अमरावती स्थानीय निकाय सीट का विधान परिषद चुनाव जल्द

जिला परिषद चुनाव की नहीं रहेगी बाधा

* शीघ्र इलेक्शन घोषित होने की संभावना, दल लगे काम से
अमरावती/ दि.16 –स्थानीय स्वराज्य संस्था अर्थात स्थानीय निकाय से चुने जाते विधान परिषद प्रतिनिधि का दो वर्षो से प्रलंबित इलेक्शन शीघ्र होने की संभावना राजनीतिक हलकों में व्यक्त की जा रही है. शीघ्र इलेक्शन तारीख घोषित होने की संभावना के साथ राजनीतिक दल व्यूहरचना में बिजी हो जाने की चर्चा है. इसमें अमरावती के स्थानीय निकायों से चुने जाते विधायक का समावेश है. पिछली बार इस सीट से बीजेपी के प्रवीण पोटे पाटिल धूमधडाके से विजयी हुए थे. अमरावती के साथ ही वर्धा-चंद्रपुर-गडचिरोली, नागपुर, छत्रपति संभाजी नगर- जालना, परभनी- हिंगोली, यवतमाल, भंडारा- गोंदिया, पुणे, नाशिक, सिंधु दुर्ग- रायगढ- रत्नागिरी सहित 17 सीटों का समावेश रहने की जानकारी दी गई.
जिला परिषद का प्रभाव नहीं
जानकारों ने दावा किया कि स्थानीय निकाय से उच्च सदन पहुंचनेवाले विधायकों के चुनाव में जिला परिषद सदन का गठन न हो पाना बाधा नहीं बनेगा. बगैर जिला परिषद सदस्यों के यह चुनाव कराए जा सकते हैं. अमरावती, नागपुर, यवतमाल, ठाणे, जलगांव, सोलापुर की विधान परिषद सीटों के भी चुनाव प्रलंबित है. वे अब बगैर जिला परिषद के कराए जा सकते हैं.
कौन करता है वोटिंग
स्थानीय निकाय में महानगरपालिका, नगर परिषद, नगर पंचायत और पंचायत समितियों के सभासद वोट डालकर अपना विधान परिषद का नुमाइंदा चुनते हैं. जिससे राज्य चुनाव आयोग ने तैयारी छेड देने की खबर है. मुख्य चुनाव अधिकारी एस चोक्कलिंगम के कार्यालय में विधान परिषद की उपरोक्त 17 सीटों के चुनाव के बारे में केन्द्रीय चुनाव आयोग को रिपोर्ट भेजी जा रही है. उसके बाद आयोग चुनाव की घोषणा करेगा. 17 निर्वाचन क्षेत्रों में अधिकांश पर महायुति का संख्याबल बढा रहने से महाविकास आघाडी की तुलना में महायुति को बडी सफलता मिलने की संभावना है. उल्लेखनीय है कि कुछ माह पहले ही नगर परिषद, नगर पंचायत और महापालिका के चुनाव हो चुके हैं. प्रदेश की एक दर्जन जिला परिषद के भी चुनाव संपन्न हुए हैं. जिससे अब चर्चा है कि स्थानीय निकाय के विधान परिषद सदस्यों के भी चुनाव हो सकते हैं.
बता दें कि मिनी मंत्रालय अर्थात झेडपी के चुनाव आरक्षण सीमा लांघ देने के कारण प्रलंबित हुए हैं. इस बारे में कोर्ट में सुनवाई चल रही है. जिससे पहले कहा जा रहा था कि जिला परिषद चुनाव होने तक विधान परिषद के भी चुनाव टलेंगे. अमरावती संभाग में 2 सीटें हैं.

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