राउत की मानहानि याचिका पर नीतेश राणे के विरुद्ध वारंट

कोर्ट में हाजिर रहकर मंत्री जी को लेनी होगी जमानत

* कहा था- संजय राउत शीघ्र जाएंगे राष्ट्रवादी में
मुंबई/दि.18-  के सांसद संजय राउत द्वारा दाखिल मानहानि की फौजदारी शिकायत में एक बड़ी घटना सामने आई है. माझगाव मजिस्ट्रेट कोर्ट ने भाजपा नेता और मत्स्यव्यवसाय व बंदर विकास राज्य मंत्री नीतेश राणे के खिलाफ जमानती वारंट जारी किया है. इस फैसले से राज्य की राजनीति में एक बार फिर आरोप-प्रत्यारोप की चिंगारी भड़क गई है. अदालत के इस आदेश के बाद अब नितेश राणे को व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में उपस्थित होकर जमानत लेनी होगी.
इस मामले की शुरुआत एक राजनीतिक बयान से हुई थी. 7 मई को नीतेश राणे ने अपने बयान में दावा किया था कि संजय राऊत जल्द ही राष्ट्रवादी कांग्रेस में शामिल होंगे. उन्होंने यह भी स्पष्ट रूप से कहा था कि 10 जून तक यह प्रवेश हो जाएगा. इस बयान से राजनीतिक हलकों में बड़ी चर्चा शुरू हो गई थी. हालांकि, संजय राऊत ने इस बयान को अपनी सार्वजनिक बदनामी करने वाला बताते हुए अदालत का दरवाजा खटखटाया.
याचिका में राऊत ने कहा था कि उनकी राजनीतिक छवि को नुकसान पहुंचाने के लिए जानबूझकर ऐसा बयान दिया गया. इसलिए उन्होंने नितेश राणे के खिलाफ मानहानि का फौजदारी मामला दर्ज किया. यह मामला माझगाव मजिस्ट्रेट कोर्ट में चल रहा था. इस दौरान, इस केस की सुनवाई किसी अन्य कोर्ट में हो, इस मांग के साथ नितेश राणे ने सत्र न्यायालय में आवेदन किया था. हालांकि, सत्र न्यायालय ने यह मांग खारिज कर दी.
इसके बाद अदालत द्वारा दी गई अगली तारीखों पर नितेश राणे की अनुपस्थिति दर्ज की गई. लगातार दो बार उपस्थित न रहने के कारण अदालत ने सख्त रुख अपनाते हुए उनके खिलाफ जमानती वारंट जारी करने का फैसला लिया. इससे अब इस मामले में नया मोड़ आ गया है और अगली सुनवाई पर सबकी नजरें टिकी हैं.
इस पूरे विवाद की पृष्ठभूमि देखें तो संजय राऊत और नितेश राणे के बीच राजनीतिक टकराव नया नहीं है. इससे पहले भी दोनों नेताओं ने एक-दूसरे पर कई बार तीखी आलोचना की है. मई 2023 में नीतेश राणे द्वारा संजय राऊत पर आपत्तिजनक शब्दों में टिप्पणी करने का आरोप भी लगाया गया था. उसी घटना के बाद इस मानहानि मामले की नींव पड़ी थी.

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