अमरावती में सूरज उगल रहा आग
मनपा प्रशासन ने जारी किया ‘हीट वेव’ का अलर्ट

* दोपहर के वक्त घर से बाहर नहीं निकलने की हिदायत
* निगमायुक्त वर्षा लढ्ढा ने जारी की एडवायजरी
अमरावती /दि.18- विगत कुछ दिनों से अमरावती शहर सहित जिले में सूरज मानों आग उगल रहा है और धूप व गर्मी के जबरदस्त थपेडों की वजह से अमरावतीवासी बुरी तरह से झुलसने के लिए मजबूर है. लगातार बढते तापमान के चलते उष्माघात होने का खतरा भी बना हुआ है. इस बात को ध्यान में रखते हुए मनपा प्रशासन ने ‘हीट वेव’ का अलर्ट जारी किया है. साथ ही साथ मनपा आयुक्त वर्षा लढ्ढा ने आम नागरिकों के लिए एक एडवायजरी जारी करते हुए सभी लोगों से दोपहर 12 से 3 बजे के दौरान अपने घरों से बाहर नहीं निकलने की अपील की है. साथ ही साथ सभी लोगों से अपने स्वास्थ्य को लेकर विशेष सावधानी बरतने का आवाहन भी किया गया है.
बता दें कि, इस समय अमरावती जिले सहित समूचे विदर्भ में आसमान से आग बरस रही है. तापमान लगातार चढ रहा है. लोगों का जीना मुहाल हो रखा है. ऐसे में मौसम विभाग ने समूचे राज्य में आगामी कुछ दिनों तक भीषण गर्मी पडने का अंदाज व्यक्त करते हुए विदर्भ में 19 अप्रैल तक हीट वेव की आशंका व्यक्त की है. जिसे ध्यान में रखते हुए मनपा प्रशासन ने अमरावती के सभीलोगों को सावधान व सतर्क किया है. इस समय अमरावती शहर सहित जिले में पारा 44 डिग्री सेल्सीअस के स्तर तक जा पहुंचा है. साथ ही दावा किया जा रहा है कि, आगामी 28 अप्रैल तक अमरावती संभाग में कई स्थानों पर पारा 47-48 डिग्री तक नया रिकॉर्ड होने की आशंका है. यहां यह विशेष उल्लेखनीय है कि, विदर्भ क्षेत्र के अमरावती और अकोला पहले ही देश में सबसे हॉट बने हुए है. जिसके चलते इन दोनों शहरों व जिलों में उष्माघात का खतरा जबरदस्त ढंग से बना हुआ है.
इस बात को ध्यान में रखते हुए मनपा प्रशासन ने नागरिकों से अलर्ट रहने की अपील की है और कुछ ज़रूरी निर्देश दिए हैं. जिनमें गर्मी से बचने के लिए खूब पानी और ओआरएस पीना ज़रूरी कहा गया है. साथ ही यह भी बताया गया है कि गर्मी के मौसम मेें हल्के रंग के ढीले सूती कपड़े पहनना, बाहर जाते समय टोपी या छाता इस्तेमाल करना और हो सके तो छांव में आराम करना ज़रूरी है. खासकर दोपहर 12 से 4 बजे के बीच बाहर जाने से बचने की सलाह दी गई है. इसके अलावा, कुछ चीज़ों से बचने की भी सलाह दी गई है. दोपहर में ज़्यादा मेहनत वाला काम करने से बचें, धूप में नंगे पैर न चलें और शराब, चाय, कॉफी और ज़्यादा चीनी वाली ड्रिंक्स कम मात्रा में पिएं. बच्चों या पालतू जानवरों को बंद गाड़ियों में न छोड़ें. जो लोग फैक्ट्रियों में काम करते हैं, खासकर ज़्यादा तापमान वाली जगहों पर, उन्हें खास ध्यान रखना चाहिए, क्योंकि ऐसी स्थितियों में हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है.
* बच्चे, बुज़ुर्ग और बीमार सबसे ज़्यादा प्रभावित
बच्चे, बुज़ुर्ग, गर्भवती महिलाएं और बीमार लोग गर्मी से सबसे ज़्यादा प्रभावित हो सकते हैं. इसलिए, इन वजहों से खास सावधानी बरतने की ज़रूरत है. बहुत ज़्यादा पसीना आना, ज़्यादा प्यास लगना, स्किन का रूखा होना, बुखार, चक्कर आना या उल्टी होना हीट स्ट्रोक के लक्षण हो सकते हैं. अगर ऐसे लक्षण दिखें, तो प्रशासन ने मरीज़ को तुरंत ठंडी जगह पर ले जाने और पास के हॉस्पिटल में इलाज कराने की सलाह दी है.





