जिले में 500 करोड निवेश की संभावना पर बैठक

क्या ट्रीटमेंट प्लांट के कारण अटके प्रोजेक्ट!

* जिलाधीश ने कहा – विस्तृत प्रस्ताव मुंबई भेजा जाए
अमरावती/दि.17- क्या ट्रीटमेंट प्लांट के कारण अमरावती जिले के औद्योगिक प्रोजेक्ट अटक रहे हैं. इस विषय पर जिलाधीश कार्यालय में हुई बैठक में आशीष येरेकर ने सीधे विस्तृत प्रस्ताव बनाकर एमआईडीसी के मुंबई मुख्यालय भेजने के निर्देश दिए. नॉन टेक्सटाइल उद्योगों को भी सीईटीपी सुविधा मिले, तभी अमरावती में बडे निवेश का मार्ग प्रशस्त होगा. इसी मुद्दे को केंद्र में रखते हुए नांदगांव पेठ अतिरिक्त एमआईडीसी में संचालित कॉमन इफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (सीईटीपी) के सीमित उपयोग पर उद्योजकों ने बडी नाराजगी जताई. बुधवार को जिलाधीश आशीष येरेकर की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट में हुई बैठक में उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने एकजुट होकर सीईटीपी के दायरे को बढाने की मांग रखी.
बैठक में स्पष्ट किया गया कि, वर्तमान में सीईटीपी सुविधा केवल वस्त्र उद्योगों तक सीमित है, जिसके कारण फार्मा, केमिकल और एग्रो आधारित उद्योगों को संचालन में कठिनाई हो रही है. यही वजह है कि, शासन की योजनाओं के बावजूद इस क्षेत्र में औद्योगिक विकास अपेक्षित गति नहीं पकड पा रहा है. एफआईए विदर्भ के अध्यक्ष परेश राजा ने बैठक में कहा कि, यदि सीईपीटी सभी उद्योगों के लिए उपलब्ध कराई जाती है, तो शुरुआती चरण में ही करीब 500 करोड रुपए का निवेश आकर्षित किया जा सकता है. उन्होंने बताया कि, हैैदराबाद और मुंबई जैसे औद्योगिक केंद्रों से विशेष रुप से फार्मा और स्पेशालिटी केमिकल्स सेक्टर के निवेशक अमरावती में रुचि दिखा रहे हैं.
* प्रस्ताव प्राथमिकता से भेजें – येरेकर
बैठक के अंत में जिलाधिकारी आशीष येरेकर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि, इस विषय को प्राथमिकता देते हुए विस्तृत प्रस्ताव शीघ्र ही एमआईडीसी मुख्यालय, मुंबई भेजा जाए, ताकि आवश्यक निर्णय लेकर उद्योगों को राहत दी जा सके.
* तकनीकी बदलाव जरुरी
सीईटीपी का संचालन कर रही कंपनी एसएमएस इन्फ्रास्ट्रक्चर के प्रतिनिधियों ने बताया कि, गैर वस्त्र उद्योगों के अपशिष्ट जल के उपचार के लिए प्लांट में तकनीकी संशोधन आवश्यक होंगे. चूंकि यह प्लांट में एमआईडीसी द्वारा स्थापित है, इसलिए इन बदलावों का निर्णय और क्रियान्वयन भी एमआईडीसी को ही करना होगा.

 

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