भातकुली-गणोजा देवी रोड की दयनीय अवस्था की हाईकोर्ट ने ली दखल

राज्य सरकार, मध्य रेल्वे और ठेकेदार को नोटिस, अगली सुनवाई 20 अप्रैल को

नागपुर/दि.14– अमरावती जिले के भातकुली-गणोजा देवी मंदिर रोड की दयनीय अवस्था की बंबई उच्च न्यायालय की नागपुर खंडपीठ ने दखल ली है. राज्य सरकार, मध्य रेल्वे और ठेकेदार नीलेश चौरसिया को नोटिस जारी कर 20 अप्रैल तक जवाब मांगा है.
हाईकोर्ट बार एसो. नागपुर के पूर्व सचिव एड. अमोल जलतारे ने जनहित याचिका दाखिल की है. उस पर न्या. अनिल किलोर और न्या. राज वाकोडे के सामने सुनवाई हुई. गणोजा देवी ने प्राचीन महालक्ष्मी मंदिर है. महालक्ष्मी कुलदेवता है. सैकडों भक्त रोज मंदिर आने के लिए उक्त सडक का उपयोग करते हैं. भातकुली-गणोजा देवी लगभग 8 किमी की सडक अत्यंत खराब हो जाने से श्रद्धालुओं में रोष है. उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड रहा है. याचिका में कहा गया कि, कुछ माह में इस मार्ग पर 27 दुर्घटनाएं हो चुकी है.
याचिका के अनुसार सडक के विकास हेतु गत 3 जुलाई 2023 को शासनादेश जारी हुआ था. लोक निर्माण विभाग ने 29 फरवरी 2024 को ठेकेदार को कार्यादेश जारी किया. सडक अब तक बनकर तैयार नहीं हुई है. याचिकाकर्ता के वकील एड. देवव्रत वाडे ने पक्ष रखा.
* रोड, अंडरब्रिज अवैध
मध्य रेल्वे ने लोनिवि की अनुमति लिये बिना अमरावती-भातकुली महामार्ग के रोड अंडरब्रिज का काम शुरु कर दिया. इससे भी महामार्ग का यातायात बंद हो गया है. उसका पर्यायी मार्ग दोनों सडकें खराब होने से आने-जाने वालों को दिक्कत हो रही है. रेल्वे ने सुरक्षित डायवर्जन नहीं बनाया है, ऐसा आरोप याचिका में किया गया.

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