संपर्क करते हुए समर्थन मांगा गया है. ऐसे में अब बसपा द्वारा अपने संपर्क में आनेवाले राजनीतिक दलों के सामने मौके की नजाकत को देखते हुए बसपा ने अपनी शर्ते रख दी है. जिन पर अब उन राजनीतिक दलों को निर्णय लेना है.

* राणा सबसे अधिक एक्टीव
– प्रदेशाध्यक्ष डोंगरे के साथ की गुप्त बैठक
जहां एक ओर मनपा में सत्ता स्थापना हेतु भाजपा व कांग्रेस द्वारा बसपा के स्थानीय नेतृत्व से संपर्क साधा गया. वहीं इस मामले में युवा स्वाभिमान पार्टी के मुखिया व विधायक रवि राणा कुछ ज्यादा ही सक्रिय दिखे. जिन्होंने बसपा के प्रदेशाध्यक्ष एड. सुनील डोंगरे के साथ एक गुप्त बैठक भी कर डाली और मनपा में सत्ता स्थापित करने हेतु दोनों के बीच संभावित गठजोड को लेकर बातचीत भी काफी हद तक पूरी हो गई, ऐसी जानकारी भी सामने आई है. बहरहाल अब बसपा का ‘हाथी’ किस करवट पर बैठता है, यह देखना काफी दिलचस्प होगा.

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