खाद्य तेल भी भडका
प्रति किलो 5-8 रुपए की तेजी

* खाडी देशों में युद्ध का असर
अमरावती/दि.11 – ईरान-अमेरिका के झगडे में समस्त विश्व झुलस गया है. जरुरी चीजों के दाम बेतहाशा बढ रहे हैं. पेट्रोलियम पदार्थों और रसोई गैस के भडका पश्चात अब खाद्य तेलों में भी चार दिनों में 5-8 रुपए की प्रति किलो तेजी आ गई है. 2290 रुपए का सोयाबीन का 15 किलो का टीन अब 2400 रुपए का हो गया है. यह जानकारी प्रमुख तेल व्यापारी मनोज रमेश शर्मा ने अमरावती मंडल को दी.
मनोज शर्मा ने बताया कि, फल्ली तेल और सरसो के दाम में भी उछाल आया है. 5-6 रुपए प्रति किलो दोनों ही प्रकार के तेल महंगे हो गये हैं. उन्होंने स्वीकार किया कि, खाडी देशों की जंग का असर यह है. भारत में कई देशों से सोयाबीन और पाम तेल आयात होता है. उसी प्रकार देश में मूंग फल्ली की फसल कम होने से पहले ही फल्ली तेल में दाम भडक गये थे. अब जंग का असर होने से भी दाम चढे हैं. मार्केट को अंदाज है कि, रेट और बढ सकते हैं.
* सूखे मेवे के रेट स्थिर
उधर भरत ट्रेडर्स के संचालक शादाब भाई ने बताया कि, सूखे मेवे के रेट में अधिक नहीं बढे है. रमजान माह को मद्देनजर रखते हुए देश में काजू, किसमिस, बादाम, अखरोट, जर्दालू, अंजीर आदि के स्टॉक पहले ही कर लिये गये थे. सभी आइटम की भारी डिमांड बनी हुई है. उसी प्रकार कुछ ही मात्रा में माल अफगानिस्तान और अन्य देशों से आता है. जबकि बादाम, पिस्ता की आवक अमेरिका अन्य देशों से होती है. वहां के हालात पर अभी जंग का असर नहीं दिखाई दे रहा. जिसके कारण अभी अमरावती में सूखे मेवे के भाव स्थिर बने हुए है. फिर वह अंजीर हो या बादाम. काजू हो या अखरोट.
* सब्जियां सस्ती, आलू, प्याज 10 रुपए किलो टूटे
प्रमुख सब्जी व्यापारी शुभम शिरभाते ने बताया कि, अमरावती में सब्जियों की इन दिनों आवक घट-बढ होती है. नया आलू और नया प्याज जहां मार्केट में आता है. वहीं हरी सब्जियां पालक, धनिया, मेथी, चौलाई, फल्ली, गवार फल्ली, भेंडी की आमद सीमित हो जाती है. जिससे इनके रेट बढ जाते है. वहीं पिछले सप्ताह की तुलना में आलू और प्याज में 10-10 रुपए प्रति किलो की गिरावट देखी गई है. वर्तमान में आलू-प्याज 20 रुपए किलो के रेट पर बेचे जा रहे है. टमाटर भी सस्ते हो गये है. 16-18 किलो का कैरेट 250-300 रुपए में मिल रहा है. फूटकर मार्केट में भी टमाटर के रेट गिरकर 20 रुपए प्रति किलो बोले जा रहे हैं. शिरभाते की स्टॉल रवि नगर चौक पर बडी प्रसिद्ध है. सैकडों लोग रोजाना की भाजी तरकारी शिरभाते भाजी भंडार से ही खरीदना पसंद करते हैं.
* 2 हजार का सिलेंडर ढाई हजार में
कमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई रोकते ही अमरावती में इसकी कालाबाजारी जमकर शुरु हो गई है. सूत्रों की माने तो होटल, रेस्टारेंट संचालक मजबूरी में 2 हजार का सिलेंडर ढाई हजार में खरीद रहे हैं. घरेलू एलपीजी सिलेंडर की पर्याप्त मात्रा में सप्लायी जारी रखने के लिए केंद्र के निर्देश पर दो दिन पहले ही व्यावसायिक 19 किलो के सिलेंडर की सप्लाई प्रमुख तेल कंपनियों ने रोक दी है. जिला आपूर्ति विभाग भी इस पर निगरानी कर रहा है. आपूर्ति अधिकारी निनाद धांडे ने दावा किया कि, सभी तहसीलों में कुलमिलाकर 15 दस्ते तैनात किये गये है, जो व्यावसायिक सिलेंडर पर बंदी के कारण होटल्स, रेस्टारेंट को घरेलू एलपीजी सिलेंडर के इस्तेमाल की निगरानी पर लगे हैं. उन्हें तुरंत और कडे एक्शन लेने के निर्देश दिये गये हैं. इस बीच अमरावती मंंडल ने देखा कि, होटल और कैटरर्स यह वैवाहिक सीजन रहने से कमर्शियल सिलेंडर का जुगाड कर रहे हैं. उसके लिए मुंह मांगे दाम चुकाये जा रहे हैं. वहीं कई होटल, स्टॉल संचालकों ने घरेलू एलपीजी सिलेंडर से भी काम चलाना शुरु किया है. वहीं कुछ होटल्स संचालकों का कहना है कि, उनके यहां प्रतिष्ठान को बंद रखने के अलावा चारा नहीं दिखाई दे रहा. होटल व्यवसाय पर आये सिलेंडर संकट से अकेले अमरावती में ही हजारों लोगों की रोजीरोटी का प्रश्न उपस्थित हो गया है.





